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Fact Check : इंदिरा गांधी के अंतिम संस्‍कार की नहीं है राजीव गांधी और राहुल गांधी की वायरल तस्‍वीर

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह तस्वीर स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल गफ्फार खान के जनाजे की है। इस तस्वीर को गलत दावे के साथ इंदिरा गांधी के अंतिम संस्कार की बताते हुए वायरल किया जा रहा है।

  • By: Umam Noor
  • Published: Jun 11, 2025 at 04:39 PM
  • Updated: Jun 11, 2025 at 05:38 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक बार फिर से पार्थिव शरीर के आगे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता राहुल गांधी की दुआ मांगती हुई तस्वीर वायरल हो रही है। वायरल फोटो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर इंदिरा गांधी के अंतिम संस्कार के दौरान की है, जिसमें राजीव गांधी और राहुल गांधी दुआ पढ़ रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह तस्वीर स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल गफ्फार खान के जनाजे की है। इस तस्वीर को गलत दावे के साथ इंदिरा गांधी के अंतिम संस्कार की बताते हुए वायरल किया जा रहा है। विश्‍वास न्‍यूज एक बार पहले भी इसकी जांच कर चुका है। पिछली पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है। 

क्या है वायरल पोस्ट में ?

10 जून को एक फेसबुक यूजर ने यूट्यूब शार्ट वीडियो को पोस्‍ट किया जिस पर लिखा था, “बड़ी मुश्किल से यह फोटो मिली है, इन्दिरा की लाश के सामने राहुल और राजीव गांधी कलमा पढ रहे हैं फिर भी हमारे देश के लोगों को लगता है कि ये हिन्दू हैं।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज एक बार पहले भी वायरल तस्‍वीर की सच्‍चाई पाठकों को बता चुका है। उस वक्‍त पड़ताल के दौरान गूगल लेंस के जरिए वायरल फोटो को सर्च किया था। सर्च किए जाने पर हमें यह तस्वीर एक एक्स हैंडल पर अपलोड की हुई मिली। 20 जनवरी 2022 को अपलोड की गई तस्वीर के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, यह फोटो खान अब्दुल गफ्फार खान के पेशावर में निकले जनाजे की है, जिसमें राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हाराव और राहुल गांधी भी मौजूद हैं। 

यही तस्‍वीर हमें Skyscrapercity नाम की वेबसाइट पर भी अपलोड  की हुई मिली थी। 12 सितम्बर 2016 को अपलोड की गई तस्वीर के साथ जानकारी के अनुसार, यह तस्वीर पेशावर में बाचा खान (खान अब्दुल गफ्फार खान) के अंतिम संस्कार की है।

विश्‍वास न्‍यूज ने पिछली पड़ताल के दौरान पाकिस्तानी चैनल 92 न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार आरिफ महमूद से संपर्क किया था। उन्‍होंने भी दावे को गलत बताते हुए कहा था कि तस्वीर काफी पुरानी है और अब्दुल गफ्फार खान के अंतिम संस्कार की है।

फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक की सोशल स्कैनिंग में हमने पाया कि इस पेज से विचारधारा विशेष से जुडी पोस्ट की जाती हैं। वहीं यूजर तीन तीन हजार से ज्यादा फेसबुक फ्रेंड्स हैं।

निष्‍कर्ष : विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह तस्वीर स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल गफ्फार खान के जनाजे की है। इस तस्वीर को गलत दावे के साथ इंदिरा गांधी के अंतिम संस्कार की बताते हुए वायरल किया जा रहा है। 

  • Claim Review : यह तस्वीर इंदिरा गांधी के अंतिम संस्कार के दौरान की है, जिसमें राजीव गांधी और राहुल गांधी दुआ पढ़ रहे हैं।
  • Claimed By : FB User- शिवनाथ चौरसिया चौरसिया
  • Fact Check : झूठ

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