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Fact Check : महाराजगंज का दो साल पुराना वीडियो गलत दावे के साथ हुआ वायरल

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर पुलिसिया अत्‍याचार का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यूपी के गाजीपुर के गहमर थाना में चाय नहीं लाने पर एक लड़के के साथ अत्‍याचार किया गया। विश्‍वास टीम की पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो गाजीपुर का नहीं, बल्कि महाराजगंज का है। वीडियो में दिख रहे लड़के पर चोरी का आरोप लगा था। वीडियो दो साल पुराना है।

क्‍या है वायरल पोस्‍ट में

फेसबुक यूजर अशोक धर द्विवेदी ने 1 अगस्‍त को रात 11 बजे एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया : ”ये देखिए…इसका कसूर इतना है कि ये चाय नहीं लाया थाना- गहमर, ज़िला- गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश पुलिस है। भाइयों इस पुलिस वालों का वीडियो वायरल करिये । इसको तो सजा मिलनी चाहिए!”

इस वीडियो को दूसरे सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर वायरल किया जा रहा है।

पड़ताल

विश्‍वास टीम को दो बातों से पर्दा उठाना था। पहला, क्‍या यह वीडियो गाजीपुर के गहमर थाने का है? दूसरी बात, क्‍या जिस लड़के की पिटाई हो रही है, उसे चाय नहीं लाने के लिए पीटा जा रहा है? विश्‍वास टीम ने अपनी जांच को क्रमवार ढंग से आगे बढ़ाया।

विश्‍वास टीम ने सबसे पहले वायरल हो रहे वीडियो को InVID टूल में अपलोड करके कई वीडियो ग्रैब लिए। इसके बाद इन्हें गूगल रिवर्स पर सर्च किया। गूगल के कई पेजों को स्‍कैन करने के बाद हमें NDTV की वेबसाइट पर एक खबर खबर मिली।

वेबसाइट पर 18 नवंबर 2017 को अपलोड एक वीडियो के नीचे कैप्‍शन में लिखा था : ”उत्तर प्रदेश के महाराजगंज से मानवता को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है. महाराजगंज के पनियरा थाने में एक नाबालिग पर पुलिस वाले अमानवीय अत्‍याचार करते वीडियो में दिख रहे हैं. एक महिला ने उस लड़के पर चोरी का आरोप लगाया था जिसके बाद पुलिस वाले उसे पकड़ कर थाने ले आए. वीडियो में साफ दिख रहा है पुलिस वाले उसे बुरी तरह लात-डंडों से पीट रहे हैं. ये वीडियो सितंबर का बताया जा रहा है.”

अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल सर्च में महाराजगंज में ”पुलिस का अत्‍याचार” टाइप करके सर्च किया। हमें कई हिंदी अखबारों की वेबसाइट पर इस घटना से जुड़ी खबर मिली। दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 20 नवंबर 2017 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि महाराजगंज के पनियारा थाने में यह घटना घटी थी। पुलिसिया उत्‍पीड़न का शिकार किशोर चार दिन तक थाने में रहा। इस दौरान आधा दर्जन से ज्‍यादा पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के दौरान कई बार अत्‍याचार किया। पूरी खबर आप यहां पढ़ सकते हैं।

इसके बाद विश्‍वास टीम ने महाराजगंज के एडिशनल एसपी आशुतोष शुक्‍ला से संपर्क किया। उन्‍होंने हमें बताया कि घटना करीब दो साल पुरानी है। एक युवक को चोरी के संदेह में हिरासत में लिया गया था। उसी वक्‍त उसके साथ पुलिसकर्मियों ने पिटाई की थी। इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था।

अंत में हमने उस फेसबुक यूजर के अकाउंट की सोशल स्‍कैनिंग की, जिसने महाराजगंज के पुराने वीडियो को गाजीपुर का बताकर अपलोड किया। खुद को भजन सम्राट कहने वाले अशोक धर के अकाउंट को 756 लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास टीम की पड़ताल में पता चला कि वायरल हो रहा वीडियो गाजीपुर का नहीं है। यह वीडियो महाराजगंज के पनियरा थाने का दो साल पुराना है। वीडियो में दिख रहे शख्‍स पर चोरी का आरोप था।

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  • Claim Review : इसका कसूर इतना है कि ये चाय नहीं लाया थाना- गहमर, ज़िला- गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश पुलिस है।
  • Claimed By : अशोक धर द्विवेदी
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
  • True
  • Misleading
  • False
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