Fact Check: गोपालगंज में साधु की वेशभूषा में बांग्लादेशी मुस्लिम के पकड़े जाने का फर्जी दावा वायरल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट जांच में पाए कि यह दावा फर्जी है। गोपालगंज पुलिस ने इस वायरल दावे का खंडन किया है और बताया है कि वायरल क्लिप में दिख रहे व्यक्ति/साधु बांग्लादेशी नहीं, बल्कि बहराइच के निवासी हैं।
- By: Umam Noor
- Published: Dec 17, 2025 at 05:07 PM
- Updated: Dec 17, 2025 at 07:04 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों को साधु की वेशभूषा में नजर आ रहे दो व्यक्तियों से बहस करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि बिहार के गोपालगंज में साधु के भेष में दो बांग्लादेशी मुस्लिम पकड़े गए हैं, जो मीट खा रहे थे। यह वीडियो सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स ही नहीं, बल्कि सुदर्शन दिल्ली के फेसबुक पेज पर भी इसी दावे के साथ शेयर किया गया है।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट जांच में पाए कि यह दावा फर्जी है। गोपालगंज पुलिस ने इस वायरल दावे का खंडन किया है और बताया है कि वायरल क्लिप में दिख रहे व्यक्ति/साधु बांग्लादेशी नहीं बल्कि बेहराइच के निवासी हैं।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर अशोक कुमार मिश्रा ने 15 दिसंबर को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “ये जो पकड़ा गया है वो साधु के भेष में बांग्लादेशी मुल्ला है गोपालगंज में लोगों ने पकड़ लिया मीट खा रहा था , गायत्री मंत्र का भी पता नहीं था , ऐसे लोगों की बजरंग इलाज बहुत जरूरी है।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
पड़ताल की शुरुआत हमने गूगल ओपन सर्च टूल पर वायरल दावे से जुड़े कीवर्ड्स सर्च करके की। सर्च के दौरान हमें पता चला कि यही वीडियो सुदर्शन दिल्ली के फेसबुक पेज पर भी साझा किया गया था, जहां इसे गोपालगंज में साधु के भेष में बांग्लादेशी मुस्लिम पकड़े जाने के दावे के साथ शेयर किया गया है।
इसके बाद हमने इस मामले से जुड़ी पुलिस जांच को खंगाला। न्यूज सर्च करने पर हमें गोपालगंज पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर 15 दिसंबर 2025 को जारी एक प्रेस रिलीज मिली। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर “टीम हिंदू यूनाइटेड” नामक एक्स हैंडल से यह वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें बांग्लादेशी साधुओं के पकड़े जाने का दावा किया गया। प्रेस रिलीज के अनुसार, “सोशल मीडिया पर “टीम हिन्दू यूनाइटेड” नामक एक्स आईडी से एक वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें दावा किया गया कि गोपालगंज में दो बांग्लादेशी साधुओं को पकड़ा गया है। इस वायरल वीडियो की जांच कुचायकोट थानाध्यक्ष द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि वीडियो में दिखाया गया व्यक्ति साधु है और उसके पास से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। वह भीख मांगने वाला साधु है। पुलिस द्वारा उसके आधार कार्ड की जांच की गई, जिसमें उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के निवासी के रूप में हुई है। यह स्पष्ट है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह भ्रामक और झूठा है।”
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को गौर से देखा। वीडियो में हमें पीछे नजर आ रही बिल्डिंग पर ‘मां भवानी क्लिनिक’ ‘हेल्थ एंड डायबिटिज ‘ सेंटर लिखा हुआ दिखा। वहीं, दूसरे फ्रेम में उसी बिल्डिंग पर ‘मां भवानी मेडिको’ भी लिखा हुआ नजर आया।

‘मां भवानी क्लिनिक’ ‘हेल्थ एंड डायबिटिज ‘ गोपालगंज बिहार को गूगल मैप पर सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो में नजर आ रही बिल्डिंग दिखी।

नीचे दिए गए कोलाज में इसे देखा जा सकता है।

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण गोपालगंज के प्रभारी वाल्मीकि मणि तिवारी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, “यह वीडियो दो- तीन दिन पहले वायरल हुआ था। पुलिस ने खुद इस मामले की जांच की और यह साधु बांग्लादेशी नहीं थे, बल्कि हिन्दू थे और बहराइच के आस- पास के रहने वाले वाले थे।”
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर अशोक मिश्रा वीडियो’ की सोशल स्कैनिंग में हमने पाया कि यूजर को 15 हजार लोग फॉलो करते हैं। इस प्रोफाइल पर दी गई जानकारी के अनुसार, यूजर लखनऊ का रहने वाला है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट जांच में पाए कि यह दावा फर्जी है। गोपालगंज पुलिस ने इस वायरल दावे का खंडन किया है और बताया है कि वायरल क्लिप में दिख रहे व्यक्ति/साधु बांग्लादेशी नहीं, बल्कि बहराइच के निवासी हैं।
- Claim Review : बिहार के गोपालगंज में साधु के भेष में दो बांग्लादेशी मुस्लिम पकड़े गए हैं, जो मीट खा रहे थे।
- Claimed By : FB User- Ashok Mishra Videos
- Fact Check : झूठ
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