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Fact Check: दिल्ली धमाकों में RSS की संलिप्तता बताते राजनाथ सिंह का वीडियो डीपफेक, पाकिस्तान से फैलाया गया प्रोपेगेंडा

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का वीडियो डीपफेक साबित हुआ। उदयपुर में उनके द्वारा दिए गए भाषण में से 33 सेकंड की क्लिप को एडिट कर छेड़छाड़ की गई है।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का 32 सेकंड का एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को वायरल करते हुए राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ पर निशाना साधा जा रहा है। वीडियो में राजनाथ सिंह को यह बोलते हुए दिखाया गया है कि दिल्‍ली धमाके के पीछे मुस्लिम युवाओं को भड़काने वाले आरएसएस के कट्टरपंथी थे।

विश्‍वास न्‍यूज ने इस वीडियो की जांच की। यह फर्जी निकला। राजनाथ सिंह के नाम से वायरल वीडियो डीपफेक है। उन्‍होंने ऐसा कुछ भी नहीं बोला है , जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है। हमारी जांच में पता चला कि वायरल वीडियो पाकिस्‍तान के यूजर्स की ओर से तैयार किया गया है।

क्‍या हो रहा है वायरल

पाकिस्‍तान के फेसबुक यूजर Ariellntel Ariellntel Ariellntel ने 3 जनवरी को राजनाथ सिंह का वीडियो शेयर करते हुए अंग्रेजी में लिखा, “Rajnath Singh admits that rogue RSS leaders were involved in manipulating Muslim youth in Delhi incident. This is the first ever high level confession from a senior Indian official in RSS involvement in spreading terrorism across India.”

वीडियो में राजनाथ सिंह को यह बोलते हुए दिखाया गया, “आज हमारे देश में क्‍या हो रहा है। कुछ बिगड़े आरएसएस के कट्टरपंथी हमारे मुस्लिम युवाओं को स्‍टेट के खिलाफ भड़का रहे हैं। जब हमने दिल्‍ली धमाके की जांच की, तो पता चला कि जो मुस्लिम डॉक्‍टर पकड़े गए थे, वह बस एक मोहरा थे। असली समस्‍या यह है कि उनके पीछे बिगड़े हुए आरएसएस कट्टरपंथी थे। हमारा समाज उनकी गिरफ्त में आ रहा है। मैं उन्‍हें चेतावनी दे रहा हूं कि वे आरएसएस की विचारधारा के अनुसार चलें।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो के कुछ ग्रैब्‍स लेकर गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। 2 जनवरी 2025 को प्रकाशित कई खबरों और वीडियो में से पता चला कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राजस्‍थान के उदयपुर गए थे। रक्षा मंत्री उदयपुर में विद्या प्रचारिणी सभा भूपाल नोबल्स संस्थान के 104वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।

दैनिक जागरण की न्‍यूज वेबसाइट पर 2 जनवरी को पब्लिश एक खबर में बताया गया कि दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में ऐसे लोग सामने आए, जो व्हाइट कॉलर माने जाते थे। एक आरोपी डॉक्टर था, जो अपनी पर्ची पर आरएक्स लिखता था, लेकिन उसके पास से आरडीएक्स मिला। यह घटना बताती है कि ज्ञान के साथ संस्कार होना कितना जरूरी है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के यूट्यूब चैनल को स्‍कैन किया । वहां हमें 2 जनवरी को अपलोड पूरा वीडियो मिला। इस वीडियो को हमने पूरा देखा । इसमें राजनाथ सिंह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल क्लिप में दिखाया गया है। वीडियो के कैप्‍शन में बताया गया कि रक्षा मंत्री उदयपुर के भूपाल नोबल्स संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। वीडियो में 28:44 मिनट की टाइमलाइन से राजनाथ सिंह को दिल्‍ली धमाके के पीछे डाक्‍टर्स की संलिप्‍तता पर बोलते हुए देखा जा सकता है।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए अपने सहयोगी ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से डीएयू ने वायरल वीडियो को चेक किया। उन्होंने अपनी जांच में इस ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि की।

स्विस डीप-टेक कंपनी के ऑरिजिन एआई टूल से वीडियो को चेक करने पर पता चला कि वायरल वीडियो में मौजूद ऑडियो एआई जेनरेटड है। इसके जरिए हमें पता चला कि 94 फीसदी वायरल वीडियो में इस्‍तेमाल की गई आवाज एआई निर्मित है। ऑरिजिन एक उन्नत ऑडियो डीपफेक डिटेक्शन इंजन है।

Hiya टूल के माध्‍यम से चेक करने पर वीडियो के डीपफेक होने की संभावना जताई गई। एनालिसिस में बताया गया कि वीडियो में जगह-जगह एआई का इस्‍तेमाल किया गया है।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल के दौरान दैनिक जागरण, उदयपुर के वरिष्‍ठ संवाददाता सुभाष शर्मा से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को साझा किया। उन्‍होंने पुष्टि करते हुए बताया कि रक्षा मंत्री का वायरल वीडियो फेक है। उन्‍होंने यहां ऐसी कोई बात नहीं कही थी, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच के अंत में डीपफेक वीडियो शेयर करने वाले यूजर्स की जांच की। राजनाथ सिंह का वीडियो जिस फेसबुक और एक्स हैंडल से शेयर किया गया है, वह दोनों ही पाकिस्तानी हैंडल्स हैं। एनालिसिस के मुताबिक, @Skyline_Intel एक्स हैंडल अगस्त 2011 से एक्स पर सक्रिय है और यह पाकिस्तानी अकाउंट है। इस हैंडल ने आखिरी बार नवंबर 2024 में अपने यूजरनेम में बदलाव किया था। हमारी एनालिसिस बताती है कि इस हैंडल से भू-राजनीतिक संघर्ष, रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर पोस्ट को शेयर किया जाता है। साथ ही इस अकाउंट को ऑपरेट करने वाले व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान उपलब्ध नहीं है, जो इसकी विश्वसनीयता को संदिग्ध बनाती है।

वहीं, फेसबुक प्रोफाइल ‘Ariellntel Ariellntel Ariellntel’ भी पाकिस्तान से ऑपरेट किया जाने वाला अकाउंट है। इस अकाउंट से वीडियो कंटेंट को बहुतायत में शेयर किया जाता है, क्योंकि फेसबुक का अल्गोरिद्म वीडियो और इमेज को प्राथमिकता देता है। इस प्रोफाइल से अक्सर ‘ब्रेकिंग’ पोस्ट को शेयर किया जाता है, जो मुख्य रूप से रियल-टाइम मिलिट्री और जियोपॉलिटिकल अपडेट खासकर इजरायल , मिडिल ईस्ट के बारे में होता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से जारी है पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा

दो अक्तूबर 2022 की ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने भारत के खिलाफ नफरत फैलाने के मामले में 100 से अधिक यू-ट्यूब चैनल, चार फेसबुक पेज, पांच ट्विटर या एक्स अकाउंट और तीन इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक किया था। 30 जुलाई 2025 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक,ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने वाले 1,400 से ज्यादा URL ब्लॉक किए थे।

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान और उसके बाद पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की तरफ से भारत के खिलाफ व्यवस्थित रूप से प्रोपेगेंडा फैलाया गया।

नवंबर और दिसंबर महीने में इस अभियान को लेकर मुख्य रूप से थल सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख के डीपफेक वीडियो को शेयर किया गया और इनके जरिए भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिशें की गईं। इन वीडियो के जरिए इस सैन्य अभियान में पाकिस्तान की कथित बढ़त का दावा किया गया।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के दौरान केंद्र सरकार ने सहयोग पोर्टल के जरिए 19 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को करीब 2,300 ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी किए। इस अवधि में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जारी किए गए ऑर्डर भी शामिल हैं, जिनमें सरकार ने ऑनलाइन प्रोपेगेंडा का जवाब देने के लिए पाकिस्तान से चलने वाले हैंडल्स को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया।

निष्‍कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का वीडियो डीपफेक साबित हुआ। उदयपुर में उनके द्वारा दिए गए भाषण में से 33 सेकंड की क्लिप को एडिट कर छेड़छाड़ की गई है। असली वीडियो में उन्‍होंने कहीं भी आरएसएस कट्टरपंथी जैसी कोई बात नहीं बोली थी।

  • Claim Review : राजनाथ सिंह ने दिया आरएसएस के खिलाफ बयान।
  • Claimed By : FB User
  • Fact Check : झूठ

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