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Fact Check : जनाजे को कंधा देते पाक पीएम व सेना प्रमुख की वायरल तस्‍वीर 2024 की है, अभी की नहीं

विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर का ऑपरेशन सिन्दूर से कोई लेना- देना नहीं है। यह फोटो नवंबर 2024 की है, जब सुरक्षाकर्मी के जनाजे में शहबाज  शरीफ और असीम मुनीर शामिल हुए थे।

  • By: Umam Noor
  • Published: May 14, 2025 at 01:42 PM
  • Updated: May 14, 2025 at 04:19 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़)। ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के तहत हुई सैन्य कार्रवाई में कई आतंकवादी मारे गए हैं। वहीं, सोशल मीडिया और न्यूज़ वेबसाइट पर आतंकियों के जनाजे की नमाज़ पढ़ाये जाने की तस्वीर वायरल हैं। इसी बीच एक तस्वीर और भी शेयर की जा रही है, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर को एक ताबूत को उठाकर ले जाते हुए देखा सकता है। यूजर इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह तस्वीर ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ में मारे गए आतंकी के जनाजे की है।

विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर का ऑपरेशन सिन्दूर से कोई लेना- देना नहीं है। यह फोटो नवंबर 2024 की है, जब सुरक्षाकर्मी के जनाजे में शहबाज  शरीफ और असीम मुनीर शामिल हुए थे।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ने वायरल पोस्ट को 12 मई 2025 को पोस्ट करते हुए लिखा, ”आज की सबसे बेहतरीन तस्वीर ऐसा तस्वीर हम रोज देखना चाहते हैं। अंदाजा लगाइए कि इस ताबूत में कौन होगा।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल फोटो को सर्च किया। सर्च किये जाने पर हमें यह तस्वीर आज टीवी की वेबसाइट पर एक खबर के साथ मिली। 26 नवंबर 2024 की इस खबर के अनुसार, “विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए सुरक्षाकर्मियों की जनाजे की नमाज में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप प्रधानमंत्री इशाक डार, गृह मंत्री मोहसिन नकवी, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार, सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर शामिल रहे।”

इसी बुनियाद पर सर्च किये जाने पर हमें डॉन न्यूज़ की वेबसाइट पर भी इसी मामले से जुड़ी खबर मिली। 27 नवंबर 2024 की खबर में बताया गया, “सियालकोट रेंजर्स के तीन जवानों की सड़क हादसे में मौत हो गई, जिसे कुछ लोग हिट-एंड-रन मान रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह PTI प्रदर्शनकारियों की हिंसा का नतीजा था, जबकि विपक्ष इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना बता रहा है। पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी गाड़ी अंधेरे में सिग्नल पर खड़े जवानों से टकरा गई थी। मृतक जवानों के नाम नायक मोहम्मद रमजान, सिपाही गुलफाम खान और सिपाही शहनवाज हैं। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनिर ने शहीद जवानों के अंतिम संस्कार में शिरकत की।” पूरी खबर यहां पढ़ी जा सकती है।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल के दौरान पाकिस्‍तान के पत्रकार नवीद अकबर से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्‍ट को शेयर किया। उन्‍होंने ‘आज टीवी’ पर इस मामले को लेकर खबर लिखी थी। उन्‍होंने विश्‍वास न्‍यूज को बताया, “वायरल हो रही तस्‍वीर पुरानी है। वर्ष 2024 में सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई थी।”

हिंदुस्तान टाइम्स की 12 मई 2025 की खबर में एएनआई के हवाले से बताया गया, 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की कार्रवाई में मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों में पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे।

दैनिक जागरण की इस मामले में 12 मई 2025 की खबर के अनुसार, “भारत की ओर से किए गए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में मारे गए आतंकियों की नमाज-ए-जनाजा की अगुआई करने वाले हाफिज अब्दुर रऊफ को लेकर सवाल उठे तो पाकिस्तान ने उसे “मामूली पारिवारिक आदमी” बताया है, लेकिन भारत ने इसे झूठा प्रचार बताया है। भारत की ओर से जारी तस्वीरों में देखा जा सकता है कि रऊफ के पीछे पाकिस्तानी फौज के कई आला अफसर खड़े हैं और शहीद का दर्जा देकर पाकिस्तान का झंडा चढ़ाए गए ताबूत दिख रहे हैं। भारत का कहना है कि इससे साफ होता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को संस्थागत समर्थन देता है।”

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की 12 मई को छपी खबर में एएनआई के हवाले से बताया गया, “भारतीय अधिकारियों के अनुसार, मुरीदके में मारे गए आतंकवादियों के जनाजे का नेतृत्व लश्कर कमांडर अब्दुल रऊफ ने किया, जिसे अमेरिका ने विशेष रूप से वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है। इस जनाजे में वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी और पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक मौजूद थे। उपस्थित लोगों में लेफ्टिनेंट जनरल फैयाज हुसैन, मेजर जनरल राव इमरान, प्रशासन से ब्रिगेडियर मोहम्मद फुरकान, पाकिस्तान पंजाब के विधायक उस्मान अनवर और मलिक सोहैब अहमद शामिल थे।”

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक पेज ‘बजरंग दल’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि इस पेज को 36 हजार लोग फॉलो करते हैं। इस पेज से विचारधारा प्रेरित पोस्ट शेयर की जाती हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर का ऑपरेशन सिन्दूर से कोई लेना- देना नहीं है। यह फोटो नवंबर 2024 की है, जब सुरक्षाकर्मी के जनाजे में शहबाज  शरीफ और असीम मुनीर शामिल हुए थे।

  • Claim Review : यह तस्वीर 'ऑपरेशन सिन्दूर' में मारे गए आतंकी के जनाजे की है।
  • Claimed By : FB Page- बजरंग दल
  • Fact Check : झूठ

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