Fact Check: योगी आदित्यनाथ की तस्वीर से छेड़छाड़ करके उस पर लगाया गया है पुतिन का चेहरा

नई दिल्ली (विश्वास टीम)।आए दिन सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें वायरल होती रहतीं हैं जिन्हें देखते ही लोग बिना उनकी सच्चाई जाने शेयर करना शुरू कर देते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर आज कल लोग काफी शेयर कर रहे हैं जिसमें रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन को भगवा कपड़ों में और गले में रुद्राक्ष की माला डाले देखा जा सकता है। फोटो के साथ क्लेम किया गया है कि रूस के प्रेसिडेंट ने रशियन संसद को भगवा कपड़ों में सम्बोधित किया। हमारी पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा गलत है। असल में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर से छेड़छाड़ करके उस पर व्लादिमीर पुतिन का चेहरा लगाया गया है।

CLAIM

वायरल पोस्ट में रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन को भगवा कपड़ों में और गले में रुद्राक्ष की माला डाले देखा जा सकता है। फोटो के साथ क्लेम किया गया है: “रशीया के प्रेसीडेंट पुतीने योगीजी ने दिये भगवा कपडा ओर माला पहेन के आज मॉस्को कि सांसद मे स्पीच देके सभी हिंदूओ का दिल जीत लिया 🙏🇮🇳।”

FACT CHECK

पड़ताल के लिए हमने इस तस्वीर का ठीक से विश्लेषण किया। तस्वीर को देखने पर ही फोटो के चेहरे में और हाथों में रंग का फर्क नज़र आता है।

हमने इस तस्वीर की पड़ताल करने के लिए इसका स्क्रीनशॉट लिया फिर उसे गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। पहले ही पेज पर हमें योगी आदित्यनाथ की एक तस्वीर दिखी जो चेहरे को छोड़ कर वायरल तस्वीर से हूबहू मिलती थी।

इसके बाद हमने ज़्यादा पुष्टि के लिए दिल्ली में स्थित रुसी एम्बेसी के प्रेस सेक्रेटरी सेमीईकोतोव व्लादिमीर इगोरविच (SemiEktov Vladimir Igorevich) से बात की जिन्होंने इस तस्वीर को फेक बताया।

पोस्ट में कहा गया है कि पुतिन ने भगवा कपड़ों में मॉस्को कि सांसद मे स्पीच दी। हमने जांचा तो पाया कि रूस की संसद को Federal Assembly कहा जाता है न कि संसद।

हमने इस सिलसिले में पुतिन के पिछले कई Federal Assembly सम्बोधन ढूंढे पर हमें किसी भी सम्बोधन में वो भगवा वेशभूषा में नज़र नहीं आये।

थोड़ी जांच करने पर हमने पाया कि फेडरेशन काउंसिल का सत्र 25 जनवरी से 15 जुलाई तक और 16 सितंबर से 31 दिसंबर तक आयोजित किए जाते हैं। साफ़ है कि अभी फेडरेशन काउंसिल का कोई सत्र नहीं चल रहा है जहाँ पुतिन ने सम्बोधन दिया हो।

इस पोस्ट को Jay Thakor‎ नाम के फेसबुक यूजर ने WE SUPPORT NARENDRA MODI नाम के फेसबुक पेज पर शेयर किया था। इस पेज के कुल 2,930,660 मेंबर्स हैं।

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा गलत है। असल में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर से एडिटिंग टूल्स की मदद से छेड़छाड़ करके उस पर व्लादमीर पुतिन का चेहरा लगाया गया है।

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