Fact Check: यूपी के औरेया में नाबालिग से रेप की पुरानी घटना को सांप्रदायिक दावे के साथ किया जा रहा शेयर
2024 में उत्तर प्रदेश के औरेया जिले में एक नाबालिग से हुए रेप के मामले में आरोपी और पीड़ित एक ही समुदाय और परिवार से हैं। इस मामले में कोई भी सांप्रदायिक एंगल शामिल नहीं है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Apr 8, 2025 at 12:30 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया यूजर्स एक हिंदी वेबसाइट की सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं। स्क्रीनशॉट में यूपी में नाबालिग के साथ हुई रेप की घटना का जिक्र है और दावा किया जा रहा है कि न्यूज वेबसाइट में इस घटना के आरोपियों और पीड़ितों की पहचान के बारे में गलत जानकारी दी गई और यह नहीं बताया कि इस मामले में आरोपी मुस्लिम थे।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। संबंधित घटना 2024 की उत्तर प्रदेश के औरेया जिले की है, जिसमें एक नाबालिग के साथ रेप के आरोप में उसके पिता, चाचा और दादा को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आरोपी और पीड़ित दोनों एक ही समुदाय के थे। आरोपी और पीड़ित के अलग-अलग समुदाय से संबंधित होने का दावा गलत है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘जमींदार’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “इसे कहते हैं प्रेस्टीट्यूट द्वारा खबरों का खतनीकरण… @TheLallantop ने बडे शातिर अंदाज में पापा लिखकर इशारा हिन्दुओं की तरफ कर दिया। मुल्ले ट्वीटरबाज कह रहे हैं “देखो हिन्दुओं की सभयता…” जबकि रेपिस्ट पांच वक्त के नमाजी हैं।”

कई अन्य यूजर्स ने इस पोस्ट को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
संबंधित पोस्ट के आधार पर की-वर्ड सर्च में हमें यह खबर द लल्लनटॉप .कॉम की वेबसाइट पर मिली, जिसे 28 दिसंबर 2024 को प्रकाशित किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, “उत्तर प्रदेश के औरेया जिले (Auraiya Uttar Pradesh) से एक मामला सामने आ रहा है. यहां एक नाबालिक लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें उसने आरोप लगाया है कि उसके पिता, चाचा और दादा ने उसका यौन शोषण किया है. उसने पुलिस को बताया कि वह दो महीने से प्रेग्नेंट है. पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामले को दर्ज कर लिया है और तीनों आरोपियों का गिरफ्तार कर लिया है.”
रिपोर्ट में औरैया के एसीपी आलोक मिश्रा का भी बयान है, जिसके मुताबिक, “लड़की ने पुलिस को बताया कि वह करीब दो महीने की गर्भवती है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है. बलात्कार समेत संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और तीनों आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम भी लगाया गया है. तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है. बाकी कानूनी कार्रवाई और परीक्षण कराए जा रहे हैं.”
एनडीटीवी की 28 दिसंबर 2024 की रिपोर्ट में इस घटना का समान संदर्भ में जिक्र है।
रिपोर्ट के मुताबिक, “अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (एफ) (किसी रिश्तेदार, अभिभावक या भरोसेमंद या अधिकार वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार), 65 (1) (16 वर्ष से कम उम्र की लड़की से बलात्कार), 232 (किसी व्यक्ति को गलत साक्ष्य देने के लिए धमकाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।” आलोक मिश्रा ने बताया कि इस मामले में POCSO अधिनियम के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।
बताते चलें कि नए कानून के अनुसार, यौन अपराध पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय होगा।
सुप्रीम कोर्ट का भी इस मामले में साफ और स्पष्ट आदेश है कि रेप और यौन हिंसा के पीड़ितों की पहचान को उजागर नहीं किया जा सकता है।
इसी वजह से किसी भी रिपोर्ट में आरोपी और पीड़ित के नामों का जिक्र नहीं है।
सर्च में हमें औरेया पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल से इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक का बयान मिला, जिसमें वे थाना बिधूना क्षेत्र अंतर्गत एक नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म की घटना का जिक्र कर रहे हैं।
इसके मुताबिक, थाना बिधूना पुलिस द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले 03 वांछित अभियुक्तगण को मु0अ0सं0 456/2024 धारा 64F/65(1)/232(2) BNS व 5(J-2)(L)(N)/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया गया।
संबंधित घटना को लेकर हमने थाना बिधूना से संपर्क किया। एसएचओ रवि श्रीवास्तव ने हमें बताया कि इस मामले में कोई सांप्रदायिक पहलू शामिल नहीं हैं और घटना के आरोपी और पीड़ित एक ही परिवार और समुदाय से संबंधित हैं।
वायरल पोस्ट को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल विचारधारा विशेष से प्रेरित है।
निष्कर्ष: 2024 में उत्तर प्रदेश के औरेया जिले में एक नाबालिग से हुए रेप के मामले में आरोपी और पीड़ित एक ही समुदाय और परिवार से हैं। इस मामले में कोई भी सांप्रदायिक एंगल शामिल नहीं है।
- Claim Review : यूपी में नाबालिग से रेप के आरोपी हिंदू नहीं मुस्लिम, न्यूज रिपोर्ट में जानबूझकर छिपाई गई मुस्लिम आरोपी की पहचान।
- Claimed By : FB User-जमींदार (युगांडा वाले जमींदार)
- Fact Check : भ्रामक
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