Fact Check: संभल में पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं से फल खरीदने को लेकर हुई थी मारपीट, कोई सांप्रदायिक मामला नहीं
संभल में पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं का फल विक्रेताओं से फल खरीदने को लेकर झगड़ा हुआ था। उसमें दोनों पक्ष एक ही समुदाय के थे। उस घटना के वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Mar 24, 2025 at 05:37 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश का संभल पिछले साल नवंबर में हुई हिंसा के बाद चर्चा में बना हुआ है। संभल से जोड़कर अब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। वीडियो में कुछ लोगों को सड़क पर लड़ते हुए देखा जा सकता है। उनके पीछे एक बस भी खड़ी है। कुछ यूजर्स वीडियो को शेयर कर भड़काऊ दावा कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि संभल में मुस्लिमों ने पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि संभल में पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं का फल विक्रेताओं से झगड़ा हो गया था। इसमें दोनों पक्ष एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वीडियो को गलत सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Rajesh Shivhare ने 24 मार्च को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,
“संभल में फिर … बाहर निकले…माँ पूर्णगिरी जा रही बस पर संभल में हमला
खाने पीने को रुकी बस में बज रहा था भजन, तो भजन को बंद कराने पे अड़े जिहादियों ने…! देवी भक्तों को मार मार के अधमरा किया..उम्मीद है संभल पुलिस तगड़ा जवाब देगी.!“

एक्स यूजर Prabhashkar Saxena ने भी वीडियो को इसी दावे के साथ पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है।
पड़ताल
एक्स यूजर Prabhashkar Saxena की पोस्ट पर संभल पुलिस के एक्स हैंडल से जवाब दिया गया है कि फल खरीदने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। दोनों ही पक्ष हिंदू हैं और दोनों तरफ के 6 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
23 मार्च 2025 को दैनिक जागरण के संभल संस्करण में छपी खबर के अनुसार, नखासा थाना क्षेत्र के गांव मंडली समसपुर गांव से 55 श्रद्धालु बस से उत्तराखंड के पूर्णागिरि मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। कोतवाली थाना क्षेत्र में 21 मार्च की रात को संतरे की खरीद को लेकर श्रद्धालुओं और फल विक्रेता में विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। बवाल होने के बाद श्रद्धालु यात्रा बीच में छोड़ घर वापस चले गए थे। विवाद की शुरुआत श्रद्धालु राजू और फल विक्रेता नीरज में संतरा खरीदने को लेकर हुई थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के छह लोगों नीरज, नरेश, निरंजन, राजू, सुरजीत और संजीव का शांतिभंग में चालान कर दिया।

आजतक की वेबसाइट पर भी इससे संबंधित खबर को देखा जा सकता है।
इस बारे में हमने संभल कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अनुज तोमर से संपर्क किया। उनका कहना है कि दोनों पक्षों में फल खरीदने को लेकर मारपीट हुई थी। इसमें दोनों पक्ष हिंदू थे। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब 1300 फ्रेंड्स हैं।
निष्कर्ष: संभल में पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं का फल विक्रेताओं से फल खरीदने को लेकर झगड़ा हुआ था। उसमें दोनों पक्ष एक ही समुदाय के थे। उस घटना के वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : संभल में मुस्लिमों ने पूर्णागिरी जा रहे श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया।
- Claimed By : FB User- Rajesh Shivhare
- Fact Check : झूठ
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