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Fact Check: SIR के हंगामे के बीच पीएम मोदी का पुराना वीडियो एडिट कर दुष्प्रचार की मंशा से किया जा रहा शेयर

पीएम मोदी की चार साल पुरानी स्पीच के एक अंश को एडिट कर संदर्भ से हटाकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। पहले भी यह वीडियो सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ वायरल हो चुका है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Aug 13, 2025 at 04:52 PM
  • Updated: Aug 13, 2025 at 07:37 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार में जल्द विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगा रहा है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने एक सार्वजनिक सभा में भाषण देते हुए वोटिंग में हेरा-फेरी की बात को ‘स्वीकार’ कर लिया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। पीएम मोदी की चार साल पुरानी स्पीच के एक अंश को एटिड कर संदर्भ से हटाकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। असली वीडियो में वो डाकू और लुटेरे की कहानी सुना रहे थे और प्रसंग में इन्हीं पात्रों का जिक्र कर रहे थे। इसी वीडियो को एडिट कर संदर्भ से हटाकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वो इस प्रसंग की बारे में नहीं, बल्कि विपक्ष के वोट चोरी के आरोप पर बोल रहे हैं।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘पुष्पेंद्र यादव बोझा सैफई’ ने 12 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “आखिरकार सच बोल दिया।”

पोस्ट के आर्काइव को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया।  हमें वीडियो का लंबा वर्जन भाजपा पश्चिम बंगाल के यूट्यूब चैनल पर शेयर मिला। वीडियो को 10 अप्रैल 2025 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुई एक रैली का है। 

वीडियो को पूरा देखने के बाद हमने यह पाया कि असल में पीएम मोदी सभा को संबोधित करते हुए डाकू-लुटेरे की एक कहानी सुना रहे थे। इसी कहानी के एक अंश को एटिड कर संदर्भ से हटाकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। उन्होंने वायरल वीडियो वाली बातें अपने लिए नहीं, बल्कि कहानी के पात्र के लिए कही थी। असली वीडियो में 59 मिनट के बाद पीएम मोदी को पश्चिम बंगाल की सरकार पर हमला बोलते हुए एक डाकू की कहानी सुनाते हुए सुना जा सकता है। इसमें पीएम मोदी कहते हैं, “जब हम छोटे थे, तब एक कथा सुनी थी। उस कथा में एक बहुत बड़ा डाकू-लुटेरा था, उसे फांसी की सजा हुई। जब उसे सजा हुई तो उससे पूछा तुम्हारी आखिरी इच्छा क्या है। उसने कहा कि वो अपनी मां से मिलना चाहता है। जब वो अपनी मां से मिला, तो उसने झपटकर अपनी मां की नाक को काट लिया। इसके बाद लोगों ने उससे पूछा, तुमने ऐसा क्यों किया। तब वह बोला कि जब मैं छोटी चोरी करता था उस दिन अगर मेरी मां ने रोका होता, तो मैं इतना बड़ा लुटेरा न बनता।”

सोशल मीडिया पर पहले भी यह वीडियो इसी तरीके से गलत दावे के साथ वायरल हो चुकी है। उस दौरान हमने इसे लेकर भाजपा के प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री सोनकर शास्त्री से बातचीत की थी। उन्होंने वीडियो को एडिटेड और पीएम मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार बताया था।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को चार हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पीएम मोदी की चार साल पुरानी स्पीच के एक अंश को एडिट कर संदर्भ से हटाकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। असली वीडियो में वो डाकू और लुटेरे की कहानी सुना रहे थे और प्रसंग में इन्हीं पात्रों का जिक्र कर रहे थे। इसी वीडियो को एडिट कर संदर्भ से हटाकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वो इस प्रसंग की बारे में नहीं, बल्कि विपक्ष के वोट चोरी के आरोप पर बोल रहे हैं।

  • Claim Review : पीएम मोदी ने कहा जब मैं छोटी चोरी करता था, उस दिन मेरी मां ने रोका होता,तो मैं लुटेरा ना बनता।
  • Claimed By : Thread User dynamic_x_parsu
  • Fact Check : झूठ

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