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Fact Check: पंजाब के मानसा में हुई मॉक ड्रिल का वीडियो फर्जी दावे के साथ वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: March 16, 2020

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पंजाब पुलिस के कुछ अफसर और डॉक्टरों की टीम को देखा जा सकता है। इस वीडियो में वह राह चल रहे एक लड़के को उठाकर एम्बुलेंस में डालकर ले जाते हैं। दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस के कारण पंजाब पुलिस जगह-जगह पर जांच कर रही है और शक पड़ने पर लोगों को उठा रही है।

विश्वास टीम ने इस वीडियो की पड़ताल में पाया कि यह वीडियो एक मॉक ड्रिल का है जो कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए शुक्रवार 13 मार्च 2020 को मानसा जिले के गांव बछोयाना में करवाई गई थी।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक पर “ੴ ਮਜ਼ਹਬੀ ਸਿੱਖ ਰੰਘਰੇਟੇ ੴ” नाम के यूज़र ने एक वीडियो अपलोड किया जिसमें पंजाब पुलिस के कुछ अफसर और डॉक्टरों की टीम को देखा जा सकता है जो राह चले एक लड़के को उठाकर एम्बुलेंस में डालकर ले जाते हैं। वीडियो के साथ डिस्क्रिप्शन लिखा गया: “ ਕਰੌਨਾ ਵਾਇਰਸ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲੀਸ ਤੇ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਕੀਤਾ ਗਿਰਫਤਾਰ ਸਾਰੀ ਦੁਨੀਆੰ ਦੇ ਡਾਕਟਰਾਂ ਤੇ ਪੁਲੀਸ ਵਿੱਚੋਂ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਸਾਡੀ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲੀਸ ਤੇ ਡਾਕਟਰ 😷🤒🤗🙏🏼✅
ਨੋਟ :- ਇਹ ਚੈੱਕ ਨਾਕੇ ਲੁਧਿਆਣੇ ਵਿੱਚ ਜ਼ਰੂਰ ਲਗਾਓ 🤗🙏🏼✅ ” (कोरोना वायरस के मरीज को पंजाब पुलिस और डॉक्टरों की टीम ने किया गिरफ्तार, सारी दुनिया के डॉक्टरों और पुलिस में से सबसे नेहतर हमारी पंजाब पुलिस और डॉक्टर 😷🤒🤗🙏🏼✅
नोट:- यह चेक नाके लुधियाना में भी लगाओ 🤗🙏🏼✅ )

वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड लिंक।

पड़ताल

पड़ताल की शुरुआत करते हुए हमने सबसे पहले इस वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में अगर गौर किया जाए तो एम्बुलेंस के दरवाज़े के पीछे 01652-250073 नंबर लिखा हुआ है जो मानसा जिले में पड़ते एक अस्पताल का है। इसके अलावा एम्बुलेंस की रजिस्टर नंबर प्लेट पर PB 31 लिखा हुआ है। आपको बता दें कि PB 31 पंजाब के मानसा का व्हीकल कोड होता है। इस पोस्ट पर एक यूज़र ने कमेंट भी किया है कि यह वीडियो एक मॉक ड्रिल का है।

अब हमने कीवर्ड सर्च का सहारा लेते हुए पड़ताल आगे बढ़ाई। हमें फेसबुक पर 14 मार्च को अपलोड एक वीडियो मिला जिसके साथ डिस्क्रिप्शन लिखा गया था: ਕੋਰੋਨਾ ਵਾਇਰਸ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਤੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਲਈ ਮਾਨਸਾ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਬੱਛੋਆਣਾ ਵਿਖੇ ਮੋਕ ਡਰਿੱਲ ਕਰਵਾਈ ਗਈ (हिंदी अनुवाद: कोरोना वायरस से बचाव पर जागरूक करने के लिए मानसा जिले पड़ते गांव बछोयाना में मॉक ड्रिल करवाई गई)

इस वीडियो में वायरल वीडियो में दिख रही जगह को देखा जा सकता है और इसी पुलिस की टीम और डॉक्टरों की टीम को भी देखा जा सकता है। वीडियो में फर्क बस इतना है की इस वीडियो में डॉक्टरों की टीम जिस बंदे को लेकर जा रही है वो कोई और होता है।

इसके अलावा हमें “District Public Relations Office Mansa” के पेज से एक पुष्टि मिलती है, जिसमें बताया जाता है कि मानसा जिले में कोई कोरोना वायरस का मरीज़ नहीं है और जो वीडियो कोरोना वायरस के नाम से वायरल हो रही है वो एक मॉक ड्रिल का है”

अब हमने इस वीडियो को लेकर हमारे पंजाबी जागरण के मानसा जिला इंचार्ज रिपोर्टर कुलजीत सिंह सिद्धू से बात की। कुलजीत ने हमें बताया, “गांव बछोयाना में पिछले दिनों सेहत विभाग की टीम की तरफ से कोरोना वायरस की बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए एक मॉक ड्रिल करवाई गई थी। यह वायरल वीडियो भी उसी मॉक ड्रिल का है। मानसा जिले में कोई कोरोना वायरस का मरीज़ नहीं है। इस वीडियो को लेकर मानसा जिले का नाम कई जगह खराब हुआ है।”

हमें इस मॉक ड्रिल को लेकर पंजाबी जागरण की 13 मार्च 2020 को प्रकाशित एक खबर भी मिली। अगर इस खबर में इस्तेमाल की गई तस्वीर के ऊपर गौर किया जाए तो पता चल जाता है कि वायरल वीडियो में दिख रहे अफसर इस तस्वीर में भी हैं।

खबर के अनुसार: “पूरे विश्व में विकराल रूप धारण कर चुका कोरोना वायरस को आगे बढ़ने से रोकने के सबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए स्थानीय सिविल और पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी बरत रहा है। इस सिलसिले के तहत शुक्रवार को गांव बछोयाना में SDM बुढलाडा आदित्य डेचलवाल की अगुआई में DSP जसपिंदर सिंह गिल, सीनियर मेडिकल अफसर बुढलाडा और कई और सेहत विभाग टीम के लोगों की तरफ से मॉक ड्रिल की गई और जिसमें कोरोना वायरस से बचने के उपाय बताए गए।”

इस वीडियो को सोशल मिडिया पर कई सारे यूज़र शेयर कर रहे हैं और इन्हीं में से एक है “
ੴ ਮਜ਼ਹਬੀ ਸਿੱਖ ਰੰਘਰੇਟੇ ੴ” नाम का फेसबुक पेज।

Disclaimer: विश्वास न्यूज की कोरोना वायरस (COVID-19) से जुड़ी फैक्ट चेक स्टोरी को पढ़ते या उसे शेयर करते वक्त आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि जिन आंकड़ों या रिसर्च संबंधी डेटा का इस्तेमाल किया गया है, वह परिवर्तनीय है। परिवर्तनीय इसलिए क्योंकि इस महामारी से जुड़े आंकड़ें (संक्रमित और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या, इससे होने वाली मौतों की संख्या ) में लगातार बदलाव हो रहा है। इसके साथ ही इस बीमारी का वैक्सीन खोजे जाने की दिशा में चल रहे रिसर्च के ठोस परिणाम आने बाकी हैं, और इस वजह से इलाज और बचाव को लेकर उपलब्ध आंकड़ों में भी बदलाव हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि स्टोरी में इस्तेमाल किए गए डेटा को उसकी तारीख के संदर्भ में देखा जाए।

निष्कर्ष: वायरल हो रहा वीडियो मॉक ड्रिल का है। यह मॉक ड्रिल कोरोना वायरस को लेकर शुक्रवार 13 मार्च 2020 को मनसा में पड़ते गांव बछोयाना में करवाई गई थी।

  • Claim Review : कोरोना वायरस के मरीज को पंजाब पुलिस और डॉक्टरों की टीम ने किया गिरफ्तार
  • Claimed By : FB Page- ਮਜ਼ਹਬੀ ਸਿੱਖ ਰੰਘਰੇਟੇ
  • Fact Check : झूठ
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