Fact Check: आंसू गैस का गोला वापस फेंकते प्रदर्शनकारी का यह वीडियो नेपाल का है, ‘संसद मार्च’ का नहीं
दिल्ली में 'सीजेपी' के 20 जुलाई 2026 के 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे थे, लेकिन उसे वापस फेंकते हुए युवक का वायरल वीडियो नेपाल का है और पुराना है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jul 22, 2026 at 06:20 PM
- Updated: Jul 22, 2026 at 06:22 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के 20 जुलाई 2026 के ‘संसद मार्च’ के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे थे। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक प्रदर्शनकारी को सुरक्षाबल द्वारा दागे गए आंसू गैस का गोला वापस फेंकते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो सीजेपी के ‘संसद मार्च’ के दौरान हुई पुलिस व प्रदर्शनकारियों की झड़प का है।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा भ्रामक निकला। दरअसल, नेपाल में सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन के विरोध में जेन-जी (Gen-Z) ने आंदोलन किया था। उस दौरान का वीडियो अब दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का बताकर वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Satyanarayan Maurya’ ने 21 जुलाई 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “सोनम वांगचुक जी के एक युवा समर्थक की हिम्मत देखकर वहा मोजूद युवा खुश और जोश के साथ हुए, आंसू गैस का गोला युवाओ पार फेका, एक छात्र ने अपनी हिम्मत दिखाकर वापस पुलिस की तरफ फेंक दिया।”
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। फेसबुक यूजर ‘Sishir Lamichhane’ ने 9 सितंबर 2025 को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। इसमें वीडियो को जेन-जी आंदोलन का बताया गया है।

यूट्यूब चैनल ‘@sauravshrestha486’ पर 8 सितंबर 2025 को वायरल वीडियो के स्पष्ट वर्जन को पोस्ट करते हुए इसे नेपाल के जेन-जी आंदोलन का बताया गया है।
‘रॉयटर्स’ की वेबसाइट पर 2 मार्च 2026 को छपी एक रिपोर्ट में इसी लोकेशन की एक अन्य तस्वीर छपी है। कैप्शन में इस तस्वीर को सितंबर 2025 के नेपाल आंदोलन का बताया गया है।
यूट्यूब यूजर ‘@sauravshrestha486’ के वीडियो में ‘IRIS Vision Care’ का बोर्ड देखा जा सकता है। इस आधार पर हमने गूगल मैप्स पर इसके बारे में चेक किया तो यह लोकेशन नेपाल के काठमांडू की निकली।

‘अमर उजाला’ की 8 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में 8 और 9 सितंबर 2025 को हुए आंदोलन में 76 लोगों की मौत हो गई थी। इस आंदोलन की वजह से तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था।
इस बारे में हमने नेपाल के न्यूज पोर्टल ‘लुंबिनी राइज’ के संपादक विनोद परियर से संपर्क कर उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहे बोर्ड पर नेपाली भाषा में लिखा है। यह नेपाल का ही वीडियो है।
क्या है संदर्भ?
नीट और अन्य परीक्षाओं में धांधली के आरोप में सीजेपी के बैनर तले 20 जून 2026 से चल रहे प्रदर्शन के तहत 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ का एलान किया गया था। ‘बीबीसी’ की 20 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, ”मार्च में शामिल होने के लिए हजारों लोग पहुंचे। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इसमें कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।”
‘दैनिक जागरण’ की 22 जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ”जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन 22 जुलाई को भी जारी रहा। कई छात्र यहां पिछले कई दिनों से डटे हुए हैं। सुबह भी कई छात्र यहां पहुंचे हैं।”
नेपाल के वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। जून 2023 में बने इस एक्स अकाउंट के 271 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: दिल्ली में ‘सीजेपी’ के 20 जुलाई 2026 के ‘संसद मार्च’ के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे थे, लेकिन उसे वापस फेंकते हुए युवक का वायरल वीडियो नेपाल का है और पुराना है।
- Claim Review : CJP के 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस का आंसू गैस का गोला वापस फेंकता प्रदर्शनकारी।
- Claimed By : X User- Satyanarayan Maurya
- Fact Check : भ्रामक
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