Fact Check: सशस्त्र सीमा बल के जवानों के वेतन-भत्तों के लिए पैसे नहीं होने की खबर 2020 की है, हाल की नहीं
जनवरी 2020 में फंड की कमी के चलते एसएसबी के जवानों का वेतन-भत्ता रुकने को लेकर खबर छपी थी। उसको हाल का बताकर शेयर किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Apr 4, 2025 at 05:21 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अखबार की एक कटिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें लिखा है, “सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सरकार को दी सूचना, जवानों को जनवरी का वेतन देने के लिए पैसे नहीं है।” कुछ यूजर्स इसे हालिया समझकर शेयर कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
विश्वास न्यूज की जब इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल हो रही खबर 2020 की है। एसएसबी के पीआरओ का कहना है कि अभी फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
वायरल पोस्ट
एक्स यूजर ‘सुधीर कोरी’ ने 1 अप्रैल को अखबार की कटिंग को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
इसमें लिखा है, “खबर है कि सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के करीब 90000 जवानों को वेतन देने के लिए पैसा विभाग के पास नहीं है। पैसे की कमी के कारण जवानों को भत्तों का भी भुगतान नहीं हो पाया है। स्थिति इतनी खराब है कि सैन्यकर्मियों को मिलने वाले चाइल्ड एजुकेशन भत्ते का भी भुगतान नहीं किया गया है। सीमा बल ने सरकार को इसकी सूचना दे दी है कि उसके पास वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। बता दें कि चार महीने में यह दूसरा मौका है, जब इन बलों को वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। पिछले साल सितंबर में सीआरपीएफ के तीन लाख जवानों का राशन भत्ता रोक दिया गया था। इसकी वजह थी कि गृह मंत्रालय ने फंड की कमी को लेकर भेजे गए तीन रिमाइंडर को इग्नोर कर दिया था।“
फेसबुक यूजर Vikram Kumar ने भी इस कटिंग को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “कुणाल कामरा तो दूरदर्शी भी निकला, “हम होंगे कंगाल,,, एक दिन..””कुछ ऐसा ही गाया था न कामरा ने“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। फेसबुक यूजर Dharmender Yadav ने 30 जनवरी 2020 को अखबार की इस खबर की कटिंग को शेयर किया है।

इससे यह साबित हो गया कि वायरल खबर हाल-फिलहाल की नहीं है।
कीवर्ड से सर्च में हमें आजतक की वेबसाइट पर 29 जनवरी 2020 को छपी खबर का लिंक मिला। इसमें लिखा है, “एसएसबी ने फंड की कमी के कारण अपने जवानों के भत्तों पर दो महीने तक के लिए रोक लगा दी है। एसएसबी के पास जनवरी और फरवरी का वेतन देने लायक ही पैसे बचे हैं। पीटीआई के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। 90 हजार जवानों वाली इस फोर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मार्च में सभी तरह के एरियर के भुगतान की बात भी कही गई है। एसएसबी के अधिकारियों का कहना है कि पहले भी ऐसा किया जा चुका है। 23 जनवरी को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था।”

28 जनवरी 2020 को जनसत्ता की वेबसाइट पर छपी खबर में भी इस जानकारी को पढ़ा जा सकता है। इसके अनुसार, एसएसबी में 94261 कर्मचारी हैं, जो नेपाल और भूटान से सटी 2450 किमी की सीमा की निगरानी करते हैं।

वेबसाइट पर छपी खबर और वायरल खबर का कंटेंट एक जैसा ही है।

इस बारे में हमने एसएसबी के पीआरओ विजेंद्र से संपर्क कर उनको वायरल पोस्ट भेजी। उनका कहना है कि यह जनवरी 2020 का मामला है। अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं है। पांच साल पुरानी खबर को अभी का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
पांच साल पुरानी खबर को हाल का बताकर शेयर करने वाले एक्स यूजर एक विचारधारा से प्रभावित हैं और उनके 2900 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: जनवरी 2020 में फंड की कमी के चलते एसएसबी के जवानों का वेतन-भत्ता रुकने को लेकर खबर छपी थी। उसको हाल का बताकर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : सशस्त्र सीमा बल ने सरकार को दी सूचना, जवानों को जनवरी का वेतन देने के लिए पैसे नहीं है।
- Claimed By : X User- सुधीर कोरी
- Fact Check : भ्रामक
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