X

Fact Check: न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट द्वारा मानव मांस परोसने वाली खबर फर्जी है

नई दिल्ली विश्वा्स न्यूज। सोशल मीडिया पर आज कल एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें लिखा है, “लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद न्यूयॉर्क शहर के स्किन रेस्त्रां को मानव मांस परोसने की इजाज़त मिल गई है।” पोस्ट के साथ तीन तस्वीरें भी हैं जिसमें मानव अंग, जैसे हाथ, पैर, हुक से टंगे हुए देखे जा सकते हैं। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट में मानव मांस परोसने वाला दावा गलत है। असल में यह दावा एक व्यंग्य वेबसाइट की एक पुरानी खबर से उठाया गया है जहां खबर को एक व्यंग्य के रूप में ही लिखा गया था। वायरल पोस्ट में शेयर की गई तस्वीरें भी असली मानव अंगों की नहीं हैं। 2012 में एक वीडियो गेम के प्रमोशन के लिए एक आर्टिस्ट ने इन मानव अंगों जैसी दिखने वाली कलाकृतियों को अपने हाथों से बनाया था।

CLAIM

वायरल पोस्ट में तीन तस्वीरें हैं जिसमें मानव अंगों को एक हुक के साथ टंगा हुआ देखा जा सकता है। पोस्ट के साथ डिस्क्रिप्शन में लिखा है, “मानव मांस परोसने वाला पहला रेस्त्रां। लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद न्यूयॉर्क शहर के स्किन रेस्त्रां को मानव मांस परोसने की इजाज़त मिल गई है। रेस्त्रां के शेफ मारियो डॉर्सी के मुताबिक, इसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी की है। ग्राहकों को लिखित में बताया जाएगा कि रेस्त्रां के बर्तन मानव मांस पकाने में प्रयुक्त होते हैं। इसलिए जिसे ज्यादा परहेज हो वह न आए। मानव मांस की आपूर्ति उन लोगों से होगी जो अपनी देह इस काम के लिए दान करेंगे। देहदान के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और दानकर्ता को बताया जाएगा कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनका मांस पकाकर खिलाया जाएगा।”

FACT CHECK

इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इन तीनों तस्वीरों के स्क्रीनशॉट लिए और इन्हें अलग-अलग गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। पहली तस्वीर हमें buzzfeed न्यूज़ वेबसाइट पर मिली। खबर के अनुसार यह 2012 की बात है जब रेजिडेंट इविल 6 नाम के एक वीडियो गेम के प्रमोशन के लिए न्यूयॉर्क में शैरन बेकर नाम की एक आर्टिस्ट ने अपने हाथों से मानव अंगों जैसे दिखने वाली कलाकृतियां बनायीं थीं।

दूसरी तस्वीर भी इसी प्रमोशन इवेंट के लिए शैरन बेकर द्वारा ही बनायीं गयी थी।

तीसरी तस्वीर हमें texin.biz नाम की वेबसाइट पर मिली। यह तस्वीर चीन के गुआंग्डोंग प्रांत की एक बेकरी की हैं जहां मानव अंग जैसे दिखने वाली ब्रेड बनायी जाती है।

ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने शैरन बेकर से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया ‘तस्वीरों में दिख रहे मानव अंग असली नहीं हैं। इन्हे मैंने और मेरी टीम ने कुछ वर्ष पहले एक प्रमोशन एक्टिविटी के लिए बनाया था।’

वायरल पोस्ट के डिस्क्रिप्शन में किए गए दावे में लिखा है कि यह मानव मांस न्यूयॉर्क शहर के स्किन रेस्टोरेंट में परोसा जा रहा है। हमने गूगल पर सही कीवर्ड्स ((New York+Human Flesh+Skin Restaurant) के साथ ढूंढा तो हमारे सामने empirenews.net की एक खबर लगी जहाँ इस क्लेम को सबसे पहले पोस्ट किया गया था।

हमने empirenews.net के अबाउट अस सेक्शन को खोला तो उसमें साफ़ लिखा था “एम्पायर न्यूज केवल मनोरंजन के उद्देश्य से है। हमारी वेबसाइट और सोशल मीडिया सामग्री केवल पैरोडी या व्यंग्य है।”

हमने गूगल पर सर्च किया कि क्या कोई रेस्टोरेंट मानव अंग परोसता है? काफी देर ढूंढ़ने पर भी हमें दुनिया में कोई ऐसा रेस्टोरेंट नहीं मिला जो खुले तौर पर मानव मांस बेचने का दावा करता हो।

इस पोस्ट को कई लोग शेयर कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है पंकज ठाकुर नाम का फेसबुक प्रोफाइल। इस यूजर ने यह पोस्ट नवंबर 22 को शेयर की थी। इस प्रोफाइल इन्फो के अनुसार, यह यूजर शिमला के रहने वाले हैं।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट में मानव मांस परोसने वाला दावा गलत है। असल में यह दावा एक व्यंग्य वेबसाइट की एक पुरानी खबर से उठाया गया है, जहां खबर को एक व्यंग्य के रूप में ही लिखा गया था। वायरल पोस्ट में शेयर की गई तस्वीरें भी असली मानव अंगों की नहीं हैं। 2012 में एक वीडियो गेम के प्रमोशन के लिए एक आर्टिस्ट ने इन मानव अंगों जैसी दिखने वाली कलाकृतियों को अपने हाथों से बनाया था।

  • Claim Review : लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद न्यू यॉर्क शहर के स्किन रेस्त्रां को मानव मांस परोसने की इजाज़त मिल गई है
  • Claimed By : Pankaj Thakur
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
  • True
  • Misleading
  • False
जानिए सच्‍ची और झूठी सबरों का सच क्विज खेलिए और सीखिए स्‍टोरी फैक्‍ट चेक करने के तरीके क्विज खेले

पूरा सच जानें...

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी खबर पर संदेह है जिसका असर आप, समाज और देश पर हो सकता है तो हमें बताएं। हमें यहां जानकारी भेज सकते हैं। हमें contact@vishvasnews.com पर ईमेल कर सकते हैं। इसके साथ ही वॅाट्सऐप (नंबर – 9205270923) के माध्‍यम से भी सूचना दे सकते हैं।

टैग्स

संबंधित लेख

Post saved! You can read it later