X

Fact Check: ये इमोशनल फ्रॉड है, फोटो को लाइक करने से नहीं मिलेंगे बीमार बच्ची को पैसे

नई दिल्ली विश्वा्स न्यूज। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें 3 लोगों को जमीन पर बैठे देखा जा सकता है, एक महिला एक पुरुष और एक बच्ची। इन तीनों के हाथों में तख्तियां हैं। तस्वीर में मौजूद पुरुष की तख्ती पर लिखा है, “पूरा परिवार बिकाऊ बदले में बेटी का इलाज करा दो” महिला की तख्ती पर लिखा है, “माननीय सांसद जी मेरे परिवार को बिकने की अनुमति दें” और बच्ची की तख्ती पर लिखा है ,”भैया मुझे कैंसर है आपका एक शेयर मुझे ₹10 देगा” पोस्ट को शेयर करने वाले ने साथ में लिखा है, “इस बेटी का साथ दे प्लीज।” हमने अपनी पड़ताल में पाया कि इस तस्वीर से छेड़छाड़ की गयी है। बच्ची ने हाथ में जो तख्ती पकड़ी है उस पर लिखा था “मैं जीना चाहती हूं मुझे बचा लो ‘बेबो’।” यह पोस्ट फेक है।

CLAIM

वायरल पोस्ट में तीन लोगों को जमीन पर बैठा देखा जा सकता है, एक पुरुष एक महिला और एक बच्ची। इन तीनों के हाथों में तख्तियां हैं। पुरुष की तख्ती पर लिखा है ‘पूरा परिवार बिकाऊ बदले में बेटी का इलाज करा दो’ महिला की तख्ती पर लिखा है, ‘माननीय सांसद जी मेरे परिवार को बिकने की अनुमति दें’ और बच्ची की तख्ती पर लिखा है, ‘भैया मुझे कैंसर है आपका एक शेयर मुझे ₹10 देगा।’ इस पोस्ट को निजामुद्दीन नाम के एक व्यक्ति ने शेयर किया है। पोस्ट के साथ डिस्क्रिप्शन में लिखा है, ‘इस बेटी का साथ दें, निजामुद्दीन।’ इस पोस्ट को अभी तक 1,500 लोगों ने लाइक किया है और 74000 लोगों ने शेयर किया है।

FACT CHECK

इस पोस्ट की जांच करने के लिए हमने सबसे पहले इस तस्वीर का स्क्रीनशॉट लिया और उसे गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। पहले ही पेज पर हमारे सामने bhaskar.com न्यूज़ वेबसाइट की एक खबर खुली जिसमें इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इस खबर में इस्तेमाल की गई तस्वीर में बच्ची के हाथ में मौजूद तख्ती पर लिखा था ‘मैं जीना चाहती हूं मुझे बचा लो।’ खबर के अनुसार यह घटना आगरा की है और 10 जून 2017 को यह परिवार बीजेपी सांसद डॉक्टर रामशंकर कठेरिया के घर के बाहर यह तख्तियां लेकर बैठा था। खबर में लिखा है कि इस बच्ची को कैंसर है और यह परिवार सरकार से इसके इलाज का खर्चा मांग रहे थे।

हमने कीवर्ड सर्च के साथ ढूंढा तो हमें 9 मार्च 2017 को ANI द्वारा किया गया एक ट्वीट मिला जिसमें लिखा था कि 5 वर्षीय बच्ची बेबो के थैलेसीमिया के इलाज के लिए इसके पिता ने प्रधानमंत्री मोदी से मदद मांगी है।

ज्यादा पुष्टि के लिए हमने आगरा में रह रहे इस परिवार के मुखिया, इस बच्ची के पिता संतोष कुमार से फोन पर बात की। संतोष कुमार ने हमें बताया कि उनकी बेटी को थैलेसीमिया है। उन्होंने इस बीमारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री समेत कई लोगों से गुहार लगाई पर अभी तक उनके पास कोई आर्थिक मदद नहीं आयी है। हालांकि, कुछ प्राइवेट एनजीओ हैं जो उनकी मदद के लिए डोनेशन इकट्ठा करने को कह रहे हैं।

उन्होंने यह भी कन्फर्म किया कि वायरल हो रही तस्वीर 2017 की है जब उन्होंने बीजेपी के सांसद रामशंकर कठेरिया के घर के बाहर मदद के लिए गुहार लगाई थी और धरना दिया था। बच्ची के हाथ में तख्ती पर लिखा था- मुझे बचा लो।

उन्होंने कहा ‘किसी पोस्ट को शेयर करने से हमें कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही है। अभी तक मेरे पास कोई ऐसा ऑफर नहीं आया है की पोस्ट शेयर करने से मुझे कोई मेरी बेटी के इलाज के लिए पैसे दे रहा हो। कृपया इस बहकावे में ना आए। यह कुछ असामाजिक तत्व मेरी बेटी के नाम पर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं।

इस पोस्ट को निजामुद्दीन नाम के एक फेसबुक यूजर ने नवंबर 20 को शेयर किया था। इनके प्रोफाइल के अनुसार ये प्रयागराज (इलाहाबाद) के रहने वाले हैं।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि इस तस्वीर से छेड़छाड़ की गयी है। बच्ची ने हाथ में जो तख्ती पकड़ी है उस पर लिखा था ,”मैं जीना चाहती हूं मुझे बचा लो ‘बेबो।” यह तस्वीर फेक है।

  • Claim Review : Is beti ka sath de please
  • Claimed By : Nizam Uddin
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
  • True
  • Misleading
  • False
जानिए सच्‍ची और झूठी सबरों का सच क्विज खेलिए और सीखिए स्‍टोरी फैक्‍ट चेक करने के तरीके क्विज खेले

पूरा सच जानें...

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी खबर पर संदेह है जिसका असर आप, समाज और देश पर हो सकता है तो हमें बताएं। हमें यहां जानकारी भेज सकते हैं। हमें contact@vishvasnews.com पर ईमेल कर सकते हैं। इसके साथ ही वॅाट्सऐप (नंबर – 9205270923) के माध्‍यम से भी सूचना दे सकते हैं।

टैग्स

Vinod Pal

Sir yese hi bahut sare fek pic whatsApp par ate rahte hai. Ye samajh me nahi ata hai ki kya sahi aur kya galat hai.।
Kuchh pic msg. Jo sochne me majbur karta deta hai.

Pallavi Mishra

संदेह होने पर किसी भी पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी जांच ज़रूर करें। यदि आप इस पोस्ट की तेह तक नहीं पहुँच पाते तो आप उसे विश्वास के वाहट्सएप नंबर या ईमेल पर शेयर कर सकते हैं। हम इस पोस्ट की अपनी मेथडोलॉजी के अनुसार जांच करने की कोशिश करेंगे।

संबंधित लेख

Post saved! You can read it later