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Fact Check : युवक की पिटाई के इस वायरल वीडियो का बांदा से नहीं है कोई संबंध

विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा फर्जी निकला। वायरल वीडियो यूपी के बांदा का नहीं, बल्कि शाहजहांपुर का है और उस व्यक्ति को पीटने वाला शख्स बीजेपी विधायक नहीं है।

  • By Vishvas News
  • Updated: April 20, 2022

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर 1:45 मिनट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं। इसमें एक शख्‍स को बेरहमी से पीटते हुए उसको मुर्गा बनाते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स इस इस वीडियो को वायरल करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का है। शख्स को पीटने वाला व्यक्ति विधायक है।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की विस्‍तार से जांच की। पड़ताल में पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो यूपी के बांदा का नहीं, बल्कि शाहजहांपुर का है। पीड़ित व्यक्ति को पीटने वाला शख्स कोई विधायक नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर शमशेर शेरॉन भांडवा ने 17 अप्रैल को रात 9:44 बजे एक वीडियो को पोस्‍ट करते हुए दावा किया: ‘बीजेपी विधायक अच्छे दिन लौटाते हुए, जनता का ऊपर से नीचे तक विकास करते हुए बीजेपी के विधायक, शाबास शाबास।’

कुछ यूजर्स ने इस वीडियो को बांदा का बताकर वायरल कर रहे हैं। फैक्ट चेक के उद्देश्य से पोस्ट के कंटेंट को यहां हूबहू लिखा गया है। पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज़ ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल कीवर्ड के जरिए सर्च करना शुरू किया। इस दौरान हमें ईटीवी भारत के बेवसाइट पर 17 अप्रैल 2022 को वायरल वीडियो से संबंधित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, घटना शाहजहांपुर की है। घटना में संलिप्त एक अभियुक्त की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मुख्य अभियुक्त समेत कुछ लोग फरार हैं। रिपोर्ट में बांदा जिले या किसी विधायक का कोई जिक्र नहीं किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए विश्‍वास न्‍यूज ने बांदा पुलिस के ट्विटर हैंडल को स्‍कैन करना शुरू किया। 19 अप्रैल 2022 को एक यूजर को जवाब देते हुए बांदा पुलिस की ओर से बताया गया कि वायरल वीडियो जनपद बांदा से संबंधित नहीं है। वायरल वीडियो का संबंध जनपद शाहजहांपुर से है। जिसके संबंध में जनपद शाहजहांपुर में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। ऐसी भ्रामक खबरें प्रसारित न करें अन्यथा आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। ट्वीट यहां देखें।

पड़ताल के दौरान हमें शाहजहांपुर पुलिस की ट्विटर हैंडल पर 16 अप्रैल को अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजय कुमार का बयान मिला। इस वीडियो बयान में उनकी ओर से बताया गया कि पीड़ित राजीव भारद्वाज है। डंडे से पीटने वाला आरोपी प्रतीक तिवारी है। इसमें आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कई आरोपी को अरेस्‍ट भी कर लिया गया है। पूरा ट्वीट यहां देखें।

दैनिक जागरण के शाहजहांपुर संस्‍करण में घटना को लेकर खबरें प्रकाशित की गई थीं। इसे नीचे पढ़ सकते हैं।

अब हमें यह जानना था कि क्‍या बांदा में ऐसी कोई घटना घटी थी। पड़ताल के दौरान हमें दैनिक भास्‍कर की वेबसाइट पर एक खबर मिली, जिसमें बताया गया कि बांदा में पूर्व विधायक स्व. पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के भाई सहित 4 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। पूर्व विधायक के भाई की अतर्रा थाना क्षेत्र में शराब की दुकान है। 10 मार्च को पूर्व विधायक के भाई ने शराब की दुकान में काम करने वाले शुभम गुप्ता पर चोरी का आरोप लगाकर उसको बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव ले जाकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए शाहजहांपुर के दैनिक जागरण के ब्‍यूरो प्रमुख नरेंद्र यादव से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल वीडियो शाहजहांपुर का ही है, लेकिन इसमें कोई विधायक नहीं है। यह दावा फर्जी है।

विश्वास न्यूज़ ने शाहजहांपुर के अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजय कुमार को भी संपर्क किया। वायरल वीडियो को वॉट्सऐप के माध्यम से शेयर करने के बाद उन्होंने हमें बताया, “इस मामले में मुकदमा लिखा जा चुका है। 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं। प्रतीक तिवारी नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी शेष है। यह कोई विधायक वगैरह नहीं है।”

विश्‍वास न्‍यूज की जांच में यह साबित हुआ कि वायरल वीडियो का बांदा से कोई संबंध नहीं है। ना ही इस वीडियो में कोई भाजपा विधायक दिख रहा है। डंडे से युवक को पिटने वाले शख्‍स का नाम प्रतीक तिवारी है।

जांच के अंत में हमने वीडियो को वायरल करने वाले यूजर की जांच की। फेसबुक यूजर शमशेर शेरॉन भांडवा की सोशल स्‍कैनिंग में पता चला कि यूजर एक विचारधारा से प्रेरित है। यूजर के लगभग 5000 दोस्त हैं। इस अकाउंट को फरवरी 2017 में बनाया गया था। यूजर चरखी दादरी का रहने वाला हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा फर्जी निकला। वायरल वीडियो यूपी के बांदा का नहीं, बल्कि शाहजहांपुर का है और उस व्यक्ति को पीटने वाला शख्स बीजेपी विधायक नहीं है।

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