Fact Check : सूरत में हत्या के आरोप में पकड़े गए व्यक्ति के वीडियो को फतेहपुर के मंदिर-मकबरा विवाद से जोड़ते हुए किया गया वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह वीडियो सूरत में कपड़ा कारोबारी के कत्ल के आरोप में पकड़े गए शख्स का है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ फतेहपुर मकबरे विवाद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- By: Umam Noor
- Published: Aug 22, 2025 at 01:15 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मंदिर-मकबरा विवाद के बाद स्थिति अब सामान्य है। दरअसल, कुछ दिनों पहले कुछ हिंदू संगठनों ने मकबरे में घुसकर तोड़फोड़ की थी। इनका दावा है कि मंदिर को तोड़कर यह बनाया गया है।
इसी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पुलिस एक व्यक्ति को पकड़ कर ले जाती हुई नजर आर ही है। वहीं, व्यक्ति हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि यह फतेहपुर स्थिस मकबरे में तोड़फोड़ करने वाला शख्स है जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह वीडियो सूरत में कपड़ा कारोबारी के कत्ल के आरोप में पकड़े गए शख्स का है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ फतेहपुर मकबरे विवाद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “यह वही लोग हैं जिन्होंने हमला किया था फतेहपुर के दरगाह पर।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च करने पर हमें इस वीडियो से जुड़ी खबर दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर मिली। 10 अगस्त को पब्लिश हुई खबर के अनुसार, यह शख्स सूरत में टेक्सटाइल कारोबारी आलोक अग्रवाल के कत्ल का आरोपी है, जिसे सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

इससे जुड़ी खबर हमें न्यूज18 गुजराती के यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड की हुई मिली। जानकारी के अनुसार, “सूरत के लिंबायत इलाके में हुए आलोक अग्रवाल हत्याकांड में लिंबायत पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।”
वहीं, इस मामले पर टाइम्स ऑफ इंडिया की 17 अगस्त की खबर के अनुसार, “सूरत डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) पुलिस ने कपड़ा व्यापारी आलोक अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी 28 वर्षीय अशफाक शेख उर्फ कौवा को शनिवार देर रात वापी के डुंगरा इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, शेख 2 अगस्त से फरार था, जब सूरत के लिंबायत इलाके में डुंभाल फायर स्टेशन के पास अग्रवाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसके पांच साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन शेख पुलिस से बचने के लिए नवसारी, वलसाड, व्यारा, जलगांव, मालेगांव और सूरत में बार-बार ठिकाने बदलते हुए फरार था।”
फतेहपुर मंदिर-मकबरा विवाद पर दैनिक जागरण में 11 अगस्त को छपी खबर में बताया गया, फतेहपुर में सोमवार को बजरंग दल समेत हिंदू संगठनों ने एक पुराने मकबरे के अंदर पूजा-अर्चना करने की कोशिश की। उनका दावा था कि उस जगह पर पहले एक मंदिर हुआ करता था। 1,000 लोग मकबरे में घुस गए और कुछ ने लाठियों से मकबरे को तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद विरोधी पक्ष के साथ टकराव हुआ। जिला प्रशासन ने पुलिस को तैनात करते हुए मामले में कार्रवाई करनी शुरू कर दी। पुलिस ने स्थिति को काबू में लाने के लिए मकबरे और आसपास के इलाकों में चारों ओर बैरिकेड्स लगा दिए।”
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने यह जानने की कोशिश की कि क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है। 12 अगस्त की एबीपी न्यूज की खबर के अनुसार, फतेहपुर में मकबरे में घुसकर तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में 10 नामजद और 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

अमर उजाला ने अपनी 19 अगस्त की एक खबर में बताया कि फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद के बाद पुलिस ने 10 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
वायरल वीडियो से जुड़ी खबर की पुष्टि के लिए हमने हमारे साथी दैनिक जागरण, फतेहपुर ब्यूरो के इंचार्ज गोविंद दूबे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि “वायरल वीडियो का फतेहपुर मंदिर-मकबरा विवाद से कोई संबंध नहीं है। और अभी तक कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है।’’
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को एहतेशाम इस्लाही को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह वीडियो सूरत में कपड़ा कारोबारी के कत्ल के आरोप में पकड़े गए शख्स का है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ फतेहपुर मकबरे विवाद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : यह फतेहपुर स्थिस मकबरे में तोड़फोड़ करने वाला शख्स है जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है।
- Claimed By : FB User- Ahtsam Islahi
- Fact Check : झूठ
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