Fact Check: चीनी सेना की घुसपैठ के दावे से वायरल वीडियो अमरनाथ के रजिस्ट्रेशन का है
अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल बेस कैंप के वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ का बताकर वायरल किया गया है। वायरल पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हुई। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jul 10, 2026 at 05:32 PM
- Updated: Jul 14, 2026 at 12:48 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया में इन दिनों ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनके जरिए यह दावा किया जा रहा है कि चीन अरुणाचल प्रदेश सीमा से साठ किलोमीटर तक घुस आया है। इसी क्रम में अब एक वीडियो वायरल है। इसमें सुरक्षाबलों को बडी संख्या में लोगों को संभालते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को अरुणाचल प्रदेश का बताकर वायरल किया जा रहा है। वीडियो को अरुणाचल प्रदेश का मानकर कई यूजर्स शेयर भी कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। वायरल वीडियो अरुणाचल प्रदेश का नहीं, बल्कि अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल बेस कैंप का साबित हुआ। भारत सरकार की ओर से चीन की किसी भी घुसपैठ से साफ इनकार किया गया है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Komal Vanshi’ ने 8 जुलाई 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “क्या भारत की सीमाएँ पूरी तरह सुरक्षित हैं? भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कोई नया विषय नहीं है। समय-समय पर ऐसी घटनाएँ सामने आती रही हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था और सीमा प्रबंधन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिक कथित तौर पर अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ ज़िले में भारतीय सीमा के लगभग 60 किलोमीटर भीतर स्थित कपापू क्षेत्र तक पहुँच गए थे और कुछ समय के लिए वहाँ डेरा डाले रहे। रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि अक्टूबर 2018 में लगभग 10 चीनी सैनिक दिबांग घाटी में माथू और येमरा नदियों के किनारे भारतीय सीमा के लगभग 14 किलोमीटर भीतर तक आए थे। उन्होंने कुछ घंटों तक वहाँ टेंट लगाए और बाद में लौट गए। बताया जाता है कि इस दौरान उन्होंने भारतीय पोर्टरों (कुलियों) की सहायता ली थी, और उन्हीं में से एक ने उनकी तस्वीरें भी ली थीं। यदि ये रिपोर्टें सही हैं, तो यह केवल सीमा पर हुई एक साधारण घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जाँच, सीमा क्षेत्रों में सतर्क निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था समय की आवश्यकता है। सीमाएँ केवल नक्शे पर खींची गई रेखाएँ नहीं होतीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास, सम्मान और संप्रभुता का प्रतीक होती हैं। इसलिए सीमाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच के लिए सबसे पहले इसे ध्यान से देखा। हमें बैरिकेड पर ‘जम्मू व कश्मीर पुलिस’ लिखा हुआ नजर आया। इस बैरिकेड से ही यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो अरुणाचल प्रदेश का नहीं हो सकता है।

जांच के अगले चरण में वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले गए। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। यह वीडियो अरुणाचल प्रदेश के नाम पर काफी वायरल मिला, लेकिन 7 जुलाई 2026 का वीडियो, एक यूट्यूब चैनल पर शॉर्ट के रूप में मिला। इसे बालटाल का बताया गया। बालटाल अमरनाथ यात्रा का प्रमुख बेस कैंप है। यह जम्मू-कश्मीर में स्थित है।
सर्च के दौरान हमें ‘सुशील सैनी’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर दो वीडियो मिले। इन्हें 4 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था। वीडियो को लेकर यहां बताया गया कि ये बालटाल में तत्काल रजिस्ट्रेशन से जुड़े हुए हैं।
विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान इंस्टाग्राम यूजर सुशील सैनी से संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल बेस कैंप का है, अरुणाचल प्रदेश का नहीं।
क्या है संदर्भ?
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुए कई अलग-अलग वीडियो में यह दावा किया गया कि भारतीय सीमा में 60 किलोमीटर तक चीनी सैनिक घुसपैठ कर चुके हैं। ऐसे दावों का सरकार और सेना ने खंडन किया है। भारतीय सेना के बयान के मुताबिक, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि हाल ही में चीनी PLA ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और कैंप लगाए हैं। ये रिपोर्ट गलत हैं और इनका कोई आधार नहीं है।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इन दावों को खारिज कर दिया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय इलाके में घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्र में ‘कोई घुसपैठ नहीं’ हुई है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं, क्योंकि सीमा स्पष्ट रूप से तय नहीं है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजिजू ने कहा, “कोई घुसपैठ नहीं हुई है। सीमा तय न होने की वजह से दोनों तरफ से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं।” किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं।
जांच के अंत में फेसबुक यूजर ‘Komal Vanshi’ के अकाउंट की जांच की गई। इसी अकाउंट से फर्जी पोस्ट की गई थी। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि इसे छह हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर दिल्ली की रहने वाली है। यह अकाउंट फरवरी 2011 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल बेस कैंप के वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ का बताकर वायरल किया गया है। वायरल पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हुई। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- Claim Review : अरुणाचल प्रदेश में चीन ने की घुसपैठ
- Claimed By : FB User Komal Vanshi
- Fact Check : झूठ
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