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Fact Check: संभल हिंसा में जान गंवाने वाले नौजवान की नहीं है यह तस्वीर, दावा भ्रामक है

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया। इस फोटो का संभल में मारे गए किसी भी युवक से कोई संबंध नहीं है। यह तस्वीर अक्टूबर से सोशल मीडिया पर वायरल है, जबकि संभल में 24 नवंबर को हिंसा हुई थी।

  • By: Umam Noor
  • Published: Nov 29, 2024 at 05:21 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुई हिंसा में आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। इसी मामले से जुड़ी एक मृतक की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि इस युवक की मौत संभल हिंसा में हुई है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया। इस फोटो का संभल में मारे गए किसी भी युवक से कोई संबंध नहीं है। यह तस्वीर अक्टूबर से सोशल मीडिया पर वायरल है, जबकि संभल में 24 नवंबर को हिंसा हुई थी।

वायरल पोस्ट में क्या है?

फेसबुक यूजर ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “मौजूदा हालात में संभल के जवान शहीद का चेहरा बता रहा है कि शहादत कितनी बड़ी नेमत है।  अल्लाह हर मोमिन को शहादत का जज़्बा अता करे, आमीन.”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे मामले में संभल में हिंसा भड़क उठी थी, वहीं इस मामले में सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है।  पूरी खबर टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर पढ़ी जा सकती है।

अपनी पड़ताल शुरू करने के लिए हमने सबसे पहले वायरल तस्वीर को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च करने पर हमें यह फोटो एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 25 नवंबर 2024 को अपलोड की हुई मिली। यहां इस तस्वीर को पाकिस्तान के पाराचिनार के हवाले से शेयर किया गया है।

सर्च करने पर हमें यह फोटो एक अन्य इंस्टाग्राम हैंडल पर 21 अक्टूबर 2024 को भी अपलोड की गई मिली।

सर्च में पर हमें यही वायरल तस्वीर 20 अक्टूबर 2024 को एक वेरिफाइड इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर की हुई मिली। वहीं, हमने पाया कि इस अकाउंट पर अक्सर गाजा से जुड़ी पोस्ट शेयर की जाती हैं।

इस तस्वीर को अक्टूबर 2024 में गाजा से संबंधित कई अन्य सोशल मीडिया हैंडल द्वारा भी साझा किया गया था, जिसे यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।

न्यूज़ सर्च किये जाने पर हमें दैनिक जागरण की एक खबर मिली, जिसमें संभल हिंसा के दौरान मारे गए युवकों की तस्वीर और उनसे जुड़ी जानकारी को यहां इस खबर में देखा जा सकता है।

वायरल पोस्ट के संबंध में पुष्टि के लिए संभल में हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के वरिष्ठ रिपोर्टर ओम प्रकाश से संपर्क किया और उनके साथ वायरल पोस्ट साझा की। उन्होंने हमें बताया कि इस तस्वीर का संभल हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है।

विश्वास न्यूज इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि यह फोटो कब की या कहां की है या यह तस्वीर ऑरिजिनल है या एडिटेड, लेकिन यह साफ है कि जो फोटो वायरल हो रही है, वह संभल में मरने वाले किसी भी व्यक्ति की नहीं है, बल्कि यह पुरानी फोटो है।

संभल हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर कई भ्रामक पोस्ट वायरल हो रहीं, जिनका फैक्ट चेक विश्वास न्यूज़ ने किया है। इस मामले से जुड़ा हमारा फैक्ट चेक यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।

अब बारी थी भ्रामक पोस्ट शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग की। हमने पाया कि यूजर के फेसबुक पर तकरीबन पांच हजार दोस्त हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया। इस फोटो का संभल में मारे गए किसी भी युवक से कोई संबंध नहीं है। यह तस्वीर अक्टूबर से सोशल मीडिया पर वायरल है, जबकि संभल में 24 नवंबर को हिंसा हुई थी।

  • Claim Review : इस युवक की मौत संभल हिंसा में हुई है।
  • Claimed By : FB User- Kashif Jamal Khan
  • Fact Check : भ्रामक

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