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Fact Check: 1 अप्रैल 2025 से UPI बंद होने का दावा FAKE, नए दिशानिर्देश बंद मोबाइल नंबर्स को हटाने से संबंधित है

एक अप्रैल 2025 से यूपीआई को बंद किए जाने का दावा गलत और मनगढ़ंत है। एनपीसीआई ने यूपीआई सेवा को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशानिर्देशों को जारी किया है, जो एक अप्रैल से प्रभावी होंगे और इन दिशानिर्देशों के तहत बैंकों को अब नियमित रूप से बंद हो चुके मोबाइल नंबर्स या फिर नए यूजर्स को आवंटित किए जा चुके नंबर को हटाते हुए सिस्टम को अपडेट करना होगा।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की तरफ से यूपीआई लेनदेन को लेकर जारी नए दिशानिर्देशों के संदर्भ में सोशल मीडिया यूजर्स एक पोस्ट को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि एक अप्रैल 2025 यानी अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से सभी बैंक यूपीआई की सेवा को बंद करने जा रहे हैं। यानी एक अप्रैल 2025 से उपभोक्ता यूपीआई सेवा का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। एक अप्रैल 2025 से यूपीआई लेनदेन में कोई बदलाव नहीं होगा और उपभोक्ता इस सेवा का इस्तेमाल पहले की ही तरह करते रहेंगे। हालांकि, उपभोक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसके मुताबिक बैंकों को अब नियमित रूप से उन मोबाइल नंबर्स को हटाना होगा, जो बंद हो चुके हैं या वे नंबर नए यूजर्स को आवंटित कर दिए गए हैं। एनपीसीआई का यह दिशानिर्देश यूपीआई लेनदेन में होने वाली चूक को रोकने में मददगार साबित होगा।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Saurav Kumar’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “UPI को सभी बैंक बंद करने जा रहा है 1 अप्रैल 2025 से लागू।”

सोशल मीडिया पर फेक दावे के साथ वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट।

कई अन्य यूजर्स ने इसे समान संदर्भ में समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

फरवरी 25 में यूपीआई के जरिए करीब 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ, जिससे इस सेवा की अहमियत और व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का संचालन करती है और फरवरी 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 652 बैंक इस इंटरफेस पर लाइव हैं, यानी अपने ग्राहकों को इसका लाभ दे रहे हैं।

ऐसे में इस सेवा का बंद होना अपने आप में बड़ी खबर होती,लेकिन न्यूज रिपोर्ट्स में हमें ऐसी कई सूचना नहीं मिली, जिसमें नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से यूपीआई को बंद किए जाने का जिक्र हो। न ही एनपीसीआई की वेबसाइट पर हमें ऐसी कोई सूचना मिली, जिसमें इस सेवा को बंद किए जाने की सूचना हो।

हालांकि, सर्च में ऐसी कई रिपोर्ट्स मिली, जिसमें एनपीसीआई की तरफ से बैंकों को नए दिशानिर्देश दिए जाने का जिक्र है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, “एनपीसीआई ने यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो एक अप्रैल 2025 से लागू होंगे। इन नियमों के तहत बैंकों को नियमित रूप से उन मोबाइल नंबर्स को हटाना होगा, जो बंद हो चुके हैं या नए यूजर्स को फिर से असाइन कर दिए गए हैं।”

एनपीसीआई की वेबसाइट पर यह सर्कुलर मौजूद है, जिसके मुताबिक, इस दिशानिर्देश को 31 मार्च 2025 तक लागू करने के लिए कहा गया है।

एनपीसीआई की तरफ से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बैंकों और भुगतान सेवा मुहैया कराने वाली संस्थाओं को अपनी सूची को अपडेट करना होगा और उन नंबरों को हटाना होगा जो डिस्कनेक्ट हो चुके हैं या सरेंडर हो चुके हैं।

अब एक अप्रैल 2025 से सभी बैंकों को एनपीसीआई को मासिक रिपोर्ट देनी होगी और इस रिपोर्ट में कुल यूपीआई आईडी, एक्टिव यूजर्स, महीने में किया गया कुल ट्रांजैक्शंस समेत अन्य जानकारियां शामिल होंगी।

एनपीसीआई के डेटा के मुताबिक, फरवरी 2025 में इस कुल 652 बैंक यूपीआई सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं और इस महीने में यूपीआई के जरिए करीब 22 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।

एनपीसीआई के मुताबिक, फरवरी 2025 में इस कुल 652 बैंक यूपीआई सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं और इस महीने में यूपीआई के जरिए करीब 22 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।

बताते चलें कि यूपीआई की शुरुआत एनपीसीआई के 21 सदस्य बैंकों के साथ एक पायलट लॉन्च के साथ हुई थी। यह लॉन्च 11 अप्रैल 2016 को मुंबई में आरबीआई के तत्कालीन गवर्नर डॉ. रघुराम जी राजन के नेतृत्व में हुआ था और आज के समय में यह इंटरबैंक लेनदेन का महत्वपूर्ण सिस्टम बन चुका है।

वायरल दावे को लेकर हमने बिजनेस स्टैंडर्ड के डिप्टी न्यूज एडिटर नीलकमल सुंदरम से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यूपीआई सेवा पहले की ही तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यूपीआई को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए एनपीसीआई की तरफ से ऐसे दिशानिर्देश जारी किए जाते रहे हैं।

इसे लेकर हमने एसबीआई समेत कई अन्य बैंकों के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की टीम से भी संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यूपीआई को बंद किए जाने का दावा गलत है। वायरल दावे को शेयर करने वाले यूजर ने अपनी प्रोफाइल में स्वयं को पटना का निवासी बताया है और वे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं।

निष्कर्ष: एक अप्रैल 2025 से यूपीआई को बंद किए जाने का दावा गलत और मनगढ़ंत है। एनपीसीआई ने यूपीआई सेवा को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशानिर्देशों को जारी किया है, जो एक अप्रैल से प्रभावी होंगे और इन दिशानिर्देशों के तहत बैंकों को अब नियमित रूप से बंद हो चुके मोबाइल नंबर्स या फिर नए यूजर्स को आवंटित किए जा चुके नंबर को हटाते हुए सिस्टम को अपडेट करना होगा।

  • Claim Review : 1 अप्रैल 2025 से बंद हो जाएगी UPI सेवा।
  • Claimed By : FB User-Saurav Kumar
  • Fact Check : झूठ

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