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Fact Check : महाकुंभ के अस्‍पताल में नहीं लगी आग, मॉक ड्रिल का वीडियो झूठ दावे के साथ वायरल

मॉक ड्रिल के वीडियो को असली घटना बताकर झूठ फैलाया जा रहा है। 27 दिसंबर 2024 को महाकुंभ मेला क्षेत्र में यह मॉक ड्रिल हुई थी।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। यूपी के प्रयागराज में महाकुंभ के पहले अमृत स्नान (14 जनवरी) पर 3.5 करोड़ से ज्‍यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र के अस्पताल में भीषण आग लग गई। जिसके कारण आठ लोग घायल हो गए।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। पता चला कि मॉक ड्रिल के वीडियो को असली घटना बताकर झूठ फैलाया जा रहा है। 27 दिसंबर 2024 को महाकुंभ मेला क्षेत्र में यह मॉक ड्रिल हुई थी।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर कैलाश मौर्य ने 14 जनवरी को एक वीडियो अपलोड करते हुए दावा किया, “महाकुंभ मेला क्षेत्र के अस्पताल में लगी भीषण आग।”

डेढ़ मिनट के इस वीडियो के ऊपर लिखा गया कि महाकुंभ मेला क्षेत्र के हॉस्पिटल में लगी भीषण आग, 8 लोग हताहत।

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे कई अन्य यूजर्स ने समान दावे के साथ शेयर किया है। वायरल पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल की मदद ली। यदि महाकुंभ में आग लगती, तो यह घटना मीडिया की सुर्खियां जरूर बनती। हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके।

सर्च के दौरान हमें यूपी पुलिस फैक्‍ट चेक के एक्‍स हैंडल पर एक पोस्‍ट मिली। 13 जनवरी की इस पोस्‍ट में वायरल वीडियो के साथ किए गए दावे को फेक बताते हुए लिखा गया, “कुम्भ मेला क्षेत्र में @fireserviceup द्वारा की गई मॉक ड्रिल के वीडियो को वास्तविक बताकर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध @kumbhMelaPolUP द्वारा FIR पंजीकृत करके वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। कृपया तथ्यों को सत्यापित किये बिना सोशल मीडिया पर कोई भ्रामक पोस्ट न करें।”

इसी तरह फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, यूपी के एक्‍स हैंडल पर भी हमें एक पोस्‍ट मिली। इसमें वायरल वीडियो को लेकर बताया गया कि महाकुंभ के विशाल आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। पोस्‍ट में यह भी लिखा गया कि यह दिनांक 27 दिसंबर 2024 को की गई मॉक ड्रिल का वीडियो है। भ्रामक तथ्यों के आधार पर अफवाह न फैलाएं।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, प्रयागराज के संस्‍करण को स्‍कैन करना शुरू किया। 28 दिसंबर 2024 के ईपेपर में हमें मॉक ड्रिल से जुड़ी खबर मिली। इस न्‍यूज में बताया गया, “महाकुंभ मेला में आग की दुर्घटनाओं से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए अग्निशमन विभाग ने मेला क्षेत्र में माक ड्रिल किया। कंट्रोल रूम पर केंद्रीय चिकित्सालय, सेक्टर, संगम नोज, नागवासुकि क्षेत्र में आग की सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची और रेस्क्यू आपरेशन चलाया। आग पर काबू पाने के साथ ही चिकित्सालय में फंसे मरीजों को सकुशल बाहर निकाला। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी की अध्यक्षता में पुलिस महानिदेशक अग्निशमन अविनाश चंद्र, अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, एसएसपी मेला राजेश द्विवेदी के निर्देश पर डिप्टी डायरेक्टर अमन शर्मा, सीएफओ महाकुंभ मेला प्रमोद शर्मा और डा. आरके पांडेय के देखरेख में क्षेत्र में माक ड्रिल हुआ।”

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच के दौरान दैनिक जागरण, प्रयागराज के संपादकीय प्रभारी राकेश पांडेय से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्‍ट को साझा किया। उन्‍होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो महाकुंभ क्षेत्र में हुई एक मॉक ड्रिल का है। यहां आग लगने की कोई वास्तविक घटना नहीं हुई है।

45 दिन का महाकुंभ

प्रयागराज में पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) से शुरू हुए 45 दिवसीय महाकुंभ के लिए देश-दुनिया से लोग जुट रहे हैं। गंगा, यमुना और अदश्‍य सरस्‍वती के तट यानी त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का हुजूम ही हुजूम है। पहले 2 दिनों में 5 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। मकर संक्रांति के दिन पहले अमृत स्नान पर 3.5 करोड़ से ज्‍यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि महाकुंभ के अस्‍पताल में आग लगने का दावा झूठा है। मॉक ड्रिल के वीडियो को असली घटना समझकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। यह मॉक ड्रिल 27 दिसंबर 2024 को हुई थी।

  • Claim Review : महाकुंभ मेला क्षेत्र के अस्पताल में लगी भीषण आग
  • Claimed By : FB User Kailash Maurya
  • Fact Check : झूठ

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