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Fact Check: मोहन भागवत ने नहीं कहा कि परशुराम ब्राह्मण पुत्र नहीं थे, फेक पोस्‍टकार्ड वायरल

जांच में पता चला कि वायरल पोस्‍ट फर्जी है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने परशुराम को लेकर कोई ऐसा बयान नहीं दिया, जैसा कि वायरल पोस्‍ट में लिखा गया है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के नाम पर प्रभात खबर के लोगो का इस्‍तेमाल करते हुए एक पोस्‍टकार्ड वायरल किया जा रहा है। इसमें दावा किया गया है कि संघ प्रमुख ने कहा है कि परशुराम जी बढ़ई समाज के लक्कड़ हारे थे। वो हमेशा अपने पास फरसा कुल्हाड़ी रखते थे। वो कोई ब्राह्मण पुत्र नहीं थे।

इस पोस्‍टकार्ड को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। प्रभात खबर के लोगो का दुरुपयोग करके इस वायरल पोस्‍टकार्ड को बनाया गया है। संघ प्रमुख ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि वायरल पोस्‍ट में दावा किया गया है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक पेज ‘लोकनायक न्‍यूज’ ने 19 दिसंबर 2025 को एक पोस्‍ट करते हुए कैप्शन में लिखा है, “परशुराम सेना और #ब्राह्मण महासभा के लिए बड़ा सवाल…? परशुराम जी बढ़ई समाज के लक्कड़ हारे थे वो हमेशा अपने पास फरसा कुल्हाड़ी रखते थे वो कोई ब्राह्मण पुत्र नहीं थे _मोहन भागवत।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसा कोई बयान दिया होता,तो वह जरूर खबरों में आता। कीवर्ड सर्च के जरिए खोजने पर हमें ऐसा कोई बयान नहीं मिला।

सर्च को आगे बढ़ाते हुए हमने प्रभात खबर के सोशल मीडिया हैंडल्‍स को स्‍कैन किया। हमें वहां मोहन भागवत का असली बयान मिला। लेकिन यह वायरल पोस्‍ट से एकदम अलग था। 13 दिसंबर की इस पोस्‍ट के कैप्‍शन में लिखा गया कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, देश हर चीज से ऊपर है, यह भारत के लिए जीने का समय है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश में केवल राष्ट्र भक्ति चलेगी, ‘टुकड़े-टुकड़े’ वाली भाषा नहीं।

पोस्‍टकार्ड के ऊपर मोहन भागवत की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल करते हुए लिखा गया कि यह भारत के लिए जीने का समय है, मरने का नहीं।

सर्च के दौरान हमें प्रभात खबर की वेबसाइट पर वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई को बताते हुए एक खबर मिली। 19 दिसंबर 2025 की इस खबर में बताया गया कि प्रभात खबर के लोगो का गलत इस्‍तेमाल करते हुए मोहन भागवत से जुड़ी पोस्‍ट को वायरल किया गया है। खबर में प्रभात खबर की असली पोस्‍ट का भी जिक्र करते हुए पूरी सच्‍चाई सामने रखी गई।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत के नाम पर वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए हमने संघ के पूर्व दिल्‍ली प्रांत प्रचार प्रमुख और वर्तमान में संघ की सहायक प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली से संपर्क किया। उन्‍होंने इसे फर्जी बताया। उन्‍होंने कहा कि मोहन भागवत ने कभी भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले फेसबुक पेज की जांच की। पता चला कि मध्‍य प्रदेश के मुरैना से संचालित लोकनायक न्‍यूज नाम के पेज को 90 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि वायरल पोस्‍ट फर्जी है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने परशुराम को लेकर कोई ऐसा बयान नहीं दिया, जैसा कि वायरल पोस्‍ट में लिखा गया है। प्रभात खबर की असली पोस्‍ट के साथ छेड़छाड़ करके वायरल पोस्‍ट को तैयार किया गया है।

  • Claim Review : संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि परशुराम जी बढ़ई समाज के लक्कड़हारे थे।
  • Claimed By : FB Page Loknayak News
  • Fact Check : झूठ

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