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Fact Check: हरियाणा में सरकारी कर्मियों को सोशल मीडिया पर 8000 से ज्यादा कमाने पर देना होगा टैक्स, पूरे देश में नहीं है लागू

हरियाणा में सरकारी कर्मियों को सोशल मीडिया से आठ हजार से ज्यादा कमाने पर टैक्स देना होगा। हालांकि, कंटेंट शेयर करने के लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। पूरे देश में इस तरह का कोई नियम लागू नहीं हुआ है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया हैंडल से होने वाली कमाई को लेकर कुछ यूजर्स एक पोस्ट शेयर कर रहे हैं। इसमें अखबार की एक खबर को शेयर किया जा रहा है। इसमें लिखा है कि सरकारी कर्मचारी को सोशल मीडिया से आठ हजार से ज्यादा कमाई करने पर टैक्स देना पड़ेगा।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों या अधिकारियों को सोशल मीडिया से आठ हजार से ज्यादा कमाने पर टैक्स देना होगा। हालांकि, इसके साथ उसके कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। पूरे देश में इस तरह का कोई नियम लागू नहीं हुआ है।

वायरल पोस्ट

फेसबुक यूजर Vinod Sanwasa ने 31 मार्च को इस कटिंग को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,

“सरकारी कर्मचारी
सोशल मीडिया कमाई पर टैक्स…सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया से ₹8,000 से अधिक की सालाना कमाई पर देना होगा टैक्स। सरकार को एक-तिहाई हिस्सा चुकाना अनिवार्य
“

पड़ताल

वायरल दावे को हमने गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया। 28 मार्च को न्यूज तक की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, “हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा सत्र के दौरान जानकारी दी कि राज्य में सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया के जरिए कमाई कर सकते हैं। विधानसभा में कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला के सवाल पर सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी साल में आठ हजार रुपये तक की कमाई कर सकता है। इससे ज्यादा इनकम होने पर तो अतिरिक्त राशि का एक-तिहाई हिस्सा सरकारी खजाने में देना होगा। ड्यूटी के बाद कर्मचारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रह सकते हैं। हालांकि, वह उनके सरकारी काम के दौरान मिली जानकारी को शेयर नहीं कर सकते हैं। साथ ही उनको कला या वैज्ञानिक चरित्र से जुड़ा कंटेंट बनाना होगा। मतलब वे रचनात्मक या शैक्षिक सामग्री शेयर कर सकते हैं।”

27 मार्च को अमर उजाला की वेबसाइट पर छपी खबर में बारे में पढ़ा जा सकता है। इसमें लिखा है कि इसके लिए गाइडलाइंस जारी की गई हैं।

दैनिक जागरण के 27 मार्च के रोहतक संस्करण में भी इस खबर को देखा जा सकता है।

इससे यह तो साफ हो गया कि हरियाणा में इस तरह का नियम लागू हुआ है। हालांकि, हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे यह साबित हो सके कि पूरे देश में इस तरह का कोई नियम लागू हुआ हो।

4 फरवरी 2025 को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक, झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मियों व अधिकारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइंस जारी की है। हालांकि, इसमें सोशल मीडिया से होने वाली कमाई को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है।

19 मार्च 2025 को एबीपी लाइव की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक, सोशल मीडिया से कमाई करने वाले इन्फ्लुएंसर्स सेल्फ इम्प्लॉयर श्रेणी में आते हैं। उनको सेल्फ इम्प्लॉयर टैक्सपेयर्स के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार कर देना होता है। इनको आईटीआर फाइल कर अपनी इनकम का खुलासा करना होता है। मौजूद टैक्स स्लैब के अनुसार, 12 लाख तक की इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। अगर सोशल मीडिया से हर माह एक लाख की कमाई होती है तो सालाना आय की गणना टैक्स स्लैब के अनुसार होगी। वित्तीय वर्ष में 20 लाख से ज्यादा की कमाई करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन करना होता है।

इस बारे में हमने दैनिक जागरण हरियाणा के स्टेट हेड अनुराग अग्रवाल से संपर्क किया। उनका कहना है कि हरियाणा में यह नियम पहले से लागू है। कुछ दिन पहले हरियाणा विधानसभा में यह सवाल उठा था, तब सरकार ने जवाब दिया था। वायरल खबर हरियाणा की है।

पोस्ट को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। जयपुर के रहने वाले यूजर के करीब 2500 फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: हरियाणा में सरकारी कर्मियों को सोशल मीडिया से आठ हजार से ज्यादा कमाने पर टैक्स देना होगा। हालांकि, कंटेंट शेयर करने के लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। पूरे देश में इस तरह का कोई नियम लागू नहीं हुआ है।

  • Claim Review : सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया से आठ हजार से ज्यादा कमाई करने पर टैक्स देना पड़ेगा।
  • Claimed By : FB User- Vinod Sanwasa
  • Fact Check : भ्रामक

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