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Fact Check: पाकिस्तान में अहमदिया संप्रदाय की मस्जिद को तोड़े जाने का पुराना वीडियो फिर से भ्रामक दावे के साथ वायरल

पाकिस्तान में अहमदिया संप्रदाय के मस्जिद को तोड़े जाने की 2023 की घटना को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • By: Abhishek Parashar
  • Published: Mar 10, 2025 at 04:54 PM
  • Updated: Mar 12, 2025 at 12:05 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पाकिस्तान में खस्ताहाल आर्थिक हालात के बीच सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो को शेयर कर रहे हैं, जिसमें कुछ लोगों को एक मस्जिद को तोड़ते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि आर्थिक संकट की वजह से पाकिस्तानी अपने जीवनयापन के लिए मस्जिदों को तोड़कर उसमें लगी ईंट और लोहा को बेच रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान का ही है, लेकिन इसका आर्थिक तंगी के हालात से कोई लेना-देना नहीं है। वायरल वीडियो में नजर आ रही मस्जिद अहमदिया मुस्लिमों की मस्जिद है और न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, इस समुदाय के धार्मिक स्थलों को उनकी गैर-मुस्लिम पहचान की वजह से पाकिस्तान में बार-बार निशाना बनाया जाता रहा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Acharya Vivek Varun’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “पाकिस्तान में लोगों ने एक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया है और उसका लोहा और ईंटें खाने के लिए बेच रहे हैं. हाल ही में तोड़ी गई यह तीसरी मस्जिद है. वे कह रहे हैं, “अगर अल्लाह हमें खाना नहीं दे सकता तो मस्जिदों की क्या ज़रूरत है?”

एक समुदाय जिसने कभी मंदिरों को नष्ट कर दिया था, यह दावा करते हुए कि केवल अल्लाह महान है, अब अल्लाह के अपने पूजा स्थलों को ध्वस्त कर रहा है। कर्म के नियम के अनुसार, आपके द्वारा किए गए पापों का भुगतान उसी तरह से किया जाना चाहिए जैसे वे किए गए थे। सबको अब वैदिक धर्म का अर्थ स्पष्ट हो गया है।”

कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो को अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर समान संदर्भ में शेयर किया है।

पड़ताल

यह वीडियो सोशल मीडिया पर पहले भी समान संदर्भ में वायरल हो चुका है, जब पाकिस्तान में आर्थिक संकट की स्थिति विकराल हो गई थी। हमने अपनी जांच में इस वीडियो के साथ किए गए दावे को गलत पाया था, जिसकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

सर्च में हमें इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर चार फरवरी 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट में मिली, जिसमें इस घटना का जिक्र है।

रिपोर्ट के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ लोगों को कराची के सदर में अहमदिया मुसलमानों के मस्जिद को तोड़ते हुए देखा जा सकता है। इस हमले से पहले भी पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिमों के कई धार्मिक स्थलों पर हमला हो चुका है।”

न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी इस खबर को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से तीन फरवरी 2023 को ट्वीट किया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में अक्सर अहमदिया मुस्लिमों के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उन्हें गैर-मुस्लिम के तौर पर देखा जाता है और पाकिस्तान का कानून भी उन्हें ऐसे ही देखता है।

अन्य रिपोर्ट से भी इस दावे की पुष्टि होती है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से लिखी गई इंडियन एक्सप्रेस की 16 दिसंबर 2016 की रिपोर्ट में भी पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिमों के मस्जिद पर हमला किए जाने के मामले में 3,000 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की सूचना है।

हमने इस वीडियो को लेकर  पाकिस्तान स्थित पत्रकार और फैक्ट चेकर लुब्ना जरार नकवी से संपर्क किया था। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया था कि मस्जिद को तोड़े जाने की इस घटना का पाकिस्तान के आर्थिक संकट से कोई लेना-देना नहीं है।

वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब दो हजार लोग फॉलो करते हैं। अंतरराष्ट्रीय वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के दुनिया सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: पाकिस्तान में अहमदिया संप्रदाय के मस्जिद को तोड़े जाने की 2023 की घटना को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : पाकिस्तान में भूखमरी के हालात, मस्जिद तोड़ कर ईंट और लोहा बेच रहे मुस्लिम।
  • Claimed By : FB User-Acharya Vivek Varun
  • Fact Check : झूठ

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