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Fact Check : उत्तराखंड की मस्जिद का नहीं, इंडोनेशिया के एम्यूजमेंट पार्क को ढहाये जाने का है यह वायरल वीडियो

मस्जिद तोड़ने के नाम पर वायरल इमारत के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। इंडोनेशिया के एम्यूजमेंट पार्क को गिराए जाने के वीडियो को उत्तराखंड में मस्जिद ढहाए जाने के फेक और भड़काऊ सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Mar 12, 2025 at 04:21 PM
  • Updated: Mar 12, 2025 at 04:27 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। रमजान के बीच सोशल मीडिया पर मस्जिद जैसी दिखने वाली हरे रंग की एक इमारत को तोड़ने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड में मस्जिद तोड़ी गई।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। उत्तराखंड में मस्जिद को गिराए जाने का दावा फेक है। ऐसी कोई घटना हाल-फिलहाल में नहीं हुई है। वीडियो में नजर आ रही इमारत कोई मस्जिद नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का एम्यूजमेंट पार्क हिबिस्क फैंटेसी पुंचक है। इंडोनेशिया के एम्यूजमेंट पार्क को गिराए जाने के वीडियो को उत्तराखंड में मस्जिद ढहाए जाने के फेक और भड़काऊ सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘विक्की कोली’ ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “देवभूमि उत्तराखंड से सुकून वाला विडिओ प्राप्त हुआ। अब सिर्फ देवों के देव महादेव।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो का एक लंबा वर्जन ‘न्यू फारसी ऑफिशियल’ नामक एक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 10 मार्च 2025 को अपलोड किया गया था। दी गई जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो इंडोनेशिया के हिबिस्क फैंटेसी पुंचक का है। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट सीएनएन की इंडोनेशियाई न्यूज वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 11 मार्च 2025 को प्रकाशित किया गया था। इंडोनेशियाई भाषा में लिखी इस रिपोर्ट के मुताबिक, ईस्ट जावा के गवर्नर देदी मुल्यादी ने इंडोनेशिया के एम्यूजमेंट पार्क हिबिस्क फैंटेसी पुंचक को तोड़ने का आदेश दिया था। 

हमें इस घटना से जुड़ी कई अन्य न्यूज रिपोर्ट भी मिली। इन रिपोर्ट्स में भी इसे इंडोनेशिया के एम्यूजमेंट पार्क हिबिस्क फैंटेसी पुंचक का ही बताया गया है।

हमें इंडोनेशियाई यूट्यूब चैनल कोमपास डॉट कॉम पर दावे से जुड़ा एक लंबा वर्जन मिला। वीडियो में 18 सेकेंड पर वायरल वीडियो में नजर आ रही इमारत को देखा जा सकता है। दी गई जानकारी के मुताबिक, वीडियो इंडोनेशिया के एम्यूजमेंट पार्क हिबिस्क फैंटेसी पुंसक का है। पार्क के मालिकों पर इसे बनाने के लिए नियमों के उल्लंघन करने का आरोप लगा था। पश्चिम जावा के गवर्नर देदी मुल्यादी ने इसे तोड़ने के आदेश दिये थे।

जांच के दौरान हमें हिबिस्क फैंटेसी पुंसक का आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज मिला। हमें 23 जनवरी 2025 को अपलोड हुआ एक वीडियो मिला। वीडियो में वायरल वीडियो वाली इमारत को देखा जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमने देहरादून दैनिक जागरण के रिपोर्टर सुनील नेगी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो यहां का नहीं है। कुछ समय पहले सरकार ने अवैध मदरसों पर सील लगाने के आदेश जारी किये थे, लेकिन तोड़ने को लेकर अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को छह हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को दिल्ली का रहने वाला बताया है। यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मस्जिद तोड़ने के नाम पर वायरल इमारत के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। उत्तराखंड में मस्जिद को गिराए जाने का दावा फेक है। ऐसी कोई घटना हाल-फिलहाल में नहीं हुई है। वीडियो में नजर आ रही इमारत कोई मस्जिद नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का एम्यूजमेंट पार्क हिबिस्क फैंटेसी पुंचक है। इंडोनेशिया के एम्यूजमेंट पार्क को गिराए जाने के वीडियो को उत्तराखंड में मस्जिद ढहाए जाने के फेक और भड़काऊ सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : उत्तराखंड में तोड़ी गई मस्जिद।
  • Claimed By : FB User Vicky Koli
  • Fact Check : झूठ

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