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Quick Fact Check: मंदिर में मूर्ति का अपमान किए जाने की घटना को सांप्रदायिक रंग देकर किया जा रहा वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: August 11, 2020

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही एक तस्वीर में एक व्यक्ति को मंदिर में रखी मूर्ति का अपमान करते हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल करने की कोशिश की जा रही है और दावा किया जा रहा है मूर्ति का अपमान करने वाले व्यक्ति का नाम मोहम्मद अंसारी है।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में करीब दो महीने पहले हुई इस घटना के आरोपी आजाद कुमार गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘Aniket Choudhary’ ने वायरल तस्वीर को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “‘इस मुस्लिम व्यक्ति – मोहमद अंसारी को इतना फेमस कर दो की ये ज़िंदगी में मन्दिर😥 में जाने लायक ना बचे!”

सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल हो रही पोस्ट

पड़ताल

वायरल हो रही तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज किए जाने पर हमें एक ट्विटर हैंडल पर यही तस्वीर मिली। @NEERAJD811 हैंडल से 11 मई को इस तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा गया है, ‘वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कर्धना गाँव का आजाद गौतम पुत्र लोधी गौतम अदमापुर गाँव में डीह बाबा के मंदिर के ऊपर पैर रख कर फोटो खींचा है उचित कार्यवाही करे आजाद गौतम अपने आप को भीम आर्मी का सदस्य भी बता रहा है।’

इस ट्वीट में उन्होंने वाराणसी पुलिस, यूपी पुलिस और आईजी वाराणसी के ट्विटर हैंडल को टैग किया था, जिसका जवाब देते हुए एडीजी जोन वाराणसी के ट्विटर हैंडल से बताया गया कि मामले में वाराणसी पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर उसे जेल भेज चुकी है।

वाराणसी पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी जवाब देते हुए कहा गया है, ‘महोदय उक्त प्रकरण काफी पुराना है, जिसके सम्बन्ध में पूर्व में ही थाना मिर्जामुराद पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जा चुकी है।’

मामले की विस्तृत जानकारी के लिए हमने न्यूज सर्च का सहारा लिया। न्यूज सर्च में हमें हिंदी न्यूज वेबसाइट ‘अमर उजाला’ पर 24 अप्रैल 2020 को प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिसमें इस घटना का विवरण दिया गया है।

अमर उजाला की वेबसाइट पर 24 अप्रैल 2020 को प्रकाशित रिपोर्ट

खबर के मुताबिक, ‘वाराणसी के करधना गांव निवासी आजाद कुमार गौतम को मिर्जामुराद थाने की पुलिस ने लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आजाद कुमार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। करधना गांव के रामकुमार ने मिर्जामुराद थाने की पुलिस से शिकायत की थी। रामकुमार के अनुसार, आजाद कुमार ने किसी मंदिर की मूर्ति पर पैर रख कर अपने मोबाइल से फोटो खींचा है। उस फोटो को वह ग्रामीणों को दिखाता है और गांव में घूम-घूम कर देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करता है। इसके साथ ही अपनी फेसबुक पेज पर देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक पोस्ट करता है।’

यह पहली बार नहीं है जब यह तस्वीर गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई हो। इससे पहले विश्वास न्यूज ने इस पोस्ट की पड़ताल की थी, जिसकी पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

वायरल तस्वीर को सांप्रदायिक रंग देकर साझा करने वाले यूजर ने अपनी प्रोफाइल में खुद को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: मंदिर में रखी मूर्ति के अपमान की तस्वीर को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है। मूर्ति का अपमान करने वाले आरोपी आजाद कुमार गौतम के खिलाफ संबंधित थाने की पुलिस द्वारा कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जा चुका है।

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