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Fact Check: मुफ्त टैबलेट डिवाइस देने के नाम पर ली जा रही है आपकी पर्सनल जानकारी, ऐसे किसी लिंक पर क्लिक न करें

  • By Vishvas News
  • Updated: December 10, 2020

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। विश्वास न्यूज़ को अपने वॉट्सऐप चैटबॉट पर एक क्लेम मिला, जिसमें लोगों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस देने की बात की जा रही है। पोस्ट  में लोगों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया है। विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

विश्वास न्यूज को हमारे वॉट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 95992 99372 पर यह मैसेज फैक्ट चेकिंग के लिए मिला।

पड़ताल

वायरल पोस्ट में किए जा रहे दावे का सच जानने के लिए सबसे पहले गूगल पर कीवर्ड्स की मदद से सर्च शुरू किया, लेकिन भारत में आम जनता के लिए इस तरह की किसी निजी या सरकारी योजन पर हमें कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। हालांकि, हमें jagranjosh.com की एक खबर मिली, जिसमें कहा गया कि हरियाणा सरकार कक्षा 8 से 12 तक के सरकारी स्कूल के बच्चों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस देने वाली है। पर इसे पाने के लिए किसी रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं कहा गया था।

हमें ऐसी ही एक खबर वेस्ट बंगाल को लेकर भी मिली।  jagranjosh.com की खबर के अनुसार, “ममता बनर्जी की अगुआई वाली पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में 9.5 लाख से अधिक छात्रों को टैबलेट डिवाइस देने की योजना बना रही है, जो अगले साल उच्च माध्यमिक परीक्षा में शामिल होने वाले हैं।” इस खबर में भी किसी रजिस्ट्रेशन के बारे में नहीं कहा गया था।

हालांकि, विश्वास को मिले ग्राफिक में कोई लिंक नहीं था मगर ग्राफिक में लिखा था, “रजिस्ट्रेशन करने की आखरी तारीख” जिससे पता चलता है कि इस ग्राफिक के साथ एक लिंक भी भेजा गया होगा।

हमने इस विषय में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एवं राजस्थान सरकार की पब्लिक ग्रीवांस कमेटी के पूर्व आईटी सलाहकार आयुष भारद्वाज से संपर्क साधा। उन्होंने हमें बताया, “ऐसी कोई स्कीम नहीं है। इस तरह के लिंक केवल क्लिकबेट होते हैं। यानी कि ऐसे लिंक्स पर रजिस्टर करने के बाद भी यूजर को मुफ्त टैबलेट डिवाइस नहीं मिल सकता।” भारद्वाज ने बताया, “इन दिनों इस तरह का साइबर क्राइम बढ़ रहा है, जिसमें लोगों से किसी लिंक पर क्लिक करवा कर या तो उनकी जानकारी जुटाई जाती है, या फिर उनसे पैसे की ठगी की जाती है। ऐसे लिंक्स पर क्लिक करने से बचना चाहिए।”

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी पड़ताल करें।

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

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