Fact Check : सपा नेता पर लाठीचार्ज का पुराना वीडियो वक्फ संशोधन बिल से जोड़कर वायरल
सपा नेता पर लाठीचार्ज करती यूपी पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल वीडियो का वक्फ संशोधन बिल से कोई संबंध नहीं है। असल में वायरल वीडियो साल 2020 का है और लखनऊ में हुए एक विरोध प्रदर्शन का है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Apr 3, 2025 at 03:38 PM
- Updated: Apr 3, 2025 at 05:58 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर लाल टोपी पहने हुए एक शख्स को पीटने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को वक्फ संशोधन बिल से जोड़ते हुए शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर रहे समाजवादी पार्टी के नेता को लोगों ने दौड़कर पीटा।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वायरल वीडियो का वक्फ संशोधन बिल से कोई संबंध नहीं है। असल में वायरल वीडियो साल 2020 का है और लखनऊ में हुए एक विरोध प्रदर्शन का है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘राम जाने’ ने 2 अप्रैल 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “लाल टोपी गैंग का — लाल, वक्फबोर्ड बिल।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। हमें वायरल वीडियो एलएनवी इंडिया नामक एक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 9 दिसंबर 2020 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो लखनऊ में हुई घटना का है।
पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो से मिलता-जुलता एक वीडियो ज्ञान प्रकाश यादव #इंडिया नामक एक एक्स अकाउंट पर मिला। वीडियो को 7 दिसंबर 2020 को शेयर किया गया था। वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “लखनऊ में समाजवादी पार्टी के ऑफिस के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं पर यूपी पुलिस का लाठीचार्ज…अखिलेश यादव आज कन्नौज से ट्रैक्टर यात्रा शुरू करना चाहते थे।”
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट नवभारत टाइम्स की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 9 दिसंबर 2020 को शेयर किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कन्नौज जा रहे थे। मामले को बढ़ता देख उन्हें यूपी पुलिस ने बीच में ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया। जैसे ही यह बात सामने आई समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ऐसे ही एक प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए सपा नेता मोहम्मद यामीन खान भी पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान जब हालातों को काबू पाने के लिए यूपी पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। उस समय यामीन खान को कई चोटें आई थी।

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां और यहां पर देखा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए हमने लखनऊ के चीफ रिपोर्टर राजीव बाजपेई से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो करीब चार साल पुराना है और लखनऊ में हुए एक प्रदर्शन के दौरान का है।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को 1.5 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सपा नेता पर लाठीचार्ज करती यूपी पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल वीडियो का वक्फ संशोधन बिल से कोई संबंध नहीं है। असल में वायरल वीडियो साल 2020 का है और लखनऊ में हुए एक विरोध प्रदर्शन का है।
- Claim Review : वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहें सपा नेता पर हुई लाठीचार्ज।
- Claimed By : FB User राम जाने
- Fact Check : झूठ
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