Fact Check: भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक के नाम पर टाइम मैगजीन का Fake कवर वायरल
टाइम मैगजीन ने अपने कवर पर सोनम वांगचुक को जगह नहीं दिया है। एक काल्पनिक आर्टवर्क को टाइम मैगजीन का कवर बताकर झूठ फैलाया जा रहा है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jul 17, 2026 at 04:48 PM
- Updated: Jul 23, 2026 at 05:11 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दुनिया की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में शुमार ‘टाइम मैगजीन’ के कवर के नाम पर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्थान दिया गया है। इस तस्वीर को वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि टाइम मैगजीन ने अपने कवर पेज पर सोनम वांगचुक को स्थान देकर उनका समर्थन किया है। इस पोस्ट को सच मानकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल कवर की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। जांच में पता चला कि यह एक स्वतंत्र कॉन्सेप्ट-आधारित आर्टवर्क है, जिसे टाइम मैगजीन के कवर स्टाइल के रूप में बनाया गया है। इसका टाइम मैगजीन से कोई संबंध नहीं है। मैगजीन ने ऐसा कोई कवर पेज नहीं छापा है।
सोनम वांगचुक दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध स्थल जंतर मंतर पर 28 जून 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े फैक्ट चेक रिपोर्ट्स यहां पढ़े जा सकते हैं।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘कॉमरेड विक्रान्त’ ने 16 जुलाई 2026 को एक कवर इमेज को शेयर करते हुए लिखा, “विश्वविख्यात TIME मैगजीन पत्रिका ने अपने कवर पेज पर यह तस्वीर लगाकर सोनम वांगचुक को अपना समर्थन दिया है। अगर, मोदी सत्ता ने सोनम से बातचीत नहीं की, तो यह अंतरराष्ट्रीय मसला गले की फांस भी बन सकता है। वैसे भी SIR में वोट काटने का मसला संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार का मुद्दा बन चुका है। इधर, सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल तस्वीर को गूगल लेंस टूल के जरिए स्कैन किया। इससे जुडी सबसे पुरानी पोस्ट हमें 14 जुलाई 2026 की मिली। ‘सुजान कादरी’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस तस्वीर को सबसे पहले पोस्ट किया गया था। तस्वीर के साथ डिस्क्लेमर में साफ बताया गया है कि यह एक स्वतंत्र कॉन्सेप्ट-आधारित आर्टवर्क है, जिसे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसका टाइम मैगजीन से कोई संबंध नहीं है। मैगजीन से प्रेरित लेआउट का इस्तेमाल सिर्फ विज़ुअल डिजाइन के संदर्भ के तौर पर किया गया है। इस तस्वीर को 13 जुलाई 2026 को पोस्ट किया गया था।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने टाइम मैगजीन की वेबसाइट को स्कैन किया। यदि मैगजीन ने ऐसा कवर छापा होता, तो वह उनकी वेबसाइट पर जरूर उपलब्ध होता। लेकिन हमें वहां भी यह कवर पेज नहीं मिला। इससे यह साफ हो गया कि वायरल कवर पूरी तरह से फेक है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने टाइम मैगजीन के एशिया एडिशन को भी उनकी वेबसाइट पर चेक किया। यहां भी हमें वायरल तस्वीर जैसा कोई कवर पेज नहीं मिला। टाइम के लेटेस्ट कवर को नीचे देखा जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता विजेता दहिया से भी संपर्क किया। उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में किसी कलाकार ने यह तस्वीर बनाई है। यह टाइम मैगजीन का असली कवर पेज नहीं है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वायरल कवर पेज बनाने वाले आर्टिस्ट सुजान कादरी से संपर्क किया और उनके साथ वायरल तस्वीर शेयर किया। उन्होंने बताया कि यह तस्वीर उन्होंने सोनम वांगचुक के समर्थन में बनाई है। इसका टाइम मैगजीन से कोई संबंध नहीं है।
क्या है संदर्भ?
‘जागरण डॉट कॉम’ की 12 जुलाई 2026 की एक खबर के अनुसार, देश में परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। इसके बाद सोनम वांगचुक 28 जून 2026 को इसमें शामिल हुए थे। सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं।
17 जुलाई 2026 को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल के 20वें दिन सोनम वांगचुक का वजन 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनका ब्लड प्रेशर 108/68 है।
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले फेसबुक अकाउंट की जांच की गई। पता चला कि यूजर को छह हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट जून 2026 में बनाया गया था। यूजर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में टाइम मैगजीन के कवर के नाम पर वायरल तस्वीर फेक साबित हुई। टाइम मैगजीन ने अपने कवर पर सोनम वांगचुक को जगह नहीं दिया है। एक काल्पनिक आर्टवर्क को टाइम मैगजीन का कवर बताकर झूठ फैलाया जा रहा है।
- Claim Review : टाइम मैगजीन ने अपने कवर पर सोनम वांगचुक को छापा।
- Claimed By : FB User Vikrant
- Fact Check : झूठ
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