Fact Check: ओवैसी के वक्फ बिल पास होने पर खुशी मनाए जाने का दावा फेक, वायरल वीडियो JPC बैठक के बाद का है
वक्फ (संशोधन) विधेयक के संसद से पारित होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी के बीजेपी सांसदों के साथ इसकी खुशी मनाए जाने का दावा फेक है। इस दावे से वायरल हो रहा वीडियो इस विधेयक के संसद से पारित होने से कई महीने पहले जेपीसी की मीटिंग के बाद नाश्ते की बैठक के दौरान का है, जब जेपीसी ने इस विधेयक की ड्राफ्ट रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Apr 8, 2025 at 03:08 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक अब कानून बन चुका है। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो क्लिप को शेयर कर रहे हैं, जिसमें इस विधेयक को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के चेयरमैन और इसके सदस्यों को चाय पर हंसी-मजाक करते हुए देखा और सुना जा सकता है, जिसमें वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर मुखर रहे एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी हैं। दावा किया जा रहा है कि ओवैसी बीजेपी सांसदों के साथ इस विधेयक के संसद से पारित होने के बाद खुशी मना रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो इस विधेयक के संसद से दोनों सदनों से पारित होने के कई महीने पूर्व का है, जब वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य मसौदा रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद चाय पर मिले थे। बताते चलें कि ओवैसी ने सदन में इस विधेयक की कॉपी को फाड़ते हुए अपना विरोध जताया था।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Abhi Ghosh’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “*उधर भाजपा ने वक्फ बिल पास करवा दिया* *और इधर ओवैसी भाजपा के नेताओं के साथ बैठकर खाना खा रहा है और ठहाके लगा रहा है**कहीं ओवैसी वक्फ बिल पास होने की खुशी तो नहीं मना रहा?* “
जांच किए जाने तक इस वीडियो क्लिप को 32 हजार से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो क्लिप को समान संदर्भ में शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह वीडियो क्लिप न्यूज एजेंसी पीटीआई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर मिला, जिसे 29 जनवरी को शेयर किया गया है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य मसौदा रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद चाय पर मिलने का है।
कई अन्य न्यूज एजेंसियों ने भी इस वीडियो क्लिप को समान संदर्भ में शेयर किया है।
दो अप्रैल को किरेन रिजिजू ने मुसलमान वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को पेश किया था, जो मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 का संशोधन विधेयक था।
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस विधेयक पर लोकसभा में करीब 12 घंटे से अधिक की चर्चा हुई और फिर इसे सदन ने पारित कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में जहां 288 सदस्यों ने मतदान किया, वहीं इसके खिलाफ 232 मत पड़े।
लोकसभा के बाद अगले दिन चार अप्रैल को राज्यसभा ने भी इस विधेयक को पास कर दिया था।
इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह संशोधन विधेयक अब अधिनियम बन चुका है।
राष्ट्रपति ने 6 अप्रैल को इसे मंजूरी दी। हमें लोकसभा में इस विधेयक पर अपनी बात रखते हुए सांसद असदुद्दीन ओवैसी का भी वीडियो क्लिप मिला, जिसमें उन्होंने इस विधेयक के खिलाफ बोलते हुए इसकी कॉपी को फाड़ दिया था।
हमारी जांच से स्पष्ट है कि वक्फ संशोधन विधेयक (अब कानून) को लोकसभा से तीन अप्रैल को पारित किया गया और फिर अगले दिन इसे राज्यसभा से पारित किया गया। जबकि असदुद्दीन ओवैसी का वीडियो 29 जनवरी का है, जो इस मामले पर गठित जेपीसी की बैठक से संबंधित है।
वायरल वीडियो क्लिप को लेकर हमने संसद को कवर करने वाले पीटीआई-भाषा के पत्रकार दीपक रंजन से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यह वक्फ (संशोधन) विधेयक के संसद से पारित होने के बाद का नहीं, बल्कि जेपीसी की मीटिंग के बाद नाश्ते की बैठक का है।
वक्फ (संशोधन) विधेयक से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: वक्फ (संशोधन) विधेयक के संसद से पारित होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी के बीजेपी सांसदों के साथ इसकी खुशी मनाए जाने का दावा फेक है। इस दावे से वायरल हो रहा वीडियो इस विधेयक के संसद से पारित होने से कई महीने पहले जेपीसी की मीटिंग के बाद नाश्ते की बैठक के दौरान का है, जब जेपीसी ने इस विधेयक की ड्राफ्ट रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।
- Claim Review : वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद बीजेपी सांसदों के साथ खुशी मनाते असदुद्दीन ओवैसी।
- Claimed By : FB User-Abhi Ghosh
- Fact Check : भ्रामक
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












