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Fact Check: बांग्लादेश में हुए इज्तिमा का वीडियो फर्जी दावे के साथ असम के हवाले से वायरल

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि धार्मिक सम्मलेन इज्तिमा के इस वीडियो का भारत या असम से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश का है। बांग्लादेश के वीडियो को फर्जी दावे के साथ दुष्प्रचार की मंशा से फैलाया जा रहा है। 

  • By: Umam Noor
  • Published: Dec 16, 2025 at 04:45 PM
  • Updated: Dec 16, 2025 at 04:47 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर मुसलमानों का धार्मिक सम्मलेन इज्तिमा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में बड़ी तादाद में लोग कुर्ता- पायजाा और टोपी पहने हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को मुस्लिम समुदाय की आबादी पर निशाना साधते हुए दावा किया जा रहा कि यह वीडियो असम का है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि धार्मिक सम्मेलन इज्तिमा के इस वीडियो का भारत या असम से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश का है। बांग्लादेश के वीडियो को फर्जी दावे के साथ दुष्प्रचार की मंशा से फैलाया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक पेज पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ हिंदू शेर ने 8 दिसंबर को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “ये असम से कल का नजारा है 2047 की क्या तस्वीर होगी ये विचार करो। सोचो? हम दो, हमारे गिन लो चलता रहा तो हर जगह से ऐसी वीडियो आयेगी!”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की- फ्रेम्स को सर्च किया। सर्च करने पर हमें यह वीडियो NouMuslim Muhammad Raj नाम के एक वेरिफाइड फेसबुक पेज पर अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो को 27 नवंबर को अपलोड किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, “ला इलाहा इल्लल्लाह… अल्लाह की याद में मेन स्टेज पर खड़े होकर मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अंदर से साफ़ और पवित्र हो गया हूँ। हर बार “अल्लाह” कहने पर ऐसा लगा जैसे मेरी रूह पर जमा सारी गंदगी पिघल रही हो।” इस अकाउंट पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह बांग्लादेश के रहने वाले हैं।

वायरल वीडियो और NouMuslim Muhammad Raj के फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किए गए वीडियो में कई समानताएं साफ नजर आती हैं। दोनों वीडियो में मंच की बनावट, ऊंचाई पर बना हुआ बड़ा स्टेज, मंच के सामने मौजूद भीड़, लोगों के कपड़े (सफेद कुर्ता-पायजामा और टोपी), लाइटिंग और कैमरा एंगल तक एक जैसे हैं। इसके अलावा भीड़ की बैठने की व्यवस्था, स्टेज के दाईं ओर दिख रहा साउंड सिस्टम और वीडियो में नजर आ रहे कुछ चेहरे भी दोनों क्लिप्स में समान नजर आये। 

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें जामिया तालिमिया मदरसा ढाका के फेसबुक अकाउंट पर भी 27 नवम्बर 2025 को इस महफिल की कुछ तस्वीरें पोस्ट की हुई मिलीं। यह 27 नवम्बर 2025 को बांग्लादेश के चरमोई में हुए इज्तिमा की फोटोज हैं।

इस मामले का न्यूज सर्च किए जाने पर हमें डेली कंट्री टुडे नाम की न्यूज वेबसाइट पर 27 नवम्बर 2025 को छपी खबर मिली। दी गई जानकारी के अनुसार, चर्मोनाई में तीन दिवसीय धार्मिक महफिल का आयोजन किया गया, जिसमें पीर साहब चर्मोनाई ने इस्लामी जीवन पद्धति और आत्मशुद्धि जैसी बातों का जिक्र किया।

अब बारी थी वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि की। हमने इसकी पुष्टि के लिए बांग्लादेश के सीनियर पत्रकार सदिकुर रहमान से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो बांग्लादेश के चारमोनाई, बरीशाल जिले का है।

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक पेज पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ हिंदू शेर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि इस पेज को एक लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि धार्मिक सम्मलेन इज्तिमा के इस वीडियो का भारत या असम से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश का है। बांग्लादेश के वीडियो को फर्जी दावे के साथ दुष्प्रचार की मंशा से फैलाया जा रहा है। 

  • Claim Review : यह वीडियो असम का है।
  • Claimed By : फेसबुक पेज पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ हिंदू शेर
  • Fact Check : झूठ

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