Fact Check: अमेरिका में एपस्टीन फाइल्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के हवाले से वायरल वीडियो AI है
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद अमेरिका में विरोध प्रदर्शन से जोड़कर वायरल किया जा रहा यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया है।
- By: Umam Noor
- Published: Feb 13, 2026 at 04:31 PM
- Updated: Feb 18, 2026 at 12:24 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में अपराधी जेफरी एपस्टीन के खिलाफ जांच से जुड़े लगभग 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, हजारों वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क पर हजारों लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। यह वीडियो इससे पहले भी ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों के दौरान फर्जी दावे से वायरल हो चुका है। वहीं, अब इस वीडियो को शेयर करते हुए कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह विरोध प्रदर्शन, अमेरिका में एपस्टीन फाइल्स जारी होने के बाद हुआ है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद अमेरिका में विरोध प्रदर्शन से जोड़कर वायरल किया जा रहा यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया है। पिछली पड़ताल यहां पढ़ी जा सकती है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
इंस्टाग्राम यूजर ‘sabir_norani55’ ने 9 फरवरी 2026 को वायरल वीडियो अपलोड किया, जिस पर लिखा है, ”एपस्टीन फाइल्स रिलीज होने के बाद अमेरिका। ऑल आइज ऑन अमेरिका।”

पड़ताल
जांच शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को गूगल लेंस की मदद से सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो ‘elnaz555’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 जनवरी 2026 को शेयर किया हुआ मिला। यहां वीडियो को ईरान में पिछले दिनों हुए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में शेयर किया गया है। वहीं, वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार यह एआई से तैयार किया गया है। पोस्ट को यहां देखा जा सकता है।
इसी आधार पर हमने अपनी जांच आगे बढ़ाई और एआई तस्वीरों और वीडियो की जांच करने वाले टूल हाइव मॉडरेशन पर, ईरान से जुड़ी वायरल की गई बेहतर क्वालिटी की वीडियो को अपलोड किया। यहां मिले नतीजे के अनुसार, 97.9 प्रतिशत संभावना है कि यह वीडियो एआई के जरिए बनाया गया है।

यह वीडियो इससे पहले भी सोशल मीडिया पर एक अन्य गलत दावे के साथ वायरल हो चुका है। उस समय हमने डीप फेक एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया था, जो हमारे पार्टनर टीआईए (पूर्व में एमसीए) की एक पहल है। उन्होंने हमारे साथ कई अन्य टूल्स के विश्लेषण शेयर किए, जिनके नतीजों के अनुसार यह वीडियो एआई निर्मित है।

‘एज इट एआई’ ने भी इस वीडियो के एआई से तैयार होने की लगभग 100 प्रतिशत संभावना जताई, जबकि ‘इमेजव्हिसपरर’ के एनालिसिस में भी इस वीडियो के एआई से बनाए जाने की संभावना लगभग 100 प्रतिशत बताई गई है।

वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर मचावे से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो एआई के जरिए तैयार किया गया है। वीडियो में नजर आ रहे लोगों के स्क्रीन की तरफ अगर ध्यान से देखें तो साफ तौर पर इसके एआई निर्मित होने की पुष्टि की जा सकती है।
क्या हैं एपस्टीन फाइल्स?
अमेरिकी न्याय विभाग ने यौन अपराधों के दोषी जेफरी एपस्टीन से संबंधित लाखों पन्नों के दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन फाइल्स में टेक्स्ट, वीडियो और फोटो शामिल हैं, जिनमें कई प्रभावशाली हस्तियों के एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल के साथ संबंधों का जिक्र है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ”एपस्टीन की मौत 2019 में हो चुकी है. लेकिन मृत्यु के 6 साल बाद भी एपस्टीन की फ़ाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, बिजनेसमैन और नामी-गिरामी हस्तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। एपस्टीन फ़ाइल्स से जुड़े 30 लाख नए दस्तावेज़ जारी किए गए हैं. कुछ सामग्री पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है, जिनमें तस्वीरें भी शामिल हैं. इससे पहले कमिटी से एपस्टीन की संपत्ति के हज़ारों दस्तावेज़ आए, जिनमें ज्यादातर ईमेल थे. सितंबर 2025 में एक बर्थडे बुक जारी हुई, जिसमें ट्रंप के नाम वाला एक नोट था. हालांकि, ट्रंप ने यह नोट लिखने से इनकार किया.”
अब बारी थी फर्जी पोस्ट शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर साबिर नूरानी की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि इस यूजर को इंस्टाग्राम पर साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। एपस्टीन फाइल्स के सामने आने के बाद अमेरिका में विरोध प्रदर्शन से जोड़कर वायरल किया जा रहा यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया है।
- Claim Review : यह विरोध प्रदर्शन, अमेरिका में एपस्टीन फाइल्स जारी होने के बाद हुआ है।
- Claimed By : इंस्टाग्राम यूजर 'sabir_norani55'
- Fact Check : झूठ
1. Instagram Post by elnaz555, Dated 11 Jan, 2026
2. AI Tool Hive Moderation
3. AI Tool IsItAI
4. Report By BB, Dated, 4 Feb, 2026
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












