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Fact Check: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नहीं दिया सेना के ‘भगवाकरण’ पर कोई बयान, फर्जी है वायरल वीडियो

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। यह फर्जी साबित हुआ।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत का एक वीडियो इनदिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें उन्‍हें कथित रूप से सेना के ‘भगवाकरण’ पर बोलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में उन्‍हें सेना से गैर हिंदुओं को हटाने के लिए बोलते हुए दिखाया गया है।

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। 21 दिसंबर 2025 को संघ प्रमुख ने कोलकाता में भाषण दिया था। उसी भाषण के वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके वायरल क्लिप तैयार की गई है। मोहन भागवत ने वायरल वीडियो जैसा कोई बयान नहीं दिया है। यह फर्जी साबित हुआ।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर ने Bamcef Kinwat District ने संघ प्रमुख के वीडियो को शेयर किया। वीडियो में भागवत को यह बोलते हुए दिखाया गया, “हमने मोदी को अपना फैसला सुना दिया है कि अगर भारत की सेना को पवित्र रखना है तो उसे सैफ्रोनाइज करना होगा। भारतीय सेना से उन सभी ‘अछूतों’ को निकालना होगा, जो हमारी सेना को अंदर से खोखला कर रहे हैं। मोदी ने मेरे घुटने पकड़कर कहा कि उन पर दबाव है, लेकिन मैंने साफ कह दिया कि अगर तुम 2028 तक भारतीय सेना से 50 प्रतिशत से ज्‍यादा नॉन-कास्ट हिंदुओं को नहीं निकालते, तो समझ लो-मोदी जाएगा, योगी आएगा। नितेश कुमार हमारा बालक है और हमने मोदी से कह दिया है कि अगर नितीश कुमार से इस्तीफा मांगा गया तो अगला इस्तीफ़ा तुम्हारा ही होगा।”

वीडियो के ऊपर ईवीएम हटाओ जैसी बातें लिखी हुई हैं। इसके अलावा 22 फरवरी को एक राष्‍ट्रव्‍यापी महारैली की बात कही गई है। पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्‍यान से सुना। वीडियो में मोहन भागवत की आवाज उनकी असली आवाज से अलग नजर आई। इसके आधार पर वीडियो के कई कीफ्रेम्‍स निकाले गए। फिर इसे गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। CNN-News18 ने 21 अक्‍टूबर 2025 को असली वीडियो अपलोड किया था। 10 मिनट से ज्‍यादा के इस वीडियो में कहीं भी मोहन भागवत ने वायरल क्लिप जैसी कोई बात नहीं कही थी। दोनों वीडियो के ऊपर हमें चैनल का लोगो नजर आया।

सर्च के दौरान एएनआई न्‍यूज के यूट्यूब चैनल पर भी यह वीडियो मिला। इसे 21 दिसंबर 2025 को कोलकाता से लाइव किया गया था।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल डियो में इस्तेमाल ऑडियो को एडवांस्ड ऑडियो डीपफेक डिटेक्शन इंजन वाली स्विस डीप-टेक कंपनी, Aurigin.ai की मदद से चेक किया। टूल ने ऑडियो के AI द्वारा निर्मित होने की 59 प्रतिशत संभावना जताई।

एआई डिटेक्शन टूल truth scan ने ऑडियो के एआई से बने होने की संभावना 99 प्रतिशत बताई।

विश्‍वास न्‍यूज ने संघ प्रमुख के वीडियो को लेकर आरएसएस के पूर्व दिल्‍ली प्रांत प्रचार प्रमुख और वर्तमान में संघ की सहायक प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली से संपर्क किया। उन्‍होंने इसे फर्जी बताते हुए कहा कि मोहन भागवत ने कभी भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।

पड़ताल के अंत में फर्जी वीडियो पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। इस पेज को छह सौ से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। इससे ज्‍यादा जानकारी इसके बारे में नहीं मिली।

निष्‍कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है। उनके असली वीडियो में अलग से आवाज जोड़ी गई है।

  • Claim Review : संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सेना के ‘भगवाकरण’ की बात कही
  • Claimed By : FB Page Bamcef Kinwat District
  • Fact Check : झूठ

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