Fact Check: ज्ञानवापी मामले के याचिकाकर्ता हरिहर पांडे की मृत्यु 2023 में हुई, वायरल दावा भ्रामक है
'आदि विश्वेश्वर मंदिर' परिसर से ज्ञानवापी मस्जिद को हटाए जाने की मांग को लेकर अदालत में मुकदमा करने वाले तीन याचिकाकर्ताओं में से एक हरिहर पांडे की मृत्यु 2023 में हो गई थी। उनकी मृत्यु को लेकर वायरल पोस्ट में जिस व्यक्ति की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, वह वाराणसी के दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की तस्वीर है, जिनकी हाल ही में मृत्यु हुई है। पांडे की मृत्यु को लेकर वायरल पोस्ट समुदाय विशेष के यूजर्स की तरफ से तंज कसते हुए की जा रही है कि ज्ञानवापी सिविल मुकदमे में पांडे भी अन्य याचिकाकर्ताओं की तरह मुकदमे का फैसला आने से पहले ही गुजर गए।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Dec 9, 2024 at 05:53 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक वकील की तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह फोटो ज्ञानवापी मामले में याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता हरिहर पांडे की है, जो इस मामले में फैसला आने के पहले ही गुजर गए। समुदाय विशेष के यूजर्स तंज मारते हुए इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं कि हरिहर पांडे समेत इस मामले के तीनों याचिकाकर्ताओं की इस मामले में फैसला आने के पहले ही देहांत हो गया।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। हरिहर पांडेय की मृत्यु दिसंबर 2023 में हो चुकी है और वे ‘आदि विश्वेश्वर मंदिर’ भूमि से ज्ञानवापी मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर याचिका दायर करने वाले तीन याचिकाकर्ताओं में से एक थे, जिनमें से दो याचिकाकर्ताओं की मृत्यु पहले हो चुकी है। साथ ही वायरल पोस्ट में इस दावे के साथ शेयर की गई तस्वीर किसी अन्य वकील की है, न कि हरिहर पांडे की।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Md Raqib’ ने वायरल तस्वीर (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “बस दुख इस बात की है भाईजान आप भी बिना हिन्दू राष्ट्र देखे ही राम गोपाल भईया के पास चले गए!! ज्ञानवापी मस्जिद की जिसने पेटिशन फाइल की थी, वो भैय्या हरिहर पांडे बिना अपना सपना पूरा किये ही अलविदा के गए #दुःखद.. समाचार । परिवार को सब्र और गलत कामो से रोकने हिदायत दे । ज्ञानवापी परिसर मामले के याचिकाकर्ता हरिहर पांडेय का रविवार को सुबह बीएचयू में निधन हों गया. तीन याचिकाकर्ताओ में से पहले ही दो याचिकाकर्ता सोमनाथ व्यास और रामनारायण शर्मा की मौत हो चुकी है R G।”

कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल पोस्ट में किए गए दावे की सच्चाई के लिए हमने की-वर्ड सर्च की मदद ली और सर्च में हमें इंडिया टुडे की 11 दिसंबर 2023 की रिपोर्ट मिली, जिसमें 1991 की ज्ञानवापी याचिका को दायर करने वाले तीन याचिकाकर्ताओं में से एक हरिहर पांडे की मृत्यु का जिक्र है।
रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, “1991 के ज्ञानवापी सिविल मुकदमे में याचिकाकर्ताओं में से एक, हरिहर पांडे का रविवार को बीएचयू अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। 77 वर्षीय पांडे 1991 के मुकदमे (610/1991) में तीन वादी में से एक थे, जिसमें “आदि विश्वेश्वर मंदिर” भूमि से ज्ञानवापी मस्जिद को हटाने और काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी भूमि की बहाली की मांग की गई थी।” रिपोर्ट के मुताबिक, हरिहर पांडे काशी ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन को शुरुआत करने वाले लोगों में से एक रहे हैं।
कई अन्य रिपोर्ट्स में भी उनकी मृत्यु का जिक्र है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट में उनकी तस्वीर भी है, जो वायरल पोस्ट में नजर आ रहे वकील से बिलकुल अलग है। इसके बाद हमने वायरल पोस्ट में मौजूद तस्वीर को चेक किया। रिवर्स इमेज सर्च में हमें यह तस्वीर अमर उजाला की दो दिसंबर 2024 की रिपोर्ट में लगी मिली, जिसके मुताबिक, यह दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की तस्वीर है।

रिपोर्ट के मुताबिक, “दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की मौत के बाद उनके पिता ने हत्या की आशंका जताई है। इसके साथ ही चौबेपुर थाने में नामजद तहरीर भी दी है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है।”
कई अन्य रिपोर्ट्स में भी इस तस्वीर का इस्तेमाल समान संदर्भ में किया गया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह की हत्या की आंशका को लेकर उनके पिता ने चौबेपुर थाने में नामजद तहरीर दी है। इसलिए हमने चौबेपुर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। पुलिस स्टेशन प्रभारी जगदीश कुशवाहा ने पुष्टि करते हुए बताया, “यह तस्वीर दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की है और उनके परिवार ने इस मामले में हत्या की आशंका को लेकर शिकायत की है।”
वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर छह हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। हालिया संपन्न विधानसभा चुनाव और अन्य उप-चुनावों से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट को विश्वास न्यूज के चुनाव सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: ‘आदि विश्वेश्वर मंदिर’ परिसर से ज्ञानवापी मस्जिद को हटाए जाने की मांग को लेकर अदालत में मुकदमा करने वाले तीन याचिकाकर्ताओं में से एक हरिहर पांडे की मृत्यु 2023 में हो गई थी। उनकी मृत्यु को लेकर वायरल पोस्ट में जिस व्यक्ति की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, वह वाराणसी के दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की तस्वीर है, जिनकी हाल ही में मृत्यु हुई है। पांडे की मृत्यु को लेकर वायरल पोस्ट समुदाय विशेष के यूजर्स की तरफ से तंज कसते हुए की जा रही है कि ज्ञानवापी सिविल मुकदमे में पांडे भी अन्य याचिकाकर्ताओं की तरह मुकदमे का फैसला आने से पहले ही गुजर गए।
- Claim Review : ज्ञानवापी मुकदमे के याचिकाकर्ता हरिहर पांडे का निधन।
- Claimed By : FB User-Md Raqib
- Fact Check : भ्रामक
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