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Fact Check: खाटू श्याम में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की पिटाई का नहीं है यह वीडियो

आरोपियों का जुलूस निकालती पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वीडियो अलवर का है। दरअसल पुलिस ने मोहर्रम के जुलूस के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। फिर उनका जुलूस निकाला था।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Jul 15, 2025 at 05:32 PM
  • Updated: Jul 15, 2025 at 06:12 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर राजस्थान पुलिस के नाम से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस कुछ लोगों को पकड़कर लेकर जा रही है और वो लंगड़ा कर चल रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान पुलिस ने खाटू श्याम में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने वाले चारों दुकानदार को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वीडियो अलवर का है। दरअसल, 6 जुलाई को अलवर में मोहर्रम के मौके पर कुछ लोगों ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को बेरहमी से पीटा था। इसी के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जुलूस निकाला था। इसे अब खाटू श्याम वाले मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल ?

इंस्टाग्राम यूजर ‘happygoyal17’ ने 14 जुलाई 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर किया था। पोस्ट पर लिखा हुआ है, “खाटूश्याम जी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने वाले चारों दुकानदार …प्रसाद वितरण करने के बाद पुलिस ने निकाला जुलूस।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 4 दिन पहले प्रकाशित किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, “अलवर शहर में 6 जुलाई को मोहर्रम के दिन भीड़ में से निकल रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी प्रदीप कुमार पर हमला करने के मामले में पुलिस ने 4 जनों को गिरफ्तार किया है। फिर जेल चौराहे के आसपास चारों आरोपियों का बापर्दा जुलूस निकाला गया।”

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट जी राजस्थान के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर मिली। पोस्ट को 11 जुलाई 2025 को शेयर किया गया था। पोस्ट के मुताबिक, “Alwar : पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का मामला, पुलिस ने आरोपियों का निकाला जुलूस।” वीडियो में सीओ सिटी अंगद शर्मा को बताते हुए देखा जा सकता है कि पुलिस ने मोहर्रम के दिन ट्रैफिक पुलिसकर्मी प्रदीप कुमार पर हमला करने आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है।

एनडीटीवी राजस्थान की वेबसाइट पर 11 जुलाई 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मोहर्रम के दिन ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला करने के मामले में 3 आरोपियों अघिक उर्फ सद्धीक , मौहम्मद कैफ उर्फ नन्दु खान और साहिद अली उर्फ बल्‍ला को गिरफ्तार किया गया। 

हमें अलवर पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर दावे से जुड़ी एक पोस्ट 11 जुलाई 2025 को शेयर हुई मिली। मौजूद जानकारी के मुताबिक, “थाना शिवाजी पार्क अलवर…मोहर्रम पर पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला करने वाले 03 शातिर बदमाश बापर्दा गिरफ्तार।”

नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर 11 जुलाई 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में मध्य प्रदेश से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आये थे। तभी भारी बारिश होने लगी और जब वो शरण की आस में एक दुकान में घुसे, तो बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मंदिर के आसपास लाठियां चलने लगीं। श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी घायल हो गए। श्रद्धालुओं का आरोप है कि दुकानदारों ने लाठियों से जमकर पीटा। महिलाओं को नहीं बख्शा। उन पर लाठियां चलाने में कोई परहेज नहीं किया। महिलाओं ने चोट के निशान भी दिखाए।

सीकर पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मौजूद 12 जुलाई 2025 की पोस्ट के अनुसार, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार दुकानदारों को गिरफ्तार किया था।

https://twitter.com/SikarPolice/status/1943862183294881875

अधिक जानकारी के लिए हमने राजस्थान के स्थानीय पत्रकार संतोष पंडेय से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो अलवर का है और पुलिस ने इन्हें मोहर्रम के दिन पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। फिर पुलिस ने इनका जुलूस निकाला था।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को दो हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर इसी तरह की फर्जी पोस्ट को शेयर करता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि आरोपियों का जुलूस निकालती पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वीडियो अलवर का है। दरअसल पुलिस ने मोहर्रम के जुलूस के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। फिर उनका जुलूस निकाला था। इसे अब खाटू श्याम वाले मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : खाटू श्याम में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों का वीडियो।
  • Claimed By : Inst user happygoyal17
  • Fact Check : झूठ

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