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Fact Check: बंगाल में साधुओं को पीटने के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ किया जा रहा वायरल 

साधुओं को पीटने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो एक साल पुराना है और पश्चिम बंगाल का है। पुलिस के अनुसार, मकर संक्रांति के मौके पर पुरुलिया जिले में गंगासागर मेले में स्नान करने आये साधुओं को स्थानीय लोगों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने के गलत आरोप में पीटा था। वहीं, गाजियाबाद वाली घटना भी करीब एक साल पुरानी है।

नई दिल्ली (नई दिल्ली)। सोशल मीडिया पर कुछ साधुओं को पीटने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह गाजियाबाद के मुरादनगर का है। मुरादनगर के गंगनहर के मंदिर के बाहर चेंजिंग रूम है। चेंजिंग रूम में कैमरा लगा हुआ था और इसकी लाइव फीड महंत के मोबाइल पर थी। जैसे ही लोगों को ये बात पता चली उन्होंने उनकी पिटाई कर दी। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो एक साल पुराना है और पश्चिम बंगाल का है। पुलिस के अनुसार, मकर संक्रांति के मौके पर पुरुलिया जिले में गंगासागर मेले में स्नान करने आए  साधुओं को स्थानीय लोगों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने के गलत आरोप में पीटा था। वहीं, गाजियाबाद वाली घटना भी करीब एक साल पुरानी है। मामला सामने आने के बाद सीसीटीवी लगाने वाला महंत फरार हो गया था।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘परवेज़ डेरवाल’ ने 4 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “गाजियाबाद में मुरादनगर गंगनहर पर मंदिर के बाहर चेंजिंग रूम है। इसमें CCTV कैमरा लगा मिला है और कैमरे की Live फीड महंत के मोबाइल पर थी। महंत के मोबाइल से पुलिस को महिलाओं के कपड़े बदलते हुए कई क्लिप मिली हैं।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक वीडियो रिपोर्ट रिपब्लिक भारत के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिली। वीडियो को 13 जनवरी 2024 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, साधुओं को निर्वस्त्र करके पीटने का यह मामला पश्चिम बंगाल के पुरुलिया का था।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट यूपी तक की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 13 जनवरी 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में गंगासागर मेले का आयोजन चल रहा था। इसी मेले में पहुंचे यूपी के तीन साधुओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। स्थानीय लोगों ने तीनों साधुओं को अपहरण करने वाला समझ लिया था, जिसके बाद उन पर हमला कर दिया।  सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को भीड़ से बचाया और फिर सभी को थाने लाया गया। इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”

आजतक की वेबसाइट पर 13 जनवरी 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “ इस मामले को लेकर पुलिस का कहना था कि यूपी के तीन साधु, एक व्यक्ति और उसके दो बेटे मकर संक्रांति पर स्नान करने के लिए गंगासागर जा रहे थे। इस दौरान वे रास्ता भटक गए, जिस पर उन्होंने तीन लड़कियों से रास्ते के बारे में पूछा। लड़कियां साधुओं को देखकर चिल्लाते हुए वहां से भाग गईं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने साधुओं को पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी।  मामला बढ़ने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर तीनों साधुओं को काशीपुर पुलिस स्टेशन ले आई।”

गाजियाबाद वाले मामले के बारे में सर्च करने पर हमें एबीपी न्यूज की आधिकारिक वेबसाइट पर दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट 25 मई 2024 को प्रकाशित मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में छोटा हरिद्वार के नाम से मशहूर गंगनहर घाट पर महिलाओं के चेंजिंग रूम में सीसीटीवी मिला था। इस मामले में गंगनहर घाट पर स्थित प्राचीन शनि मंदिर के महंत के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी फरार हो गया था।”

ईटीवी की वेबसाइट पर 8 सितंबर 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “पुलिस की जांच में सामने आया कि महंत ने गंगनहर के पास स्थित चेंजिंग रूम में कैमरे लगाकर महिलाओं के कपड़े बदलते समय वीडियो रिकॉर्ड किए थे। इस मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन आरोपी महंत फरार हो गया। चार महीने बीतने के बाद जब महंत की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। तो मुरादनगर पुलिस ने महंत की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।”

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण गाजियाबाद में इस मामले को कवर करने वाले रिपोर्टर विजय त्यागी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो उस घटना का नहीं है। गंगनहर के घाट के महिलाओं के चेंजिंग रूम में कैमरे के लगे होने की शिकायत की गई थी। वहां के महंत पर कैमरा लगाने का आरोप लगा था। फिर वो फरार हो गया था। कुछ महीनों बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। अभी वो जमानत पर है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब 2.5 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को दिल्ली का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि साधुओं को पीटने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो एक साल पुराना है और पश्चिम बंगाल का है। पुलिस के अनुसार, मकर संक्रांति के मौके पर पुरुलिया जिले में गंगासागर मेले में स्नान करने आये साधुओं को स्थानीय लोगों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने के गलत आरोप में पीटा था। वहीं, गाजियाबाद वाली घटना भी करीब एक साल पुरानी है।

  • Claim Review : महिलाओं के चेंजिंग रूम में कैमरा लगाने पर साधुओं को पीटा।
  • Claimed By : FB User Parvez Derwal
  • Fact Check : झूठ

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