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Fact Check : भूस्‍खलन का वायरल वीडियो महाराष्‍ट्र के मालशेज का नहीं, बल्कि जम्‍मू-श्रीनगर हाईवे का है

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पहाड़ों से पत्‍थरों को गिरते हुए देखा जा सकता है। यूजर्स दावा कर रहा हैं कि यह महाराष्‍ट्र के मालशेज घाट की घटना है। विश्‍वास टीम की पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। हमारी जांच में पता चला कि घटना मालशेज घाट की नहीं, बल्कि जम्‍मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे की है। 28 जुलाई को रामबान में भारी भूस्‍खलन हुआ था। वीडियो उसी दौरान का है।

क्‍या है वायरल वीडियो में

फेसबुक पेज नकलिंग देव धाम पर एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया गया : माल्शेज घाट पत्ते की तरह बिखरता हुआ। यह वीडियो न सिर्फ फेसबुक पर बल्कि यूट्यूब और व्हाट्सएप पर भी वायरल हो रहा है।

पड़ताल

विश्‍वास टीम ने सबसे पहले वायरल हो रहे वीडियो को ध्‍यान से देखा। वीडियो में पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्‍थरों को गिरते हुए देखा जा सकता है। हमने इस वीडियो को InVID टूल में अपलोड करके कई स्‍क्रीनशॉट निकाले। फिर उन्‍हें गूगल रिवर्स इमेज में सर्च किया। काफी देर के सर्च के बाद हमें Tribuneindia की वेबसाइट पर यह वीडियो मिला। इसके बाद विश्‍वास टीम ने दोनों वीडियो को एक साथ देखा। हमें कुछ समानता मिली। जैसे वायरल वीडियो और ओरिजनल वीडियो में दिख रहे सड़क किनारे छोटे पिलर्स का पैटर्न और डिजाइन एक जैसे ही हैं। इसके अलावा यदि दोनों वीडियो को ध्‍यान से देखें तो पहाड़ भी एक ही जैसे दिखेंगे।

इसके बाद हमने ट्रिब्‍यून की खबर को पढ़ना शुरू किया। हेडिंग थी : Shooting stones force NH closure. यह खबर वेबसाइट पर 29 जुलाई की सुबह 6:56 बजे सबमिट की गई थी। खबर के अंदर बताया गया था कि रामबन और बनिहल के बीच के जम्‍मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर पत्‍थरों के गिरने के कारण पूरे रास्‍ते को बंद कर दिया गया है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में ऐसी घटना का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है। इससे जुड़ी खबरें हमें दूसरी कई वेबसाइट पर भी देखने को मिली।

अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हम दैनिक जागरण के जम्‍मू के ईपेपर को खंगालना शुरू किया। हमें यहां एक खबर मिली। इसमें बताया गया था कि रामबन के पंथाल, डिगडोल, बैटरी चश्‍मा और ऊधमपुर क्षेत्र के कई हिस्‍सों पर भूस्‍खलन हुआ है। यही जानकारी हमें कई खबरों में मिली।

इसके बाद हमने जम्‍मू व कश्‍मीर ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक पर स्‍कैन करना शुरू किया। यहां हमें 28 जुलाई की एक पोस्‍ट मिली। इसमें बताया गया था कि जम्‍मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे को भूस्‍खलन के कारण बंद कर दिया गया है।

पड़ताल के अगले चरण में विश्‍वास टीम ने जम्‍मू स्थित दैनिक जागरण के वरिष्‍ठ संवाददाता राहुल शर्मा से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल हो रहा वीडियो रामबन का है। 28 जुलाई को यहां बारिश के कारण भूस्‍खलन हुआ था। मौसम विभाग को अभी भी रामबन और बनिहाल के बीच भारी भूस्‍खलन की आशंका है। जिसके कारण अमरनाथ यात्रा को भी 4 अगस्‍त तक रोक दिया गया है।

अंत में विश्‍वास टीम ने उस फेसबुक पेज की सोशल स्‍कैनिंग की, जहां जम्‍मू-श्रीनगर हाईवे के वीडियो को महाराष्‍ट्र के मालशेज का बताकर अपलोड किया गया था। नकलिंग देव धाम नाम के इस फेसबुक पेज को 5 जून 2019 को बनाया गया है। इसे अभी 421 लोग फॉलो करते हैं। इस पेज पर अधिकांश वायरल कंटेंट को पोस्‍ट किया जाता है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास टीम की पड़ताल में पता चला कि महाराष्‍ट्र हिल स्‍टेशन मालशेज के नाम पर वायरल हो रहा है वीडियो दरअसल जम्‍मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे का है। 28 जुलाई को रामबन के पास भूस्‍खलन हुआ था। वीडियो उसी दौरान का है।

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  • Claim Review : मालशेज घाट में भूस्‍खलन का वीडियो
  • Claimed By : FB User Nakling Dev Dham
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
  • True
  • Misleading
  • False
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