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Fact Check: हिरण के बच्चे को बचाते लड़के की यह तस्वीर 2014, बांग्लादेश की है, असम की नहीं

विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। असल में हिरण के बच्चे को बचाते लड़के की यह तस्वीर 2014, बांग्लादेश की हैं। इन तस्वीरों का असम में वर्तमान में आयी बाढ़ से कोई संबंध नहीं हैं।

  • By Vishvas News
  • Updated: July 21, 2020

नई दिल्ली, विश्वास न्यूज़। असम में बाढ़ के प्रकोप के बीच सोशल मीडिया पर एक लड़के की तस्वीर वायरल हो रहीं हैं, जिनमें इस लड़के को बाढ़ के पानी से एक हिरण को बचाने की कोशिश करते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है कि यह घटना असम की है। विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। असल में हिरण के बच्चे को बचाते लड़के की यह तस्वीर 2014, बांग्लादेश की हैं। इन तस्वीरों का असम में वर्तमान में आयी बाढ़ से कोई संबंध नहीं हैं।

क्या हो रहा है वायरल?

सोशल मीडिया पर वायरल इन तस्वीरों में एक लड़के को बाढ़ के पानी से एक हिरण को बचाने की कोशिश करते देखा जा सकता है। तस्वीरों के साथ कैप्शन में लिखा है “Real “Bahubali” of #Assam who saved a fawn from drowning.” जिसका हिंदी अनुवाद होता है “असम का असली # बाहुबली जिसने एक हिरण के बच्चे को डूबने से बचाया।”

इस पोस्ट का आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

हमने इन तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज के ज़रिये सर्च किया। खोजने पर हमें फरवरी 2014 में बांग्लादेश में आयी बाढ़ पर “डेली मेल” न्यूज़ पोर्टल की एक रिपोर्ट मिली। इस खबर में इन वायरल तस्वीरों वाले लड़के और हिरण के बच्चे की समान तस्वीरें थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना बांग्लादेश के नोआखली इलाके की है। 6 फरवरी 2014 को पब्लिश्ड खबर के मुताबिक, “एक बहादुर लड़के ने निडर होकर अपनी जान जोखिम में डाल दी और एक असहाय हिरण के बच्चे को डूबने से बचाने के लिए आश्चर्यजनक बहादुरी दिखाई। बेलाल नाम के इस लड़के ने अपनी निडरता का परिचय दिया। यह घटना बांग्लादेश के नोआखली में हुई, जब मूसलाधार बारिश और तेजी से बढ़ती बाढ़ के दौरान हिरण का बच्चा अपने परिवार से अलग हो गया।”

हमें यह तस्वीरें bbncommunity.com नाम की वेबसाइट पर भी मिलीं। इस वेबसाइट पर भी इन तस्वीरों के साथ खबर को 2014 में पब्लिश किया गया था।

इन दोनों ही वेबसाइटों पर मौजूद जानकारी के अनुसार, इन तस्वीरों को वन्यजीव फोटोग्राफर हसीबुल वहाब ने नोआखली में 2014 में आयी बाढ़ के दौरान खींचा था।

इस विषय में ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने फोटोग्राफर हसीबुल वहाब से मेल पर संपर्क साधा। इन तस्वीरों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने हमें बताया, “यह तस्वीरें मैंने 2014 में बांग्लादेश में खींचीं थीं।”

इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर कई लोग गलत दावों के साथ शेयर कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है R Sakthi Vel नाम का एक फेसबुक यूजर। प्रोफाइल के अनुसार, यूजर चेन्नई का रहने वाला है और उसके फेसबुक पर 643 फ़ॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। असल में हिरण के बच्चे को बचाते लड़के की यह तस्वीर 2014, बांग्लादेश की हैं। इन तस्वीरों का असम में वर्तमान में आयी बाढ़ से कोई संबंध नहीं हैं।

  • Claim Review : Real
  • Claimed By : R Sakthi Vel
  • Fact Check : झूठ
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