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Fact Check: इजरायल में जॉब फेयर के विरोध का पुराना वीडियो ईरान से युद्ध के ​खिलाफ प्रदर्शन के दावे से वायरल

इजरायल में सितंबर 2024 में जॉब फेयर के एक कार्यक्रम के विरोध के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को पीटा था। उस वीडियो को अब मौजूदा युद्ध से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रही जंग के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिस प्रदर्शनकारियों को पीटती हुई दिख रही है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि इजरायल में जब लोगों ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध का विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें पीटा।

विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि यह वीडियो सितंबर 2024 का है, जब इजरायल में कुछ लोगों ने एक जॉब फेयर (रोजगार मेला) का विरोध किया था। प्रदर्शनकारियों को पीटने वाले पुलिस अधिकारियों से तब पूछताछ की गई थी। इस वीडियो का अमेरिका-इजरायल और ईरान के मौजूदा युद्ध से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट?

इंस्टाग्राम यूजर ‘adam_shena_001’ ने 19 मार्च 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “इजराइली को इसरालियों के द्वारा बड़ी बेरहमी से कुटा गया, जिसकी कुटाई हो रही है वो ये चाहते है कि iran लड़ना बंद करो और हमे चैन से जीने दो और इसकी कोई नहीं रहा है ऊपर से कुटाई अलग हो रही है अपनो के ही हाथों (pawer of Iran)”।

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम्स निकालकर उसे चेक किया। इजरायल की मीडिया ‘चैनल 10’ की वेबसाइट पर 26 सितंबर 2024 को छपी खबर में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को अपलोड किया गया है। खबर के अनुसार, “बेत शेमेश में एक जॉब फेयर के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों को, प्रदर्शनकारियों को लाठियों से पीटते हुए फिल्माया गया था। इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों से पुलिस जांच विभाग की जांच शाखा में पूछताछ की गई। उन दोनों पर, प्रदर्शनकारियों पर गैर-कानूनी रूप से हमला करने का संदेह था। प्रदर्शनकारियों ने जॉब फेयर के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम उनकी पसंद के अनुरूप नहीं था।” रिपोर्ट में वायरल वीडियो भी देखा जा सकता है।

इजरायल की एक और वेबसाइट ‘मको’ पर 24 सितंबर 2024 को छपी रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो को देखा जा सकता है। इसके अनुसार, “बेत शेमेश में ‘खिवुन’ करियर गाइडेंस सेंटर द्वारा आयोजित एक मेले को बाधित करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिसबल ने भारी बल प्रयोग करते हुए रोक दिया। घटनास्थल से सामने आए फुटेज में पुलिस अधिकारियों को लोगों पर लाठियों से हमला करते हुए देखा जा सकता है। पुलिस जांच विभाग ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।”

इस बारे में हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो करीब दो साल पुराना है। इसका अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे मौजूदा युद्ध से कोई वास्ता नहीं है।

क्या है संदर्भ?

‘ग्लोबल कॉनफ्लिक्ट ट्रैकर’ की वेबसाइट पर 13 मार्च 2026 को अपडेट की गई जानकारी के अनुसार, “28 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया। बड़े पैमाने पर किए गए इन हमलों में ईरान की सैन्य संपत्तियों और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। हिज्बुल्ला द्वारा ईरान के समर्थन में इजरायल पर रॉकेट दागे जाने के बाद, इजरायल ने भी लेबनान में अपने हवाई हमले तेज कर दिए।”

वीडियो को गलत दावे से पोस्ट करने वाले इंस्टाग्राम यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। मार्च 2026 में बना यह अकाउंट एक खास विचारधारा से प्रेरित है।

निष्कर्ष: इजरायल में सितंबर 2024 में जॉब फेयर के एक कार्यक्रम के विरोध के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को पीटा था। उस वीडियो को अब मौजूदा युद्ध से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

  • Claim Review : इजरायल में जब लोगों ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध का विरोध किया तो पुलिस ने उनको पीटा।
  • Claimed By : Instagram User- adam_shena_001
  • Fact Check : झूठ

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