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Fact Check: रूस में तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन के हमले के दावे से वायरल हो रहा वीडियो AI निर्मित है

रूस और यूक्रेन का युद्ध चार साल से चल रहा है। यूक्रेन ने रूस की तेल रिफायनरियों को भी निशाना बनाया है। हालांकि, इस दावे से वायरल हो रहा वीडियो एआई निर्मित है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों को भी निशाना बनाया है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज का एक कोलाज वायरल हो रहा है। इसमें चार क्लिप्स मर्ज की गई हैं, जिसमें ऑयल रिफाइनरियों में लगी आग को देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि वायरल वीडियो यूक्रेन द्वारा निशाना बनाई गईं रूसी तेल रिफाइनरियों का है।

विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो एआई से निर्मित है और यह वास्तविक नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट?

इंस्टाग्राम यूजर ‘poltical_apocalypse’ ने 24 मार्च 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “यूक्रेन का फिर हमला: शाम के हमलों में रूस की दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया। CCTV फुटेज में रूसी सीमा के काफी अंदर स्थित दो तेल रिफाइनरियों में जोरदार धमाके कैद हुए हैं। यूक्रेन की सेना ने शाम के समय तालमेल के साथ हमले किए, जिनमें अहम ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाया गया। इन रणनीतिक हमलों का मकसद रूस के ईंधन उत्पादन और सैन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करना है। यह कार्रवाई रूस की युद्ध क्षमताओं को कमजोर करने में यूक्रेन की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है।“

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें चार क्लिप्स हैं। ‘CAM4- EAST GATE’ की तीन सेकंड की पहली क्लिप 18:42:31 के टाइम के साथ शुरु होती है। इसके बाद 18:42:39 और फिर 18:42:48 का समय दिखाई देता है। इसी तरह ‘CAM7- WEST TANK FARM’ वाली क्लिप में 42:39 मिनट के बाद 42:30 और 42:31  मिनट का समय दिखता है। वहीं, ‘CAM9- DRONE BAY’ की चौथी क्लिप में 18:42:59 से समय शुरू होता है, जिसके बाद 18:42:00 और 18:42:01 का समय आता है।

वीडियो में डेट का फॉर्मेट भी क्लियर नहीं है और हमले के समय तीसरी क्लिप में कर्मचारी भी अजीब तरह से भागते हुए दिख रहे हैं। इससे हमें वीडियो एआई टूल की मदद से बना होने की संभावना लगी।

इसके बाद हमने वीडियो को एआई वीडियो डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन‘ से चेक किया। इसमें इसे करीब 95% एआई संभावित बताया गया।

अधिक पुष्टि के लिए हमने वीडियो को अपने सहयोगी, ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (DAU) के साथ शेयर किया, जो ‘ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस’ (TIA) की एक पहल है। टीम ने वीडियो के कीफ्रेम निकालकर उन्हें ‘एआईऑरनॉट’ और ‘साइट इंजन’ से चेक किया। इनमें वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई गई।

‘एआईऑरनॉट’ का रिजल्ट।
‘साइट इंजन’ का रिजल्ट।

टीम की एनालिसि​स के अनुसार, 0:06 से 0:08 सेकंड के बीच पाइपों का आकार बदल रहा है और वे बिगड़े हुए नजर आ रहे हैं।

क्या है संदर्भ?

‘फ्रांस 24’ की वेबसाइट पर 23 मार्च 2026 को ‘एएफपी’ के हवाले से छपी खबर के अनुसार, “यूक्रेन ने 22 मार्च 2026 को फिनलैंड की सीमा के पास स्थित रूस के एक अहम तेल बंदरगाह पर ड्रोन से हमला किया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। मॉस्को और कीव इसकी पुष्टि की। सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के शहर प्रिमोर्स्क में तेल टर्मिनल से आग की लपटें और काले धुएं के घने बादल हवा में उठते हुए दिखाई दिए। यह शहर फिनलैंड की खाड़ी में बसा है। रूस बार-बार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचों को निशाना बना रहा है। यूक्रेन ने भी रूस पर ड्रोन हमले करके इसका जवाब दिया है। ये हमले मुख्य रूप से मॉस्को के ऊर्जा और सैन्य ठिकानों पर किए गए हैं। यूक्रेन ने बताया कि प्रिमोर्स्क से हर साल लगभग 60 मिलियन टन तेल का लेन-देन होता है। जनरल स्टाफ ने यह भी दावा किया कि उन्होंने मध्य रूस के शहर ऊफा में स्थित एक तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया है। यह रिफाइनरी युद्ध के मोर्चे से लगभग 1,400 किलोमीटर दूर है।”

अलजजीरा इंग्लिश की वेबसाइट पर 23 मार्च 2026 को अपलोड वीडियो में इस हमले का वीडियो देखा जा सकता है। यह सीसीटीवी फुटेज नहीं है।

25 मार्च 2026 को रॉयटर्स की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के अनुसार, “रूस के बाल्टिक बंदरगाहों, प्रिमोर्स्क और उस्त-लुगा ने कच्चे तेल और तेल उत्पादों की लोडिंग रोक दी। यह कदम यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया, जिनसे वहां आग लग गई थी। बाल्टिक बंदरगाहों पर हुए ये ड्रोन हमले, चार साल से चल रहे युद्ध के दौरान रूस की तेल निर्यात सुविधाओं पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक हैं।”

एआई निर्मित वीडियो शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। जनवरी 2026 में बने इस इंस्टाग्राम अकाउंट की लोकेशन इंडिया दी गई है।

निष्कर्ष: रूस और यूक्रेन का युद्ध चार साल से चल रहा है। यूक्रेन ने रूस की तेल रिफायनरियों को भी निशाना बनाया है। हालांकि, इस दावे से वायरल हो रहा वीडियो एआई निर्मित है।

  • Claim Review : वायरल वीडियो यूक्रेन के निशाना बनाई गई रूसी तेल रिफाइनरीज का है।
  • Claimed By : Insta User- poltical_apocalypse
  • Fact Check : झूठ

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