Fact Check: यूपी में छात्रों की पिटाई के वीडियो को दिल्ली के लाठीचार्ज का बताकर किया गया वायरल
यूपी के फर्रुखाबाद में एक निजी स्कूल के हॉस्टल में बिजली जाने के बाद जब छात्रों ने हंगामा किया तो वार्डन ने उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी थी। उसी घटना से जुड़े वीडियो को अब दिल्ली में हुए लाठीचार्ज से जोड़ते हुए वायरल किया जा रहा है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jul 24, 2026 at 04:13 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के ‘संसद मार्च’ के दौरान 20 जुलाई 2026 को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसा हो गई थी। इसमें दोनों तरफ के लोग बड़ी संख्या में घायल हुए थे। अब इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ बच्चों को घायल अवस्था में देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली का है, जहां पुलिस ने बच्चों पर लाठीचार्ज किया।
वीडियो को दिल्ली का समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो की जांच की। हमारी जांच में वीडियो के साथ किया गया दावा फर्जी निकला। दरअसल, वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के एक निजी स्कूल के हॉस्टल का है, जहां वार्डन ने बच्चों की बेरहमी से पिटाई की थी। उसी घटना के वीडियो को अब झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। हमारी जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘The sociopolitics’ ने 23 जुलाई 2026 को एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया, “दिल्ली पुलिस बच्चों ने क्या बिगाड़ा था? आख पर पट्टी बांधकर मार रहे थे क्या या फिर अपने बॉस की भड़ास जनता पर निकाल रहे थे?”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसे ध्यान से देखा और ऑडियो सुना। पूरा वीडियो सुनने के बाद ही यह स्पष्ट हो गया कि इसका दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में हुए लाठीचार्ज से कोई संबंध नहीं है। वीडियो में बच्चों को अपने स्कूल का नाम और पिटाई करने वाले वार्डन के बारे में बताते हुए साफ सुना जा सकता है। वीडियो के ऊपर हमें ‘parulpatel4618’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट की आईडी नजर आई।

हमने इंस्टाग्राम पर इस यूजर को सर्च किया तो हमें यह अकाउंट मिल गया। इस यूजर ने 21 जुलाई 2026 को पहली बार यह वीडियो अपलोड किया था। वीडियो के साथ साफ शब्दों में लिखा गया कि ‘सीपी इंटरनेशनल स्कूल’ के वार्डन ने बच्चों को मारा था, जिसके बाद इनका मेडिकल हुआ था।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए गूगल ओपन सर्च टूल की मदद ली। कीवर्ड सर्च के दौरान हमें ‘समाचार24’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर एक खबर मिली। 22 जुलाई 2026 की इस रिपोर्ट में बताया गया कि बिजली गुल होने के बाद छात्रों ने जब हंगामा किया, तो हॉस्टल के वार्डन ने बुरी तरह से उनकी पिटाई की।
इसी तरह ‘न्यूज 18’ की वेबसाइट पर 22 जुलाई को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में सीपी इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में वार्डन ने बच्चों की डंडे से पिटाई की। इसके बाद अभिभावकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था।
‘भास्कर डॉट कॉम’ की 22 जुलाई 2026 की खबर में भी बताया गया कि फर्रुखाबाद के सीपी इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में छात्रों को पीटने वाले वार्डन को हिरासत में ले लिया गया था। स्कूल प्रबंधन ने भी वार्डन को सेवा से हटा दिया था।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘दैनिक जागरण’ के फर्रुखाबाद के ईपेपर को स्कैन किया। वहां हमें 23 जुलाई के संस्करण में प्रकाशित एक खबर मिली। खबर में बताया गया कि फर्रुखाबाद के स्कूल के हॉस्टल में देर रात बिजली जाने के बाद हंगामा कर रहे छात्रों की वार्डन सत्यजीत तिवारी ने पिटाई कर दी थी।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा थाना के थानाध्यक्ष अजब सिंह से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा यह वीडियो सीपी इंटरनेशनल स्कूल, फर्रुखाबाद के हॉस्टल का है, न कि दिल्ली का ।
क्या है संदर्भ?
देश में परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा होने से दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।
‘बीबीसी’ की 20 जुलाई की एक रिपोर्ट में बताया गया कि संसद मार्च में शामिल होने के लिए हजारों लोग पहुंचे थे, लेकिन जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग दिए थे। इसके अलावा लाठीचार्ज भी किया गया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
जांच के अंत में फर्जी दावा करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट की जांच की गई। यूजर ने यह अकाउंट 23 मई 2025 को बनाया था। इसे सात सौ से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट में किया गया दावा फर्जी साबित हुआ। दरअसल, यूपी के फर्रुखाबाद में एक निजी स्कूल के हॉस्टल में बिजली जाने के बाद जब छात्रों ने हंगामा किया तो वार्डन ने उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी थी। उसी घटना से जुड़े वीडियो को अब दिल्ली में हुए लाठीचार्ज से जोड़ते हुए वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज में चोटिल बच्चे।
- Claimed By : FB User The sociopolitics
- Fact Check : भ्रामक
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