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Fact Check: सोनम वांगचुक और मोहम्मद यूनुस की 2020 की तस्वीर लद्दाख हिंसा के बाद भ्रामक दावे से वायरल

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोनम वांगचुक और सलाहकार मोहम्मद यूनुस की वायरल तस्वीर हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि पांच साल पुरानी है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Sep 30, 2025 at 10:39 AM
  • Updated: Sep 30, 2025 at 11:13 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लद्दाख में हुई हिंसा के बाद सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पर भीड़ को भड़काने के आरोप लगे हैं। हिंसा के बाद पुलिस ने उनकी पाकिस्तान और बांग्लादेश यात्राओं पर भी कई सवाल उठाये हैं। इसी के बाद से ही वांगचुक की एक फोटो तेजी से वायरल हो रहा है। तस्वीर में वांगचुक को बांग्लादेश के अंतरिम मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को गले लगाते हुए देखा जा सकता है। फोटो को लद्दाख हिंसा से जोड़ते हुए हालिया मुलाकात का बताते हुए शेयर किया जा रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रही तस्वीर हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि पांच साल पुरानी है। सोनम वांगचुक ने साल 2020 में उनसे मुलाकात की थी। यह तस्वीर उसी दौरान की है, जिसे अब भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। उस दौरान बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार थी। साल 2024 में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद मोहम्मद यूनुस को अंतरिम मुख्य सलाहकार बनाया गया था।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Prem Kumar Mahur’ ने 25 सितंबर 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “लद्दाख के सोनम वांगचुक बंगला देश के मोहम्मद युनुस के साथ *यह है भारत विरोधी अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रकारियों का खेल और उसके एजेंट अंतर्राष्ट्रीय दलाल दल एवं अंतर्राष्ट्रीय दलाल परिवार की साजिश।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने फोटो को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल तस्वीर सोनम वांगचुक के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 8 फरवरी 2020 को शेयर हुई मिली। मौजूद जानकारी के मुताबिक, दोनों की मुलाकात ढाका में ब्रिटिश उच्चायोग में हुई थी।

हमें पड़ताल के दौरान वायरल तस्वीरें सोनम वांगचुक के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर साल 2020 को शेयर हुई मिली। 

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 9 अगस्त 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया के रूप में कमान संभाली थी। राष्ट्रपति मुहम्मद शहाबुद्दीन ने 84 वर्षीय यूनुस को पीएम पद के समकक्ष मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ दिलाई थी।” 

गौरतलब है कि साल 2020 में बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार थी। साल 2024 में उनके खिलाफ हुए विरोध और देश में व्यापक तौर पर बिगड़ते हालातों के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश छोड़कर विदेश में किसी सुरक्षित जगह पहुंचाया गया था। 

एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर 27 सितंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “लद्दाख के लेह में 24 सितंबर को भारी हिंसा हुई थी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। लद्दाख में यह हिंसा लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में जोड़ने को लेकर हो रहे आंदोलन के दौरान हुई थी। वहीं, इस हिंसा को भड़काने का आरोप सरकार ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगाया था। इसके बाद सोनम वांगचुक पर एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं, एफआईआर होने के बाद पुलिस ने सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया है। लद्दाख में हुई इस घटना के बाद सोनम वांगचुक को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया।

एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर 27 सितंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “लद्दाख में हुई हिंसा के बाद सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पर भीड़ को उकसाने, हिंसा भड़काने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसी बीच इस मामले में पाकिस्तान का एंगल भी सामने आ रहा है। लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसडी सिंह जामवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वांगचुक की पाकिस्तान और बांग्लादेश  यात्राओं पर सवाल उठाए हैं।”

अधिक जानकारी के लिए हमने बांग्लादेश के पत्रकार तौसीफ अकबर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल तस्वीर करीब पांच साल पुरानी है।

अंत में वायरल तस्वीर को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। यूजर को करीब दो हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोनम वांगचुक और सलाहकार मोहम्मद यूनुस की वायरल तस्वीर हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि पांच साल पुरानी है। सोनम वांगचुक ने साल 2020 में उनसे मुलाकात की थी। यह तस्वीर उसी दौरान की है, जिसे अब भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : सोनम वांगचुक और मोहम्मद यूनुस ने लद्दाख हिंसा से पहले की थी मुलाकात।
  • Claimed By : FB User Prem Kumar Mahur
  • Fact Check : भ्रामक

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