Fact Check: अन्ना का अनशन तुड़वाते मनमोहन-सोनिया की वायरल तस्वीर AI से बनी है
2011 में अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाते पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की तस्वीर एआई निर्मित है। इस फर्जी तस्वीर को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jul 23, 2026 at 05:17 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने के बीच सोशल मीडिया पर अन्ना हजारे की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाने हुए देखा जा सकता है। फोटो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि 2011 में जब अन्ना हजारे ने भूख हड़ताल किया था, उस दौरान तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह और कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद उनका अनशन तुड़वाने के लिए सामने आए थे।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। यह फोटो असली नहीं, बल्कि फर्जी है। वायरल हो रही तस्वीर को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है, जिसे यूजर्स अब गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अगस्त 2011 में करीब 12 दिनों तक अनशन किया था। तब दो बच्चियों ने उन्हें नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन समाप्त करवाया था।
क्या हो रहा है वायरल ?
इंस्टाग्राम यूजर ‘shivam_gurjar_issapur’ ने 19 जुलाई 2026 को वायरल तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “ये कांग्रेस सरकार थी खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने और सोनिया गांधी जी ने अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाया था और मांगे मानी थी कांग्रेस के समय इंसानियत जिंदा थी।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर के साथ किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। संबंधित कीवर्ड्स के आधार पर सर्च करने पर हमें अन्ना हजारे के आंदोलन की कई खबरें मिलीं।
‘एनडीटीवी’ की वेबसाइट पर 28 अगस्त 2011 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि अन्ना हजारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित अपने ऐतिहासिक 12 दिनों के अनशन को दो छोटी बच्चियों, सिमरन और इकराह के हाथों नारियल पानी और शहद पीकर तोड़ा था।
रिपोर्ट में अनशन समाप्त करने की कई तस्वीरें मौजूद हैं।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने भी अन्ना हजारे के अनशन तोड़ने की तस्वीरों को 28 अगस्त 20211 को प्रकाशित किया था।
‘AP Archive’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अन्ना हजारे के अनशन तोड़ने का वीडियो मौजूद है।
अगर बात अन्ना हजारे के आंदोलन की करें, तो, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त ‘जन लोकपाल विधेयक’ लागू कराने की मांग को लेकर अनशन किया था। उनका यह अनशन 16 अगस्त 2011 से लेकर 28 अगस्त 2011 तक चला था। उन्होंने यह अनशन केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस (UPA) सरकार के खिलाफ किया था। यह अनशन नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित हुआ था और करीब 12 दिनों तक चला था। अन्ना हजारे ने दो छोटी बच्चियों (सिमरन और इकराह) के हाथों नारियल पानी और शहद पीकर अपना अनशन समाप्त किया था। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
हमारी अब तक की जांच से यह साबित हो गया कि 2011 में अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाने के लिए मंच पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी नहीं गए थे। ऐसे में हमें वायरल तस्वीर के एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने तस्वीर को ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल की मदद से सर्च किया। इस टूल ने फोटो के करीब 98 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल की मदद से फोटो को जांचा । हमने ‘साइट इंजन’ की मदद से फोटो को सर्च किया। इस टूल ने 99 फीसदी तक तस्वीर के एआई की मदद से बने होने की संभावना जताई।

तीसरे टूल ‘AI or Not’ ने भी फोटो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल तस्वीर को बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया गया है। इसमें मनमोहन सिंह के हाथ का अंगूठा नहीं है। साथ ही, उनकी उंगलियां अन्ना हजारे के कपड़ों और चेहरे में मिलती हुई दिखाई दे रही हैं। सोनिया गांधी का दाहिना हाथ गिलास के पास हवा में अजीब तरीके से तैरता हुआ लग रहा है।
क्या है संदर्भ?
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। देशभर से युवा यहां आकर इस प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में 20 जून 2026 को यह धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ था।
‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 22 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों का साथ देने के लिए सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें 18 जुलाई को जबरन उठाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। अब सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि उनका अनशन अभी भी जारी है। अगर सरकार यह आश्वासन देगी कि छात्रों पर FIR नहीं की जाएगी तो वह नेताओं की अपील पर अनशन तोड़ देंगे। इस प्रदर्शन से जुड़ी अन्य रिपोर्ट्स को यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब सात सौ लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि 2011 में अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाते पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की तस्वीर एआई निर्मित है। इस फर्जी तस्वीर को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाने के लिए मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी गए थे।
- Claimed By : Inst User shivam_gurjar_issapur
- Fact Check : झूठ
- News Report by NDTv, Published on 28 Aug 2011
- News Report by Times of India, Published on 28 Aug 2011
- AI Image Detector Tool, Hive Moderation
- AI Image Detector Tool, AI or Not
- AI Image Detector Tool, Sight Engine
- News Report by AajTak, Published on 28 Aug 2011
- News Report by Dainik Jagran, Published on 22 July 2026
- News Report by BBC, Published on 28 Aug 2011
- Youtube Video by AP Archive, Published on 30 July 2015
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