Fact Check: जमशेदपुर में वोटिंग को लेकर वायरल हो रहा दावा गलत, पुलिस ने नहीं चलाई गोली

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नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पुलिस और आम नागरिकों के बीच की झड़प से संबंधित कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि जमशेदपुर का स्थानीय प्रशासन कथित रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पक्ष में मतदान करा रहा थे और विरोध करने पर धुंआधार गोलियां चलाई गईं।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबकु पेज ”AIMIM Sahibganj Jharkjand” से पांच तस्वीरें साझा की गई है, जिसमें दावा किया गया है, ‘जमशेदपुर से खबर आ रही है कि प्रशासन भाजपा को जबरन वोटिंग करवा रहे थे

विरोध करने पर धुआंधार गोलियां चलाई गई, वोटरों को घरों से निकाल कर पीटा गया और इस घटना में भाजपा के लोग संघ के लोग पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर उपद्रव मचा रहे थे। Post by Time of Bisra-Odisha.”

पड़ताल किए जाने तक इस तस्वीर को करीब 150 बार शेयर किया जा चुका है।

पड़ताल

वायरल पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद हमें वहीं तस्वीरें मिलते जुलते दावे के साथ मिलीं। ‘’Time of Bisra-Odisha’’ के फेसबुक पेज पर इन तस्वीरों को इस दावे के साथ शेयर किया गया है।

 ‘यही है आर्मी वाले आतंकवादी गिरी करते हुए, लेडीज लोग के साथ जमशेदपुर जुगसलाई में 12/05/2019 PM’

रिवर्स इमेज से हमें पता चला कि सभी तस्वीरें जमशेदपुर की ही हैं, जिसका दावा पोस्ट में किया गया था। लेकिन तस्वीर के साथ किया गया दावा पूरी गलत है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक 12 मई को जमशेदपुर समेत झारखंड की 4 लोकसभा सीटों पर चुनाव हुआ था।

रिवर्स इमेज में हमें ‘’The Avenue Mail’’ का लिंक मिला। ‘’द एवेन्यू मॉल’’ झारखंड का अंग्रेजी दैनिक होने का दावा करता है। वेबसाइट पर प्रकाशित खबर में वहीं सभी फोटों नजर आईं। खबर के मुताबिक सभी तस्वीरें जमशेदपुर के जुगसलाई की हैं, जहां मतदान के दौरान हुए संघर्ष के दौरान शांति व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

स्थानीय अंग्रेजी दैनिक के दावे की पुष्टि दैनिक जागरण में छपी खबर से की जा सकती है। 13 मई 2019 को जागरण के जमशेदपुर संस्करण में प्रकाशित लीड खबर ‘जुगसलाई में पुलिस पर पथराव लाठीचार्ज, चले आंसू गैस के गोले’ हेडलाइन से प्रकाशित है।

13 मई के दैनिक जागरण के जमशेदपुर संस्करण में प्रकाशित खबर।

खबर के मुताबिक जमशेदपुर लोकसभा सीट पर मतदान के दौरान रविवार दिन दो बजे जुगसलाई के सेंट जॉन स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर झामुमो और बीजेपी समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई और इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच भिड़ंत शुरू हो गई। बीजेपी पोलिंग एजेंट विक्की की पिटाई के बाद उपद्रव की शुरुआत हुई। पोलिंग एजेंट ने एक मतदाता पर बोगस वोटिंग का आरोप लगाया था। स्थिति को नियंत्रण करने पहुंची पुलिस पर ही उग्र लोगों ने पथराव करना शुरू किया, जिसमें सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों को भी चोटें आईं।

इसके बाद पुलिस ने उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज किया। पुलिस की कार्रवाई से थोड़ी देर के शांति रही, लेकिन दोबारा दोनों पक्ष सड़कों पर आ गए। खबर के मुताबिक एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और वाहन जलाने की भी कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े।

बढ़ते तनाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने इस इलाके में 18 मई तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक उपद्रव की वजह बीजेपी और झामुमो समर्थकों के बीच हुई झड़प थी, न कि बूथ कैप्चरिंग, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया है। फेसबुक पर दावा किया गया है कि पुलिस ने लोगों पर धुंआधार गोलियां चलाई, जो सच नहीं है। पुलिस ने उपद्रवियों को नियंत्रित करने लिए आंसू गैस के गोल दागे थे।

विश्वास न्यूज के सहयोगी पत्रकार ने जब इसे लेकर जमशेदपुर के सीनियर एसपी अनूप बिरथरे से बात की उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए बताया, ‘घटना 12 मई के जुगसलाई इलाके की है, जिसमें एफआईआर दर्ज करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और फोटो एवं वीडियो की मदद से 70 लोगों की पहचान की गई है।’ बिरथरे ने कहा कि यह मामला वोटिंग को प्रभावित करने का नहीं था।

उन्होंने गोली चलाए जाने की घटना का खंडन करते हुए कहा, ‘उपद्रवी लोगों को तितर बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठी चार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए। भीड़ को काबू में करने के लिए न तो फायरिंग की जरूरत थी और नहीं ऐसा किया गया।’

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में झारखंड के जमशेदपुर के जुगसलाई में बूथ कैप्चरिंग और पुलिस के गोली चलाए जाने का दावा गलत साबित होता है। 12 मई को हुए मतदान के दौरान इस इलाके में दो दलों के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठी चार्ज करना पड़ा था।

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Written BY Abhishek Parashar
  • Claim Review : बीजेपी के पक्ष में जबरन मतदान कराए जाने के विरोध में पुलिस ने चलाई गोलियां
  • Claimed By : FB user-AIMIM Sahibganj Jharkhand
  • Fact Check : False

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