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Fact Check: ईसा मसीह की तारीफ करते हुए पीएम मोदी का AI वीडियो वायरल

विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। पीएम मोदी के वायरल वीडियो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है। इसमें सच्‍चाई नहीं है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोशल मीडिया के अलग-अलग प्‍लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पीएम मोदी को ईसाई धर्म की तारीफ करते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में पीएम मोदी को यह भी बोलते हुए दिखाया गया है कि स्‍वर्ग में केवल ईसा मसीह ही ले जा सकते हैं।

वीडियो को सच समझकर कई यूजर्स शेयर और कमेंट कर रहे हैं। विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। वायरल हो रहा वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Khaju Damor’ ने पीएम मोदी के एक वीडियो को अपने अकाउंट पर 29 जनवरी 2026 को पोस्‍ट किया। इसे सच मानकर यूजर्स इस पर कमेंट कर रहे हैं। वायरल पोस्‍ट को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने पड़ताल की शुरुआत में सबसे पहले पीएम मोदी के वायरल वीडियो को स्‍कैन किया। वीडियो को देखने और सुनने से इसके काल्‍पनिक होने का अंदेशा लगा। वीडियो में पीएम मोदी के चेहरे के भाव और हाथों के मूवमेंट भी असली नहीं लगे।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इस वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया। हाइव मॉडरेशन के एनालिसिस ने इस वीडियो के एआई क्रिएटेड होने की पुष्टि की। हाइव के एनालिसिस ने इस वीडियो के 99 फीसदी एआई क्रिएटेड होने की संभावना जताई।

इसके बाद बफलो यूनिवर्सिटी के डिटेक्शन टूल डीपफेक-ओ-मीटर के जरिए वायरल वीडियो की सच्‍चाई जानने की कोशिश की गई। AVSRDD (2025) इस मॉडल ने वायरल वीडियो को 99 फीसदी से ज्‍यादा एआई बताया। इसी तरह दूसरे कई एआई मॉडल्स ने भी वायरल वीडियो को एआई बताया।

इसी तरह एक दूसरे एआई डिटेक्शन टूल, एआई ऑर नॉट ने भी अपने नतीजों में वायरल वीडियो के एआई होने की संभावना जताई।

हमने इस नतीजे की पुष्टि के लिए एक और डिटेक्शन टूल की मदद ली। Undetectable.ai के एनालिसिस ने भी इस वीडियो के एआई क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना की पुष्टि की।

विश्वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्‍सपर्ट एस.के. साहिद से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वायरल वीडियो में सच्‍चाई नहीं है। इसे एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

जांच के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। इसे करीब 10 हजार लोग फॉलो करते हैं, जबकि फेसबुक पर फ्रेंड की संख्‍या चार हजार से अधिक है।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। पीएम मोदी के वायरल वीडियो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है। इसमें सच्‍चाई नहीं है।

  • Claim Review : पीएम मोदी ने की ईसा मसीह की तारीफ
  • Claimed By : FB user Khaju Damor
  • Fact Check : झूठ

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