X

Fact Check : हाथरस पीड़िता के अंतिम संस्‍कार का लाइव वीडियो नहीं देख रहे थे योगी, तस्‍वीर से की गई छेड़छाड़

  • By Vishvas News
  • Updated: October 2, 2020

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई आपराधिक वारदात के बाद से ही सोशल मीडिया पर अफवाहों, झूठी खबरों की बाढ़ आ गई है। हाथरस वारदात और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर ऐसी ही एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में एक फोटो शेयर की जा रही है। इस पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीर में सीएम योगी को लैपटॉप के सामने बैठा देखा जा सकता है। पोस्ट का दावा है कि सीएम हाथरस पीड़िता के अंतिम संस्कार का लाइव वीडियो देख रहे हैं।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा झूठा निकला है। सीएम योगी और पीड़िता के परिजनों से बातचीत के दौरान की तस्वीर को एडिट कर यह झूठा दावा वायरल किया जा रहा है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक पेज ‘आपन महाराजगंज’ ने 30 सितंबर को यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की एक एडिटेड तस्‍वीर को अपलोड करते हुए दावा किया : ‘हाथरस गैंग रेप पिड़िता को युपी की जल्लाद पुलिस वालों ने कैसे जलाया उसकी लाइव वीडियो देखता हुआ एक नाकारा मुख्यमंत्री।’

यहां इस पोस्ट में लिखी बात को ज्यों का त्यों पेश किया गया है। इस तस्‍वीर को लोग सच मानकर वायरल कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव्‍ड वर्जन यहां देख सकते हैं।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश के प्रमुख और प्रामाणिक अखबारों के ईपेपर में हाथरस से जुड़ी खबरें तलाश अपनी पड़ताल शुरू की। हमें दैनिक जागरण के हाथरस संस्‍करण में प्रकाशित ओरिजनल तस्‍वीर मिली। तस्‍वीर के कैप्‍शन में लिखा था कि लखनऊ में बुधवार को हाथरस के पीड़ित परिवार से वीडियो कॉलिंग करते हुए मुख्‍यमंत्री योगी। यह तस्‍वीर यूपी सरकार के सूचना विभाग की ओर से जारी की गई थी।

पड़ताल के दौरान हमने यूपी सरकार से जुड़े आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को स्‍कैन करना शुरू किया। हमें मुख्‍यमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल पर भी ओरिजनल तस्‍वीर मिली। 30 सितंबर 2020 को रात 7:24 बजे CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) ट्विटर हैंडल से ओरिजनल तस्‍वीर को ट्वीट करते हुए लिखा गया : ‘मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने हाथरस के पीड़ित परिवार से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से वार्ता की। मृतका के पिता जी ने मुख्यमंत्री जी से आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की।’

पड़ताल के दौरान विश्‍वास न्‍यूज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार से संपर्क किया। उन्‍होंने हमारे साथ ओरिजनल तस्‍वीर शेयर करते हुए बताया कि वायरल तस्‍वीर एडिटेड है।

जांच के अंतिम चरण में हमने फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की। हमें पता चला कि फेसबुक पेज आपन महाराजगंज को पांच लाख से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यह पेज यूपी से संचालित होता है।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। हाथरस के पीड़ित परिवार से मुख्‍यमंत्री ने वीडियो कॉलिंग के जरिए बात की थी। उसी की तस्‍वीर को कुछ लोग एडिट करके झूठे दावों के साथ वायरल कर रहे हैं।

  • Claim Review : हाथरस गैंग रेप पीड़िता को पुलिस वालों ने कैसे जलाया, उसका लाइव वीडियो देखते हुए मुख्यमंत्री
  • Claimed By : फेसबुक पेज आपन महाराजगंज
  • Fact Check : झूठ
झूठ
    फेक न्यूज की प्रकृति को बताने वाला सिंबल
  • सच
  • भ्रामक
  • झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

संबंधित लेख

Post saved! You can read it later