Fact Check: राजस्थान की रैली का पुराना वीडियो इटावा कथावाचक मामले से जोड़कर वायरल
इटावा कथावाचक मामले के बाद गांव में पहुंचकर कई लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस विवाद से जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो राजस्थान की पुरानी रैली का है। इसका इटावा से कोई संबंध नहीं है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jun 28, 2025 at 04:18 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इटावा में हुए कथावाचक मामले से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें हजारों लोगों की रैली को देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि इटावा में हुए विवाद के बाद बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग वहां पहुंच गए हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा गलत निकला। दरअसल, वायरल वीडियो राजस्थान के बाड़मेर का है, जहां अप्रैल 2024 में रविंद्र भाटी की नामांकन रैली में काफी लोग जुटे थे। उस रैली के वीडियो को इटावा मामले से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
वायरल पोस्ट
इंस्टाग्राम यूजर bahubali_rahul_yadav_0333 ने 27 जून को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “इटावा में यादव भाइयों का काफिला”

पड़ताल
वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर उसमें एक गाड़ी पर रविंद्र सिंह भाटी लिखा दिख रहा है।

इसके बाद वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर इंस्टा यूजर praveenbarmer19 और viralbhayani के अकाउंट पर अपलोड वीडियो मिला। इन्हें 4 अप्रैल 2024 और 10 अप्रैल 2024 को पोस्ट किया गया है। इनमें वायरल वीडियो को देखा जा सकता है। पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, वीडियो बाड़मेर में रविंद्र सिंह भाटी की रैली का है।


4 अप्रैल 2024 को एनडीटीवी राजस्थान की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनसुार, भाटी बाड़मेर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे हैं। वह बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं। भाटी की नामांकन रैली में हजारों लोग जुटे थे। खबर में रैली के दो वीडियो भी देखे जा सकते हैं।

इस बारे में राजस्थान के स्थानीय पत्रकार संतोष पांडे का कहना है कि यह वीडियो बाड़मेर का पिछले साल की रैली का है।
27 जून को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक, इटावा के गांव दांदरपुर में कथा वाचक को अपमानित करने की घटना के बाद सैकड़ों लोग बकेवर में जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने रोड पर पुलिस प्रशासन और ब्राह्मणों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। बाद में उन्होंने थाने में घुसने का प्रयास किया। वहां से वे नारेबाजी करते हुए दांदरपुर के लिए चले गए। रास्ते में इन लोगों ने एनएच 19 पर जाम लगा दिया। पुलिस ने किसी तरफ उनको समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी दांदरपुर जाने के लिए आगे बढ़े। टढ़वा कछियान के पास पुलिस ने उनको रोकने का प्रयास किया तो लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। 19 को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

राजस्थान के वीडियो को इटावा का बताने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के 1799 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: इटावा कथावाचक मामले के बाद गांव में पहुंचकर कई लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस विवाद से जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो राजस्थान की पुरानी रैली का है। इसका इटावा से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : इटावा में हुए विवाद के बाद बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग वहां पहुंच गए हैं।
- Claimed By : Insta User- bahubali_rahul_yadav_0333
- Fact Check : झूठ
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