Fact Check: बांग्लादेश में ईसाई महिला के साथ बदसलूकी का दावा फर्जी, 2024 का वीडियो फिर से वायरल
विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा फर्जी पाया गया। वीडियो में दिख रही महिला मुस्लिम थर्ड जेंडर है। घटना सितंबर 2024 की है। मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद बांग्लादेश पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार भी किया था।
- By: Umam Noor
- Published: Nov 27, 2025 at 03:10 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक बार फिर से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को एक युवती के साथ बदसलूकी करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को वायरल करते हुए दावा किया गया कि बांग्लादेश में हिजाब न पहनने पर एक ईसाई लड़की को सजा के तौर पर उठक-बैठक करवाई गई।
विश्वास न्यूज एक बार पहले भी इस वीडियो की पड़ताल कर चुका है। दरअसल, वायरल वीडियो में दिख रही युवती एक थर्ड जेंडर है। घटना सितंबर 2024 की है। मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद बांग्लादेश पुलिस ने घटना में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। पुरानी पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक ‘ओनली हिंदू न्यूज’ ने वायरल वीडियो 17 नवंबर को शेयर करते हुए लिखा, “बांग्लादेश में हिजाब न पहनने पर ईसाई जनजातीय महिला पर हमला। बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार सी बीच से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ हिजाब न पहनने पर एक ईसाई जनजातीय महिला के साथ मारपीट की गई। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और इसे लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की दिसंबर 2024 में भी पड़ताल की थी। उस वक्त इसी वीडियो को हिंदू महिला के नाम पर वायरल करके झूठ फैलाया गया था। उस वक्त पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की- फ्रेम को सर्च किया था।
सर्च में हमें यह वीडियो ‘खबर संगजोग’ नाम के यूट्यूब चैनल पर 14 सितंबर 2024 को अपलोड किया हुआ मिला था। दी गई जानकारी के अनुसार, यह बांग्लादेश के कॉक्स बाजार का वीडियो है।
इसी बुनियाद पर हमने उस वक्त अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए की-वर्ड की मदद से न्यूज सर्च किया। हमें इस मामले से जुड़ी ढाका ट्रिब्यून की वेबसाइट पर 14 सितंबर 2024 को छपी मिली थी। जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए हैं, जिसमें करीब 20 लोग महिला को परेशान करते दिख रहे हैं। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक एक युवक को गिरफ्तार भी किया। वीडियो में नजर आ रही महिला एक ट्रांसजेंडर और मुस्लिम समुदाय से है।
बंगलदेश की न्यूज वेबसाइट ajkerpatrika की 15 सितंबर 2024 की खबर के अनुसार, कॉक्स बाजार के इस मामले में पीड़िता का नाम आरोही इस्लाम है और वह थर्ड जेंडर समुदाय से हैं।
इसी मामले पर prothomalo इंग्लिश की 14 सितंबर 2024 की खबर के अनुसार,जिला डीबी के ओसी जबेद महमूद के मुताबिक, पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मोहम्मद फरूकुल की पहचान कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जिसको परेशान किया गया, वे थर्ड जेंडर समुदाय से है। इस मामले को लेकर एएसपी अबुल कलाम ने कहा कि कभी-कभी थर्ड जेंडर व्यक्ति समुद्र तट पर आते हैं, जिससे कुछ लोग नाराज़ हो जाते हैं। वहीं, इस मामले पर स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, मोहम्मद फरूकुल पिछले कुछ दिनों से खुद को स्टूडेंट अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन का “को-ऑर्डिनेटर” बताकर समुद्र तट क्षेत्र में सक्रिय था, यह वही छात्र संगठन है, जिसने शेख हसीना सरकार गिराने वाले छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।”
पिछली पड़ताल के वक्त सर्च करने पर हमें बांग्ला ट्रिब्यून और बीएसएस न्यूज की वेबसाइट पर 14 सितंबर 2024 को इसी मामले से जुड़ी खबर मिली। खबर में बताया गया, महिला ने कॉक्स बाजार सदर पुलिस स्टेशन में 5-6 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। और इस मामले में दो लोगों की पहचान करते हुए पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार भी किया है।
विश्वास न्यूज ने दिसंबर 2024 की पड़ताल के वक्त बांग्लादेश स्थित फैक्ट चेकिंग वेबसाइट रूमर स्कैनर के सह-संस्थापक मोहम्मद सकीजुमन से संपर्क किया था। उन्होंने हमें बताया था कि यह वीडियो किसी महिला का नहीं, बल्कि एक मुस्लिम ट्रांसजेंडर का है। पीड़िता ने पुलिस में मामले की शिकायत भी दर्ज कारवाई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक शख्स को गिरफ्तार भी किया था।
विश्वास न्यूज की पिछली पड़ताल को विस्तार से यहां पढ़ा जा सकता है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक पेज ओनली हिन्दू न्यूज की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि इस पेज को 96 हजार लोग फॉलो करते हैं। वहीं, इस पेज पर विचारधारा प्रेरित पोस्ट शेयर की जाती हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा फर्जी पाया गया। वीडियो में दिख रही महिला मुस्लिम थर्ड जेंडर है। घटना सितंबर 2024 की है। मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद बांग्लादेश पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार भी किया था।
- Claim Review : बांग्लादेश में हिजाब न पहनने पर एक ईसाई लड़की को सजा के तौर पर उठक-बैठक करवाई गई।
- Claimed By : फेसबुक पेज ओनली हिन्दू न्यूज
- Fact Check : झूठ
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