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Fact Check : बरेली में पकड़े गए पशुओं के अवशेष से भरे ट्रक के मामले को गलत दावे से किया जा रहा वायरल 

पशुओं के पैरों से भरे ट्रक के वीडियो को लेकर किया जा रहा  दावा गलत है। असल में वीडियो दो महीने पुरानी घटना का है। बरेली में नेशनल हाइवे पर पशुओं के पैरों से भरे पिकअप को पकड़ा गया था। पिकअप चालक और उसका साथी मुस्लिम थे। 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक संवेदनशील वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बरेली के फतेहगंज फाटक पर पशुओं के अवशेष से भरा एक पिकअप बरामद हुआ है। पुलिस ने इस मामले में हिंदू युवक को हिरासत में लिया है, जो कि इस ट्रक का चालक था। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वीडियो दो महीने पुरानी घटना का है। बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में नेशनल हाइवे पर पशुओं के अवशेषों से भरे पिकअप को पकड़ा गया था। पिकअप चालक और उसका साथी मुस्लिम थे। 

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘मंसूरी यास्मीन’ ने 9 अप्रैल 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “बरेली के फतेहगंज फाटक पर गाय और भैंस के पायो से भरी एक पिकअप बरामद होने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, पुलिस ने पिकअप चालक सोनू कुमार को हिरासत में लिया …*प्लीज शेयर एंड फॉलो करें।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर फरवरी 2025 को प्रकाशित मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में नेशनल हाइवे पर धनेटा फाटक के पास पशुओं के पैरों की तस्करी का मामला सामने आया। दरअसल, टोल टैक्स बचाने के लिए शाही-शीशगढ़ मार्ग से जा रहे पिकअप हादसे का शिकार हो गया। हादसा देखकर लोग वहां पर इकट्ठा हो गये और जब उन्होंने पिकअप को चेक किया। उसमें पशुओं के कटे पैर थे। फिर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने पिकअप से डेढ़ हजार से अधिक कटे पैर बरामद किए।”

अमर उजाला की वेबसाइट पर 21 फरवरी 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, “हंगामे के बाद रेलवे फाटक पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पिकअप को कब्जे में ले लिया था। इसके बाद थाना प्रभारी और सीओ वहां पहुंचे थे। फिर मीरगंज के पशु चिकित्साधिकारी को बुलाया गया। डॉक्टरों ने कटे पैर के सैंपल सील कर पुलिस को सौंप दिए। विश्व हिंदू महासंघ के जिला उपाध्यक्ष महिपाल गुर्जर की तहरीर पर पुलिस ने बारादरी थाने के हजियापुर खजूर वाली मस्जिद निवासी साजिद हुसैन और जम्मू कश्मीर के जिला राजौरी थाना मंडी निवासी सरफराज अहमद पर पशु क्रूरता की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया। फिर उन्हें जेल भेज दिया गया।”

अधिक जानकारी के लिए हमने एसपी मुकेश मिश्र से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि बरेली से संभल की ओर इंडियन फ्रोजन फूड कंपनी का एक पिकअप जा रहा था, जिसमें पशुओं के कटे हुए पैर बरामद हुए थे। चालक के पास इसके कागज थे। चालक और उसका साथी मुस्लिम थे।  

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पशुओं के पैरों से भरे ट्रक के वीडियो को लेकर किया जा रहा  दावा गलत है। असल में वीडियो दो महीने पुरानी घटना का है। बरेली में नेशनल हाइवे पर पशुओं के पैरों से भरे पिकअप को पकड़ा गया था। पिकअप चालक और उसका साथी मुस्लिम थे। 

  • Claim Review : पशुओं के अवशेषों की तस्करी करते हुए पकड़ा गया एक हिंदू युवक।
  • Claimed By : FB User Mansuri Yasmin
  • Fact Check : भ्रामक

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