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Fact Check: वित्तीय प्लेटफॉर्म को प्रमोट करते नितिन गडकरी का वायरल वीडियो डीपफेक है

हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत निकला। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह वीडियो डीपफेक है, जिसे AI की मदद से बनाया गया है। मूल वीडियो में नितिन गडकरी ने इस तरह के किसी भी सरकारी फाइनेंस प्लेटफॉर्म या निवेश के बारे में कोई बात नहीं कही थी। यह वीडियो लोगों को ठगने के इरादे से बनाया गया है। ऐसे किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।

  • By: Pallavi Mishra
  • Published: Aug 21, 2025 at 11:32 AM
  • Updated: Sep 17, 2025 at 01:42 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई यूजर्स केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के वीडियो को शेयर कर रहे हैं, जिसमें उन्हें ‘सरकारी फाइनेंस प्लेटफॉर्म के जरिए 21 हजार रुपये के न्यूनतम निवेश के साथ प्रति सप्ताह 2 लाख रुपये से अधिक की कमाई करने का दावा करते हुए सुना जा सकता है। लिमिटेड संख्या में उपलब्ध सीटों का हवाला देते हुए वीडियो में एक लिंक के जरिए जल्द से जल्द साइन अप करने की सलाह दी जा रही है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि फाइनेंस प्लेटफॉर्म को प्रमोट करते हुए नितिन गडकरी का यह वीडियो डीपफेक है। यह डीपफेक वीडियो जून 2025 में रिकॉर्ड किए गए उनके ओरिजिनल वीडियो के विजुअल का इस्तेमाल कर बनाया गया है।

क्या है वायरल?

विश्वास न्यूज के टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर एक यूजर ने इस वीडियो को भेजकर इसकी सच्चाई बताने का अनुरोध किया है। वीडियो में पत्रकार राजदीप सरदेसाई और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की बातचीत सुनी जा सकती है। वीडियो में न्यूज़ चैनल टाइम्स नाउ का लोगो लगा है और वे अंग्रेजी में बोल रहे हैं:

राजदीप सरदेसाई: “40 साल से ज़्यादा उम्र के हज़ारों भारतीय अपनी नौकरी छोड़कर समय से पहले रिटायरमेंट ले रहे हैं। इसकी वजह क्या है? सरकार द्वारा लॉन्च किया गया एक नया वित्तीय प्लेटफ़ॉर्म, हम अपनी रिपोर्ट में इसकी पूरी जानकारी देंगे।”

नितिन गडकरी: “और सच कहूं तो, आज आपका लकी दिन हो सकता है। मुझे नहीं पता कि कितने लोग इस प्रसारण को देख पाएंगे, लेकिन जो लोग अभी देख रहे हैं, उन्हें ही इस अवसर का लाभ मिलेगा। और, आपको एक ज़रूरी बात समझनी होगी। हम इस प्लेटफ़ॉर्म को पूरे देश के लिए नहीं खोल सकते क्योंकि इसके नतीजे इतने प्रभावशाली हैं कि इससे सिस्टम का संतुलन बिगड़ जाएगा। मैं सीधे मुद्दे पर आता हूं। सिर्फ़ 21,000 रुपये के न्यूनतम निवेश से आप हर हफ़्ते 2,50,000 रुपये से ज़्यादा कमा सकते हैं। यह अविश्वसनीय लग सकता है, लेकिन यह बिल्कुल सच है। यह आपकी पेंशन पर अग्रिम राशि या वेतन वृद्धि जैसा है जो आपकी बचत को कई गुना बढ़ा देता है। ध्यान से सुनिए। यह वीडियो शायद सिर्फ़ एक बार ही उपलब्ध होगा। अगर आप पेज बंद कर देंगे, तो यह वीडियो बंद हो जाएगा। यह लिंक अद्वितीय है और इसे पुनर्स्थापित नहीं किया जा सकता। यह फ़ॉरेक्स, संदिग्ध क्रिप्टोकरेंसी या पिरामिड स्कीम नहीं है। हम एक स्थापित कंपनी में निवेश की बात कर रहे हैं जिसने इस स्वचालित ट्रेडिंग तकनीक को लागू किया है। हमारी टीम के साथ सीधी साझेदारी के कारण, यह सिस्टम किसी भी कंप्यूटर या फ़ोन में उपलब्ध सॉफ्टवेयर पर चलता है, और लाभप्रदता के मामले में किसी भी ज्ञात प्लेटफ़ॉर्म से बेहतर प्रदर्शन करता है। इसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वास्तविक समय में बाज़ार का विश्लेषण करती है और उच्च सटीकता के साथ रुझानों की भविष्यवाणी करती है। एल्गोरिदम आपके लिए सारा काम करता है। आपका एकमात्र काम उन पर नज़र रखना है।”

राजदीप सरदेसाई: “कितने लोग पहले ही जुड़ चुके हैं? परिणाम क्या हैं?”

नितिन गडकरी: “हमने स्वयंसेवकों के एक छोटे समूह के साथ इसका परीक्षण किया। सभी ने पहले हफ़्ते में 2,50,000 रुपये से ज़्यादा कमाए। और यहाँ एक और बात है। अगर आप इस हफ़्ते कम से कम 1,50,000 रुपये नहीं कमाते हैं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से अपनी जेब से आपका निवेश वापस कर दूँगा। अब तक, कोई भी असफल नहीं हुआ है। किसी विशेष ज्ञान की आवश्यकता नहीं है। अगर आप यह वीडियो देख रहे हैं, तो आपका डिवाइस पहले से ही इसके अनुकूल है। सुनने में तो सही लग रहा है, है ना?”

राजदीप सरदेसाई: “दर्शकों को क्या करना चाहिए?”

नितिन गडकरी: “बस, वेबसाइट पर जाएँ और पंजीकरण पूरा करें। एक निजी सलाहकार आपसे संपर्क करेगा, आपके सवालों के जवाब देगा और आपकी पहुँच सक्रिय करेगा। एक बार जब आप अपनी भागीदारी की पुष्टि कर देंगे, तो आपका स्थान सुरक्षित हो जाएगा। अगर आप समय पर जवाब नहीं देते, तो आपका कोटा किसी और को दे दिया जाएगा। इस क्षण से, आपकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल सकती है।

पड़ताल

जांच की शुरुआत करने से पहले हमने इस वीडियो को गौर से देखा और पाया कि वीडियो के कई जगह नितिन गडकरी की आवाज़ असंगत है और कुछ हिस्सों में रोबोट जैसी लग रही है। होंठों की हरकतें बोले जा रहे शब्दों के साथ पूरी तरह से मेल नहीं खातीं, जो डीपफेक वीडियो में एक आम खामी है। यह वीडियो क्लिप्स का एक पैचवर्क लग रहा है, जिस वजह से कई जगह जर्क है।

कीवर्ड्स से ढूंढ़ने पर भी हमें ऐसी कोई सरकारी फाइनेंस स्कीम नहीं मिली जिसमें वायरल वीडियो से मिलते जुलते मुनाफे का वादा किया जा रहा हो।

हमने वायरल वीडियो क्लिप के ओरिजिनल वीडियो को ढूंढने की कोशिश की। सर्च में हमें नितिन गडकरी वाला हिस्सा AIM TV नाम के यूट्यूब चैनल पर मिला। 16 जून 2025 को अपलोड हुआ यह वीडियो तब का था जब पत्रकार भूपेंद्र चौबे ने नितिन गडकरी का इंटरव्यू किया था। इस वीडियो में गडकरी ने वही कपड़े पहने हैं जो वायरल वीडियो में पहने हुए हैं और साथ ही बैकग्राउंड भी वायरल वीडियो वाला ही है। वीडियो इंटरव्यू हिंदी में था जबकि वायरल वीडियो इंग्लिश में है। इसके अलावा इस पूरे वीडियो में नितिन गडकरी ने वायरल वीडियो वाली कोई भी बात नहीं बोली थी।

इसके बाद हमने वायरल वीडियो क्लिप के एआई से एडिट होने की संभावनाओं को चेक किया।

एआई डिटेक्शन टूल कैंटिलक्स ने इस क्लिप के एआई जेनरेटेड होने की संभावना 80 प्रतिशत बताई।

हमने इस वीडियो को बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर की मदद से भी चेक किया। टूल के कई  इंडिकेटर्स ने इस वीडियो में एआई छेड़छाड़ की पुष्टि की।

AVSRDD (2025) डिटेक्टर की एनालिसिस रिपोर्ट में इस वीडियो के 99.9 प्रतिशत एआई से बने होने के संकेत दिए।

AltFreezing (2023) ने इस वीडियो के एआई से बने होने की 87.6 प्रतिशत संभावना जताई।

FTCN (2021) ने इस वीडियो के एआई से बने होने की संभावना 97.8 प्रतिशत जताई।

LIPINC (2024) ने इस वीडियो के एआई से बने होने की 99.8 प्रतिशत संभावना बताई।

वायरल वीडियो को लेकर हमने हमारे पार्टनर डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीेएयू) (एमसीए की पहल) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने वीडियो को हाइव एआई डीपफेक डिटेक्टर टूल से चेक किया। टूल ने वीडियो के कई खंडों में, नितिन गडकरी के चेहरे पर एआई छेड़छाड़ के संकेत दिए।

हमने वीडियो को लेकर एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि इसमें साफ तौर पर बहुत-सी कमियां नजर आ रही है। यह वीडियो एआई निर्मित है।

हमने इस मामले की पुष्टि के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और राजस्थान सरकार की लोक शिकायत समिति के पूर्व आईटी कंसल्टेंट आयुष भारद्वाज से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “कई स्कैमर्स ठगी के लिए ऐसे एआई जनरेटेड वीडियो बना कर लोगों को गुमराह करते हैं। वीडियो के माध्यम से लोगों को लुभाने के बाद, वे कॉल के जरिए उन्हें निवेश के लिए मनाते हैं और उनसे पैसे ऐंठते हैं। एक बार पैसा मिल जाने के बाद, ये स्कैमर गायब हो जाते हैं और लोगों की मेहनत की कमाई पूरी तरह से डूब जाती है।”

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत निकला। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह वीडियो डीपफेक है, जिसे AI की मदद से बनाया गया है। मूल वीडियो में नितिन गडकरी ने इस तरह के किसी भी सरकारी फाइनेंस प्लेटफॉर्म या निवेश के बारे में कोई बात नहीं कही थी। यह वीडियो लोगों को ठगने के इरादे से बनाया गया है। ऐसे किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।

  • Claim Review : वित्तीय प्लेटफॉर्म को प्रमोट करते नितिन गडकरी
  • Claimed By : Tipline user
  • Fact Check : झूठ

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