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Fact Check: रोते हुए लालू यादव की यह तस्वीर एडिटेड है

विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट फर्जी है। वायरल फोटो एडिटेड है। लालू यादव के बंगला छोड़ने की खबर सही है, लेकिन रोने वाली तस्वीर एडिटेड है, जिसे उनकी पुरानी तस्वीर को मॉर्फ्ड कर बनाया गया है।

  • By: Pallavi Mishra
  • Published: Jan 5, 2026 at 03:22 PM
  • Updated: Jan 5, 2026 at 05:26 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 20 साल बाद अपना सरकारी बंगला (10 सर्कुलर रोड, पटना) छोड़ते समय राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपने आंसू नहीं रोक पाए। तस्वीर में लालू यादव को रोते हुए और उनके साथ बेटे तेज प्रताप यादव को खड़ा दिखाया गया है।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा भ्रामक पाया गया है।

विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट फर्जी है। वायरल फोटो एडिटेड है। लालू यादव के बंगला छोड़ने की खबर सही है, लेकिन रोने वाली तस्वीर एडिटेड है, जिसे उनकी पुरानी तस्वीर को मॉर्फ्ड कर बनाया गया है।

क्या है वायरल पोस्ट में

फेसबुक यूजर Rajiv Raj ने 4 जनवरी 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा “रावड़ी आवाज छोड़ते हुए लालू यादव की आंख से आंसू रुक नहीं पाई 20 साल से इस बंगले में रह रहे थे लालू परिवार साथ में तेज प्रताप यादव भी नजर आए #TejPratapYadav #LaluYadav”

पड़ताल

पड़ताल के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें वायरल वीडियो वाला फुटेज anilsamrat_10 नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर की 10 अप्रैल 2025 की एक रील में मिला। यहां साफ़ देखा जा सकता है कि लालू यादव रो नहीं रहे हैं।

यही फुटेज हमें @yadav_samudaya नाम के यूट्यूब चैनल पर भी 3 मई 2025 को अपलोड मिली। यहां भी देखा जा सकता है कि लालू यादव रो नहीं रहे हैं।

इस रील के स्क्रीनशॉट्स को गूगल लेंस पर सर्च करने पर हमें न्यूज वेबसाइट प्रो केरल की 15 जनवरी 2025 की एक खबर मिली, जिसमें लालू यादव, उनका हाथ पकड़कर उनको सहारा देते व्यक्ति और तेज प्रताप यादव को उन्हीं कपड़ों में मगर दूसरे एंगल से देखा जा सकता है। खबर के अनुसार, यह तस्वीर 15 जनवरी, 2025 की है, जब राजद प्रमुख लालू यादव पटना में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस के आवास पर गए थे।

ANI के यूट्यूब चैनल पर भी 15 जनवरी 2025 को लालू यादव के पशुपति कुमार पारस के आवास पर जाने का ये फुटेज मौजूद है जिसमें वायरल तस्वीर में मौजूद उन्हीं लोगों को उन्हीं कपड़ों में मगर दूसरे एंगल ल से देखा जा सकता है।,

हमने इस मामले में पटना में दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी अश्विनी कुमार से भी बात की। उन्होंने भी कन्फर्म किया कि यह फुटेज जनवरी 2025 की है, जब लालू यादव पटना में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस के आवास पर गए थे।

असली और एडिटेड तस्वीर में अंतर नीचे दिए गए कोलाज में साफ देखा जा सकता है।

सरकारी बंगला खाली करने का सच

ख़बरों के अनुसार, दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में लालू-राबड़ी परिवार ने पटना स्थित अपना प्रसिद्ध सरकारी आवास ’10 सर्कुलर रोड’ खाली करना शुरू कर दिया है। हिन्दुस्तान टाइम्स और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद परिवार अब अपने नए निजी आवास (महुआ बाग) में शिफ्ट हो रहा है। बताते चलें कि पटना हाईकोर्ट ने फरवरी 2019 में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था, जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवनभर  के लिए सरकारी बंगला दिए जाने के नियम को रद्द कर दिया गया था। कोर्ट का मानना था कि यह सार्वजनिक धन और संसाधनों का दुरुपयोग है। इस आदेश के बाद राबड़ी देवी, जीतन राम मांझी और जगन्नाथ मिश्रा जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों से बंगले वापस लिए जाने हैं।

इस पोस्ट को फेसबुक यूजर Rajiv Raj ने शेयर किया था। यूजर के फेसबुक पर लगभग 2 लाख फॉलोअर्स हैं।  

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट फर्जी है। वायरल फोटो एडिटेड है। लालू यादव के बंगला छोड़ने की खबर सही है, लेकिन रोने वाली तस्वीर एडिटेड है, जिसे उनकी पुरानी तस्वीर को मॉर्फ्ड कर बनाया गया है।

  • Claim Review : सरकारी बंगला (10 सर्कुलर रोड, पटना) छोड़ते समय राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपने आंसू नहीं रोक पाए।
  • Claimed By : FB User Rajiv Raj
  • Fact Check : झूठ

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